फसल बर्बादी और चिंता ने ले लिया किसान का जीवनउत्तर प्रदेश के बांदा जिले में बेमौसम बारिश और खेतों में फसल बर्बाद होने की वजह से एक दुखद घटना सामने आई. नरैनी तहसील के मोतियारी गांव में रहने वाले 45 वर्षीय किसान उदय प्रताप अपनी फसल देखने खेत गए थे. खेत से लौटते समय अचानक उन्हें अटैक पड़ गया और उनकी मौत हो गई. परिजनों का कहना है कि रात में तेज बारिश हुई थी और उनके खेतों की गेहूं की फसल पूरी तरह गिर गई थी. उदय प्रताप खेत की स्थिति देखकर बहुत परेशान और चिंतित हुए थे. उनकी चिंता और कर्ज के कारण उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा. पिछले साल उन्होंने अपनी बेटी की शादी की थी और घर पर कई जिम्मेदारियां थी. इस दुखद घटना से उनका परिवार पूरी तरह स्तब्ध और शोक में डूब गया.
मृतक के दो बेटे और दो बेटियां हैं. उनके अचानक निधन के बाद पूरे घर में कोहराम मच गया. परिवार और गांव वाले इस हादसे से बेहद दुखी हैं. उनके खेत और कृषि कार्य के बारे में सोचते हुए उदय प्रताप हमेशा मेहनत करते थे और परिवार का पालन-पोषण करते थे.
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में ले लिया. नायब तहसीलदार और SDM अमित शुक्ला भी गांव पहुंचे और घटना की जांच शुरू कर दी. ग्रामीणों ने बताया कि उदय प्रताप रोजाना की तरह खेत देखने गए थे. अस्पताल में उनका उपचार किया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
मृतक की निजी और बटाई की जमीन पर खेती होती थी. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फसल में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन अचूक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का असली कारण स्पष्ट होगा. प्रशासन आगे की वैधानिक कार्रवाई रिपोर्ट के अनुसार करेगा.
बांदा की यह घटना हमें याद दिलाती है कि किसान केवल फसल नहीं, बल्कि परिवार और जिम्मेदारियों के लिए भी लगातार चिंता में रहते हैं. बेमौसम बारिश और प्राकृतिक आपदाएं उनकी मेहनत को चुनौती देती हैं. सही समय पर मदद और जानकारी किसानों के जीवन और फसल सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है.
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