शिवराज सिंह चौहानआज लोकसभा में कृषि और किसान कल्याण के मुद्दों पर लंबी चर्चा हुई. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने जवाब में साफ कहा कि मोदी सरकार सिर्फ शासन नहीं चलाती, बल्कि समाज बदलती है, जीवन बदलती है और देश का भविष्य मजबूत बनाती है. उन्होंने बताया कि सरकार किसान के हित, खेती में सुधार, नई तकनीक, सिंचाई, बीमा, प्राकृतिक खेती और डिजिटल खेती पर काम कर रही है.
शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि किसान के नाम पर केवल राजनीतिक नारे और आधे-अधूरे तथ्य काम नहीं आएंगे. असली सवाल यह है कि किसान के लिए जमीन पर क्या काम हुआ, कितना पैसा सीधे उसके खाते में पहुँचा और कौन-कौन सी व्यवस्था बदली. उन्होंने दो टूक कहा कि राजनीति कर सकते हैं, लेकिन किसान के साथ घटिया राजनीति नहीं चलेगी.
मंत्री ने याद दिलाया कि यूपीए सरकार के समय 140 सिंचाई परियोजनाओं में से 99 वर्षों तक अधर में पड़ी थीं. मोदी सरकार ने इन्हें प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत प्राथमिकता दी और 27 लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन को सिंचित करने का काम तेजी से शुरू किया. उन्होंने यह भी बताया कि कैन–बेतवा जैसी नदी जोड़ो परियोजनाएँ मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बाढ़ और सूखे की समस्या का समाधान करेंगी. यह संदेश स्पष्ट था कि मोदी सरकार ने लंबित योजनाओं को पूरा करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रशासनिक क्षमता दिखाई.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों का भला केवल ₹500 या ₹1000 की घोषणा से नहीं होगा. असली सवाल यह है कि बीज, खाद और कीटनाशक की गुणवत्ता अच्छी हो. उन्होंने बताया कि सरकार नया Pesticide Act और Seed Act लाने जा रही है, जिससे किसानों को केवल सुरक्षित और असरदार उत्पाद ही मिलेंगे. उन्होंने कहा कि लगभग 8000 उत्पादों में से सिर्फ 500 ही मानकों पर खरे उतरे हैं, बाकी को अनुमति नहीं दी गई.
मंत्री ने डिजिटल खेती के नए उपाय भी बताए. अब तक लगभग 9 करोड़ Farmer ID तैयार की जा चुकी हैं. इसके जरिये किसान का पूरा डेटा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगा, जिससे बैंक लोन लेने में समय बहुत कम लगेगा. उन्होंने बताया कि ‘भारत विस्तार’ AI प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है, जिसमें किसान अपने खेत और फसल की जानकारी भेजकर तुरंत विशेषज्ञ सलाह ले सकेगा. यह तकनीक किसानों के लिए नई ताकत है, जो खेती को आसान और सही बनाएगी.
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि अत्यधिक रासायनिक खाद से मिट्टी खराब न हो. इसी लिए प्राकृतिक खेती मिशन चलाया जा रहा है. इसके तहत 1 करोड़ किसानों को जागरूक किया गया, 18 लाख किसानों को प्रशिक्षित किया गया और 75 लाख हेक्टेयर भूमि में प्राकृतिक खेती लागू की जा रही है. सही तरीके से प्राकृतिक खेती करने से उत्पादन कम नहीं होता, बल्कि लागत घटती है और मिट्टी की सेहत बनी रहती है.
कृषि राज्य का विषय होने के बावजूद केंद्र सरकार हर राज्य के साथ मिलकर तय कर रही है कि कौन सी फसल, फल या सब्ज़ी किस इलाके में उगाई जाए. ICAR और राज्य सरकारों की टीम मिलकर यह योजना बना रही है, ताकि किसान को ज्यादा लाभ और बेहतर उत्पादन मिल सके.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य सिर्फ फसल बढ़ाना नहीं है, बल्कि किसान की आय बढ़ाना, गांव की समृद्धि और आत्मनिर्भर भारत बनाना है. उन्होंने जोर देकर कहा, “कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीं होता, एक पत्थर तो ज़रा ताब से उछालो यारो. और मोदी हैं तो ये मुमकिन है.”
शिवराज सिंह चौहान का संदेश स्पष्ट है – कांग्रेस सिर्फ शासन चलाती रही, जबकि मोदी सरकार किसानों की जिंदगी, उनकी आमदनी और देश के भविष्य को बदलने के लिए पूरी ताकत के साथ काम कर रही है.
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