Sugar Consumption: सालाना इतने किलो शक्‍कर खाता है हर भारतीय, इन राज्‍यों में खपत सबसे ज्‍यादा

Sugar Consumption: सालाना इतने किलो शक्‍कर खाता है हर भारतीय, इन राज्‍यों में खपत सबसे ज्‍यादा

क्या आपको पता है एक भारतीय सालभर में कितनी चीनी खा जाता है? एक ताजा रिपोर्ट में इसका जवाब सामने आया है. साथ ही यह भी सामने आया कि किस राज्य के लोग सबसे ज्यादा और किस राज्य के लोग सबसे कम चीनी खाते हैं. पढ़ें पूरी खबर...

Advertisement
सालाना इतने किलो शक्‍कर खाता है हर भारतीय, इन राज्‍यों में खपत सबसे ज्‍यादाचीनी की प्रति व्‍यक्ति खपत (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

भारत में प्रति व्यक्ति सालाना चीनी की सीधी खपत औसतन 7.8 किलोग्राम है. आर्कस पॉलिसी रिसर्च (Arcus Policy Research) ने अपनी रिपोर्ट- 'इंडियन शुगर पॉलिसीज़: कनेक्टिंग प्रोडक्‍शन, कंज्‍म्पशन एंड हेल्‍थ' में NSSO के HCES 2023-24 के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर यह दावा किया है. इस रिपोर्ट के ऑथर श्वेता सैनी, पुलकित खत्री और सिराज हुसैन हैं. रिपोर्ट के अनुसार, यह सिर्फ घरों में हुई खरीद और इस्तेमाल की जाने वाली चीनी का आंकड़ा है, जबकि प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों, शक्करयुक्त पेय और बाहर के भोजन से मिलने वाली अतिरिक्त चीनी इसमें शामिल नहीं है. 

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSSO) के हाउसहोल्ड कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर सर्वे (HCES) 2023-24 के आधार पर तैयार राज्यवार अनुमान बताते हैं कि देश में चीनी की खपत राज्यों के बीच काफी अलग-अलग है. उत्तर भारत के कई राज्यों में प्रति व्यक्ति खपत राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है, जबकि पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कई राज्यों में यह काफी कम दर्ज की गई है. 

हरियाणा, पंजाब और हिमाचल सबसे आगे

रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यवार आंकड़ों पर नजर डालें तो हरियाणा में प्रति व्यक्ति सालाना चीनी की सीधी खपत 13.3 किलोग्राम रही, जो देश में सबसे ज्‍यादा है. इसके बाद पंजाब (12.9 किग्रा), हिमाचल प्रदेश (12 किग्रा) और राजस्थान (11.6 किग्रा) का स्थान रहा. वहीं, महाराष्ट्र (10.9 किग्रा), चंडीगढ़ (10.8 किग्रा), दिल्ली (10.5 किग्रा), उत्तराखंड (9.8 किग्रा) और मध्य प्रदेश (9.5 किग्रा) भी राष्ट्रीय औसत से ऊपर रहे.

दूसरी ओर, नगालैंड में प्रति व्यक्ति सालाना खपत सिर्फ 2.8 किलोग्राम रही, जो देश में सबसे कम है. इसके अलावा मणिपुर (3.1 किग्रा), अरुणाचल प्रदेश (3.3 किग्रा), मिजोरम (3.8 किग्रा), झारखंड (4 किग्रा) और असम (4.2 किग्रा) जैसे राज्यों में भी चीनी की खपत काफी कम दर्ज की गई.

उत्तर प्रदेश और गुजरात राष्ट्रीय औसत के आसपास

देश के सबसे बड़े आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति सालाना चीनी की खपत 8.3 किलोग्राम रही, जबकि गुजरात में यह 8.5 किलोग्राम दर्ज की गई. केरल (8.2 किग्रा) और गोवा (8 किग्रा) भी राष्ट्रीय औसत के करीब रहे.

वास्तविक चीनी सेवन इससे कहीं ज्यादा हो सकता है

सर्वे में केवल वह चीनी शामिल है, जिसे परिवार सीधे खरीदकर घर में इस्तेमाल करते हैं. इसमें पैकेज्ड खाद्य पदार्थ, बिस्कि‍ट, केक, चॉकलेट, मिठाइयां, शक्करयुक्त पेय, रेस्तरां और बाहर खाए जाने वाले भोजन में मौजूद चीनी को शामिल नहीं किया गया है. ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीयों का वास्तविक चीनी सेवन इन आंकड़ों से काफी अधिक हो सकता है. 

WHO और ICMR क्या कहते हैं?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR)-राष्ट्रीय पोषण संस्थान के अनुसार, फ्री शुगर का सेवन 25 ग्राम प्रतिदिन तक सीमित रखना बेहतर माना जाता है. यानी सालभर में यह मात्रा लगभग 9 से 10 किलोग्राम के बराबर होती है. इसलिए घर में खरीदी जाने वाली चीनी का औसत भले ही करीब 8 किलोग्राम हो, लेकिन अगर प्रोसेस्ड और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों से मिलने वाली अतिरिक्त चीनी भी जोड़ दी जाए तो कई लोगों का कुल सेवन इस अनुशंसित सीमा से ऊपर जा सकता है. 

पहले के अध्ययनों में भी मिला था ऐसा रुझान

शुगर पॉलिसी और उपभोग पर प्रकाशित एक शोध पत्र में भी उत्तर और पश्चिम भारत के कई राज्यों में अपेक्षाकृत अधिक चीनी खपत और पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में कम खपत का रुझान सामने आया था. अध्ययन में यह भी बताया गया था कि आय बढ़ने के साथ चीनी की खपत बढ़ती है. हालांकि, प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से मिलने वाली अतिरिक्त चीनी का असर अलग से देखा जाना चाहिए.

POST A COMMENT