रेवेन्यू कोर्ट्स में ऑनलाइन मंजूर होंगे डॉक्यूमेंट्स (AI Image)बिहार राजस्व भूमि सुधार विभाग ने अब अपने सभी कामों को पूरी तरह डिजिटल बनाने का फैसला किया है. यहां तक कि अब राजस्व अदालतों में अटके और नए मामलों के निपटान के लिए दस्तावेज भी डिजिटल तरीके से स्वीकार किए जाएंगे. विभाग के सचिव जय सिंह ने राज्य के सभी जिला कलेक्टरों, अपर कलेक्टर्स, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं और अंचल अधिकारियों को निर्देश जारी किया है कि राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (आरसीएमएस) के तहत दायर किसी भी वाद की सुनवाई के दौरान आवेदक या विपक्षी से किसी भी प्रकार का भौतिक साक्ष्य अथवा दस्तावेज स्वीकार नहीं किया जाएगा.
राजस्व और भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि सरकार राजस्व न्यायालयों को पूरी तरह पारदर्शी, तकनीक आधारित और नागरिक हितैषी बनाने को लेकर यह निर्णय लिया गया है. आरसीएमएस की व्यवस्था का उद्देश्य ही यह है कि पूरी न्यायिक प्रक्रिया ऑनलाइन, जवाबदेह और भ्रष्टाचारमुक्त हो. किसी भी स्तर पर भौतिक दस्तावेज लेने की कोई जरूरत नहीं है. इससे लोगों को अधिक सुविधा मिलेगी, जरूरी कार्यालयों के चक्कर समाप्त होंगे और न्यायिक प्रक्रिया पर लोगों का विश्वास और मजबूत होगा.
विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा है कि आरसीएमएस के अंतर्गत वाद दायर करने से लेकर अंतिम आदेश पारित करने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित की जानी है.इसके बावजूद यह जानकारी मिल रही थी कि कई स्थानों पर सुनवाई के दौरान पक्षकारों से भौतिक रूप से दस्तावेज लिए जा रहे हैं, जो निर्धारित व्यवस्था के विपरीत है.
वहीं, मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर इसे गंभीरता से लेते हुए विभाग ने इस पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया है. आगे सचिव सिंह ने बताया कि अब सभी राजस्व न्यायालयों को निर्देशित किया गया है कि अगर सुनवाई के दौरान किसी अतिरिक्त साक्ष्य या दस्तावेज की आवश्यकता हो तो संबंधित पक्षकारों को केवल आरसीएमएस पोर्टल पर ही उसे अपलोड करने का निर्देश दिया जाए.
सचिव जय सिंह ने कहा कि सभी राजस्व न्यायालय केवल पोर्टल पर उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर ही वादों का निपटान सुनिश्चित करेंगे. इस फैसले से राजस्व अदालतों की पूरी प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी होगी, दस्तावेजों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ या विवाद की संभावना समाप्त होगी और सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे. इसको लेकर सभी जिला और अंचल स्तरीय अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है, ताकि राज्य में राजस्व न्यायालयों की ऑनलाइन व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी रूप से लागू हो सके.
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