आम किसानों को मिला सम्मान, चिराग पासवान बोले- अब फूड प्रोसेसिंग पर होगा जोर

आम किसानों को मिला सम्मान, चिराग पासवान बोले- अब फूड प्रोसेसिंग पर होगा जोर

राष्ट्रीय आम दिवस पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आम किसानों को सम्मानित किया और कहा कि फूड प्रोसेसिंग के जरिए किसानों की आय बढ़ाई जाएगी. कार्यक्रम में आधुनिक आम खेती, ड्रिप सिंचाई, वैज्ञानिक बाग प्रबंधन और बेहतर बाजार से जोड़ने पर जोर दिया गया. सरकार का लक्ष्य आम की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत कर किसानों को अधिक लाभ दिलाना है.

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आम किसानों को मिला सम्मान, चिराग पासवान बोले- अब फूड प्रोसेसिंग पर होगा जोरचिराग पासवान ने फूड प्रोसेसिंग को बताया भविष्य

राष्ट्रीय आम दिवस के मौके पर केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने देश के आम किसानों को सम्मानित किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत अब खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बन चुका है. अब सरकार का अगला लक्ष्य फूड प्रोसेसिंग (खाद्य प्रसंस्करण) को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है.

कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों से आए आम किसानों को सम्मानित किया गया. साथ ही भारतीय डाक विभाग की ओर से भारत की आम विरासत को समर्पित एक विशेष डाक आवरण (स्पेशल कवर) भी जारी किया गया.

आम किसानों की मेहनत को मिला सम्मान

कार्यक्रम में चिराग पासवान ने कहा कि भारत के किसान देश के अन्नदाता हैं और उनकी मेहनत की वजह से देश दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक बना है. उन्होंने कहा कि किसानों की फसल को सही बाजार और बेहतर दाम दिलाने के लिए फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र को मजबूत करना जरूरी है. इससे किसानों की आय बढ़ेगी और गांवों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि भारत के आम की पहचान दुनिया भर में है और इसे आगे बढ़ाने में किसानों की सबसे बड़ी भूमिका है.

आधुनिक खेती से बढ़ रही आम की पैदावार

कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि आनंदना- द कोका-कोला इंडिया फाउंडेशन की 'प्रोजेक्ट उन्नति' योजना के तहत आम किसानों को आधुनिक खेती की तकनीक सिखाई जा रही है. इसके तहत किसानों को अल्ट्रा हाई डेंसिटी प्लांटेशन (UHDP), ड्रिप सिंचाई, अच्छी कृषि पद्धतियां (GAP) और वैज्ञानिक तरीके से बागों की देखभाल की जानकारी दी जाती है. इन तकनीकों को अपनाने से आम की पैदावार बढ़ी है, फलों की गुणवत्ता बेहतर हुई है और पानी की भी बचत हो रही है.

किसानों ने साझा किए अपने अनुभव

कार्यक्रम में शामिल कई किसानों ने बताया कि आधुनिक खेती की जानकारी मिलने के बाद उनकी बागवानी पहले से बेहतर हुई है. तमिलनाडु के थेनी जिले के आम किसान आर. राजेंद्रन ने कहा कि प्रोजेक्ट उन्नति से उन्हें नई तकनीक सीखने का मौका मिला. इससे उनके बाग की पैदावार बढ़ी है और आम की गुणवत्ता भी पहले से बेहतर हुई है. इसका सीधा फायदा उनकी आय पर पड़ा है.

फूड प्रोसेसिंग से मिलेगा बड़ा फायदा

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि अगर किसानों की फसल को सीधे प्रोसेसिंग उद्योग से जोड़ा जाए तो उन्हें अपनी उपज का बेहतर दाम मिल सकता है. इससे आम का पल्प, जूस और दूसरे उत्पाद बनाने वाले उद्योगों को भी अच्छी गुणवत्ता का कच्चा माल मिलेगा और पूरी मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) मजबूत होगी.

भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि भारत दुनिया में सबसे ज्यादा आम पैदा करने वाला देश है. ऐसे में आधुनिक खेती, बेहतर बाग प्रबंधन और फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देकर किसानों की आय में और वृद्धि की जा सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैज्ञानिक खेती और बाजार से जुड़ी ऐसी पहल लगातार जारी रहती हैं तो आने वाले समय में भारतीय आम की मांग देश के साथ-साथ विदेशों में भी और बढ़ेगी.

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