झारखंड में सेब की खेतीझारखंड का गढ़वा जिला पठारी इलाका होने की वजह से काफी गर्म माना जाता है. यहां गर्मी के मौसम में तापमान आमतौर पर 35 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है. ऐसे गर्म इलाके में जहां ठंडे प्रदेशों की फल उगाना मुश्किल माना जाता है. वहीं, एक किसान ने अपनी मेहनत और सोच से कमाल कर दिखाया है. दरअसल, धुरकी प्रखंड के गनियारी खुर्द गांव के प्रगतिशील किसान प्रमोद कुमार ने खेती में नया प्रयोग करते हुए अपने खेत में सेब की बागवानी शुरू की है. उन्होंने साबित कर दिया कि मेहनत और नई तकनीक से किसी भी क्षेत्र में कुछ नया किया जा सकता है.
किसान प्रमोद कुमार ने अपने एक एकड़ जमीन पर करीब 100 सेब के पौधे लगाए हैं, जो अब तेजी से बढ़ रहे हैं और कई पौधों में फल भी निकलने लगे हैं. क्षेत्र में सेब की बागवानी का यह प्रयास किसानों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. किसान प्रमोद कुमार ने बताया कि उन्हें नई फसलों के प्रयोग करने में हमेशा रुचि रही है. इसी क्रम में उन्होंने दो वर्ष पहले ऑनलाइन माध्यम से एक सेब का पौधा मंगवाया था. उस पौधे की अच्छी वृद्धि देखकर उनका आत्मविश्वास बढ़ा और फिर उन्होंने हिमाचल प्रदेश से 100 सेब के पौधे मंगवाकर अपने खेत में लगा दिए.
उन्होंने बताया कि वर्तमान में सभी पौधे लगभग 8 से 10 फीट तक ऊंचे हो चुके हैं और कई पौधों में फल भी आना शुरू हो गया है. प्रमोद कुमार के अनुसार सही देखभाल, समय-समय पर सिंचाई और जैविक खाद के उपयोग से पौधों की अच्छी वृद्धि हो रही है. उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह पौधों की देखभाल जारी रही तो आने वाले समय में अच्छी मात्रा में सेब का उत्पादन होने की उम्मीद है.
किसान प्रमोद कुमार का कहना है कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ यदि किसान नई फसलों की खेती की ओर भी ध्यान दें, तो उनकी आय में वृद्धि हो सकती है. उन्होंने कहा कि सेब की खेती आमतौर पर पहाड़ी और ठंडी क्षेत्रों में की जाती है, लेकिन नई किस्मों और बेहतर तकनीक के कारण अब मैदानी क्षेत्रों में भी इसकी खेती संभव हो रही है. प्रमोद कुमार के इस प्रयास को देखकर आसपास के किसान भी उत्साहित हो रहे हैं और उनसे सेब की खेती के बारे में जानकारी ले रहे हैं.
कई किसान उनके खेत में जाकर पौधों को देख रहे हैं और खेती की प्रक्रिया को समझने का प्रयास कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह प्रयोग सफल होता है तो आने वाले समय में क्षेत्र के अन्य किसान भी सेब की बागवानी की ओर कदम बढ़ा सकते हैं. इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ क्षेत्र में बागवानी को भी बढ़ावा मिलेगा. प्रगतिशील किसान प्रमोद कुमार का यह प्रयास न केवल क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणादायक बन रहा है, बल्कि यह भी दिखा रहा है कि मेहनत और नई सोच के साथ खेती में नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं.
वहीं, किसान के इस मेहनत पर जिला क़ृषि पदाधिकारी खुशबु पासवान भी काफ़ी उत्साहित है. उन्होंने कहा की ऐसे क्षेत्र में सेब की खेती करना बहुत कठिन ही नहीं नामुमकिन है, लेकिन किसान प्रमोद कुमार ने जो कर दिखाया वह काबिले तारीफ है. उन्होंने कहा कि हम किसान को सरकारी योजनाओं से जोड़ेगे और उन्हें प्रोत्साहित करेंगे. (चंदन कुमार कश्यप की रिपोर्ट)
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