केंद्रीय मंत्री ज्याेतिरादित्य सिंधिया (फाइल फोटो/एएनआई)केंद्र सरकार ने मेघालय की मशहूर लाकाडोंग हल्दी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए 175 करोड़ रुपये की लागत वाली 'मिशन गोल्डन स्पाइस' योजना शुरू की है. पांच साल तक चलने वाले इस मिशन का उद्देश्य लाकाडोंग हल्दी के उत्पादन, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देना है. केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (DoNER) मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को इस मिशन की शुरुआत की. वर्तमान में लाकाडोंग हल्दी की खेती मुख्य रूप से मेघालय के पश्चिम और पूर्व जैंतिया हिल्स जिलों में करीब 2,600 हेक्टेयर क्षेत्र में होती है, जहां सालाना लगभग 10,000 मीट्रिक टन उत्पादन होता है.
मिशन के तहत खेती का रकबा बढ़ाकर 7,000 हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है. इससे करीब 17,500 किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिनमें लगभग 99 प्रतिशत महिलाएं हैं. साथ ही राज्य में करीब 3,000 नए रोजगार भी सृजित किए जाएंगे.
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुसार पूर्वोत्तर के आठ राज्यों को देश के विकास के केंद्र में लाने की दिशा में काम किया जा रहा है. इसी रणनीति के तहत हर राज्य की खास कृषि या प्राकृतिक संपदा को उसकी पहचान बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि असम के लिए बांस, त्रिपुरा के लिए अनानास, सिक्किम के लिए जैविक उत्पाद और मेघालय के लिए लाकाडोंग हल्दी को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की योजना है.
सिंधिया ने बताया कि लाकाडोंग हल्दी में करक्यूमिन की मात्रा 7 से 12 प्रतिशत तक होती है, जो वैश्विक औसत से लगभग चार गुना अधिक मानी जाती है. यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसे प्रतिस्पर्धी बढ़त दिलाती है. उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हल्दी का उल्लेख किया था, जिसके बाद कई देशों ने इसमें रुचि दिखाई.
मिशन के लिए 175 करोड़ रुपये की राशि मेघालय सरकार, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय मिलकर उपलब्ध कराएंगे. इसमें DoNER मंत्रालय की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत होगी. योजना के तहत कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन से जुड़ा ढांचा मजबूत किया जाएगा, ताकि किसानों को मजबूरी में कम दाम पर फसल बेचने की स्थिति से राहत मिल सके.
सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक किसानों को लाकाडोंग हल्दी का मूल्य मौजूदा 30 से 40 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर करीब 80 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचाया जाए. इसके साथ ही अमेरिका, यूरोपीय संघ, जापान और खाड़ी देशों जैसे नए निर्यात बाजारों में भी लाकाडोंग हल्दी की पहुंच बढ़ाई जाएगी.
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने कहा कि पहले लाकाडोंग हल्दी को पूर्वोत्तर के अन्य इलाकों में उगाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वहां इसकी उच्च करक्यूमिन क्वालिटी नहीं मिल सकी.
उन्होंने कहा कि यह हल्दी जैंतिया हिल्स की मिट्टी और जलवायु से विशेष रूप से जुड़ी हुई है. मुख्यमंत्री ने किसानों और राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में तैयार किए गए मजबूत आधार के कारण अब यह मिशन तेज गति से आगे बढ़ सकेगा. (एएनआई)
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