Mango Export: झारखंड से दुबई पहुंचे 2 मीट्रिक टन आम्रपाली आम, महिला किसानों को मिला 180 फीसदी ज्‍यादा दाम

Mango Export: झारखंड से दुबई पहुंचे 2 मीट्रिक टन आम्रपाली आम, महिला किसानों को मिला 180 फीसदी ज्‍यादा दाम

झारखंड के गुमला और देवघर से 2 मीट्रिक टन आम्रपाली आम का दुबई निर्यात किया गया है. APEDA की पहल से महिला किसान उत्पादक कंपनियों को स्थानीय बाजार के मुकाबले करीब 180 फीसदी अधिक कीमत मिली. आम लुलु स्टोर्स में बेचे जाएंगे, जिससे किसानों को वैश्विक बाजार तक नई पहुंच मिली है.

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झारखंड से दुबई पहुंचे 2 मीट्रिक टन आम्रपाली आम, महिला किसानों को मिला 180 फीसदी ज्‍यादा दामझारखंड से दुबई पहुंची आम्रपाली आम की खेप

झारखंड से आम्रपाली आम को पहली बार बड़े पैमाने पर दुबई के रिटेल बाजार तक पहुंचाने में बड़ी सफलता मिली है. कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने 3 जुलाई 2026 को झारखंड के गुमला और देवघर जिलों से 2 मीट्रिक टन आम्रपाल आम का व्यावसायिक निर्यात दुबई के लिए कराया. यह खेप मेसर्स फेयर एक्सपोर्ट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से भेजी गई, जहां इसे लुलु स्टोर्स में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य महिला किसानों और जनजातीय उत्पादकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना है. इस खेप के लिए मह‍िला किसान उत्‍पादक कंपनियों को घरेलू बाजार से कहीं अध‍िक दाम दिया गया. 

महिला किसान उत्पादक कंपनियों से हुई खरीद

निर्यात की गई खेप में शामिल एक मीट्रिक टन आम गुमला जिले की APEDA पंजीकृत एमवीएम बाघीमा पलकोट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और राइडीह एग्री प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड से खरीदा गया. वहीं, दूसरा एक मीट्रिक टन आम देवघर जिले की मोहनपुर आजीविका महिला किसान प्रोड्यूसर सोसायटी से लिया गया. इन बागों का विकास झारखंड सरकार की बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत मनरेगा के समन्वय से जनजातीय महिला किसानों द्वारा किया गया है.

स्थानीय बाजार से 180 फीसदी अधिक दाम मिले

इस निर्यात से जुड़ी महिला किसान उत्पादक कंपनियों के सदस्यों को स्थानीय बाजार की तुलना में करीब 180 प्रतिशत अधिक मूल्‍य मिला है. इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ निर्यात आधारित बागवानी को भी प्रोत्साहन मिला है. इन तीनों महिला किसान उत्पादक कंपनियों में 1,500 से अधिक शेयरधारक हैं और सामूहिक रूप से ये 50 हजार से ज्यादा किसानों का प्रतिनिधित्व करती हैं. ऐसे में इस पहल का लाभ बड़ी संख्या में किसानों तक पहुंचने की उम्मीद है.

प्रशासन और APEDA ने मिलकर तैयार किया निर्यात मॉडल

आम की खेप को संबंधित जिलों के उपायुक्त, उप विकास आयुक्त, APEDA, झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसायटी (JSLPS) और अन्य विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में रवाना किया गया. अधिकारियों ने इसे महिला किसान समूहों, जिला प्रशासन, राज्य सरकार, निर्यातकों और APEDA के संयुक्त प्रयास का परिणाम बताया, जिससे ग्रामीण उत्पादकों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का रास्ता मजबूत हुआ है.

किसानों को निर्यात के लिए दिया गया प्रशिक्षण

APEDA ने मई 2026 में गुमला जिले के पलकोट क्षेत्र में आठ किसान उत्पादक कंपनियों के सदस्यों और निदेशक मंडल के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया था. इसमें अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, फसल कटाई के बाद प्रबंधन, पैकिंग और निर्यात प्रक्रिया की जानकारी दी गई. इस प्रशिक्षण में कृषि, उद्यानिकी, जिला उद्योग केंद्र, JSLPS और अन्य विभागों के अधिकारी भी शामिल हुए.

महिला उद्यमियों पर भी रहा विशेष फोकस

APEDA के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने 19 सितंबर 2025 को देवघर जिले के देवीपुर प्रखंड के बसवरिया गांव में महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों के लिए निर्यात उन्मुख क्षमता विकास कार्यक्रम आयोजित किया था. इसमें करीब 105 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया.

कार्यक्रम के दौरान APEDA की वित्तीय सहायता योजना, कृषि उत्पादों के निर्यात की प्रक्रिया, वैश्विक बाजार के अवसर और संस्थागत सहयोग की जानकारी दी गई. APEDA का कहना है कि ऐसे प्रयासों से झारखंड के बागवानी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिल रही है और महिला किसान समूहों की भागीदारी भी लगातार मजबूत हो रही है.

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