हरियाणा में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई अहम ऐलान, हर जिले में बनेगी प्रेरक किसान कमेटी, पढ़ें डिटेल

हरियाणा में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई अहम ऐलान, हर जिले में बनेगी प्रेरक किसान कमेटी, पढ़ें डिटेल

हरियाणा सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में प्रकृति श्री अन्न प्रेरक किसान कमेटी बनाने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्राकृतिक उपज के लिए मंडियों में अलग स्थान मिलेगा और हैफेड खरीद करेगी. साथ ही हर महीने प्राकृतिक खेती संवाद आयोजित होंगे और पात्र किसानों को गाय खरीद सब्सिडी जल्द जारी की जाएगी.

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हरियाणा में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई अहम ऐलान, हर जिले में बनेगी प्रेरक किसान कमेटी, पढ़ें डिटेलसीएम नायब सैनी ने प्राकृतिक खेती को लेकर किए बड़े ऐलान

हरियाणा सरकार ने प्राकृतिक खेती को बड़े जन अभियान के रूप में आगे बढ़ाने की दिशा में कई अहम फैसलों की घोषणा की है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले में ‘प्रकृति श्री अन्न प्रेरक किसान कमेटी’ बनाई जाएगी, जो किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करेगी और सरकार व किसानों के बीच समन्वय का काम करेगी. इसके साथ ही प्राकृतिक खेती से तैयार उपज के लिए मंडियों में अलग स्थान उपलब्ध कराया जाएगा और हैफेड इसकी खरीद करेगा. मुख्यमंत्री ने यह घोषणाएं पंचकूला में आयोजित प्राकृतिक खेती संवाद कार्यक्रम के दौरान की.

हर जिले में बनेगी प्रेरक किसान कमेटी

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई कमेटियों के सदस्य गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क करेंगे, उनके खेतों का दौरा करेंगे और उन्हें प्राकृतिक खेती से जोड़ने का काम करेंगे. उन्होंने इन्हें प्राकृतिक खेती का प्रेरक एंबेसडर बताते हुए कहा कि राज्य सरकार इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास करेगी.

नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक खेती पर हर महीने संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं. उन्होंने कहा कि किसानों से सीधे सुझाव लेकर उन्हें योजनाओं में शामिल किया जाएगा. बड़े सेमिनारों में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को भी आमंत्रित किया जाएगा, ताकि किसान उनके अनुभवों का लाभ उठा सकें.

गाय खरीदने वालों की सब्सिडी जल्द जारी होगी

मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि प्राकृतिक खेती करने वाले जिन किसानों ने देसी गाय खरीदने के लिए सब्सिडी का आवेदन किया है, उन्हें जल्द से जल्द सब्सि‍डी जारी की जाए. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार हर स्तर पर मदद करेगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती की तकनीक नहीं, बल्कि मिट्टी, जल और पर्यावरण संरक्षण का राष्ट्रीय अभियान है. उन्होंने कहा कि खेती की लागत घटाने, भूमि की उर्वरता बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने में प्राकृतिक खेती की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती के ब्रांड एंबेसडर बनने और अन्य किसानों को भी इससे जोड़ने की अपील की.

मंडियों में अलग व्यवस्था और हैफेड करेगी खरीद

सीएम ने साफ किया कि प्राकृतिक खेती से उत्पादित फसलों की बिक्री में किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी. इसके लिए मंडियों में अलग स्थान उपलब्ध कराया जाएगा और हैफेड प्राकृतिक उपज की खरीद करेगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि गन्नौर मंडी में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के लिए अलग शेड बनाया जा चुका है और राज्य में चार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी स्थापित किए गए हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को नकली बीज और कृषि रसायनों से बचाने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा कानून बनाया है. अगर कोई किसान को नकली बीज बेचते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ पांच साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है.

रासायनिक खेती से बढ़ रही लागत: कृषि मंत्री

वहीं, कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों को आत्मनिर्भर और कर्जमुक्त बनाने का प्रभावी माध्यम है. रासायनिक खेती में उर्वरक, कीटनाशक और अन्य कृषि रसायनों पर खर्च बढ़ने से किसानों की लागत बढ़ती है, जबकि प्राकृतिक खेती में बाहरी संसाधनों पर निर्भरता कम होती है और किसानों की आय में सुधार की संभावना रहती है.

2047 तक प्राकृतिक खेती का दायरा बढ़ाने का लक्ष्य

कृषि मंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप वर्ष 2047 तक देश में प्राकृतिक खेती का दायरा 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने किसानों से पहले पशुओं के चारे में प्राकृतिक खेती अपनाने और धीरे-धीरे पूरे खेत में इसका विस्तार करने की अपील की.

प्राकृतिक खेती का वैज्ञानिक आधार समझना जरूरी

उत्तर प्रदेश के प्रगतिशील किसान धर्मपाल यादव ने कहा कि प्राकृतिक खेती का अपना वैज्ञानिक तंत्र है, जिसे समझना हर किसान के लिए जरूरी है. उन्होंने बताया कि वे अपने खेतों में रासायनिक कीटनाशकों का इस्‍तेमाल नहीं करते और प्राकृतिक उपायों से ही कीट प्रबंधन करते हैं. उन्होंने किसानों के साथ प्राकृतिक खेती के मार्केटिंग मॉडल और बेहतर आय के अपने अनुभव भी साझा किए.

किसानों ने सीएम के सामने रखे सुझाव

कार्यक्रम में किसानों ने मुख्यमंत्री के साथ सीधे संवाद को प्रेरणादायक बताया और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई सुझाव दिए. करनाल के एक किसान ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं और उन्हें अच्छे परिणाम मिले हैं. 

उन्होंने कृषि शिक्षा के पाठ्यक्रम में प्राकृतिक खेती को शामिल करने का सुझाव भी दिया. मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके सुझावों पर गंभीरता से काम करेगी और प्राकृतिक खेती को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए हर संभव कदम उठाएगी.

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