6 कनाल जमीन बनी सोने की खान! हाई-डेंसिटी खेती से बदली जिंदगी

6 कनाल जमीन बनी सोने की खान! हाई-डेंसिटी खेती से बदली जिंदगी

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर के 60 वर्षीय किसान संसार चंद ने 6 कनाल जमीन पर हाई-डेंसिटी सेब और कीवी की खेती कर मिसाल पेश की है. नई तकनीक और सरकारी मदद से उनकी फसल एक साल में फल देने लगी. कम समय में ज्यादा उत्पादन और बढ़ी आय ने उन्हें सफल किसान बना दिया.

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6 कनाल जमीन बनी सोने की खान! हाई-डेंसिटी खेती से बदली जिंदगीHigh density orchard benefits

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के चेनानी तहसील के एक छोटे और दूर-दराज गांव कटवाल्ट में रहने वाले 60 साल के किसान संसार चंद ने एक मिसाल कायम की है. उन्होंने अपनी 6 कनाल जमीन पर सेब की खेती करके उसे एक सफल बाग में बदल दिया है.

पहले यह जमीन साधारण थी, लेकिन आज यहां अच्छी क्वालिटी के सेब के पेड़ लगे हैं और किसान को अच्छी आमदनी हो रही है. उनकी मेहनत और समझदारी ने उनकी जिंदगी बदल दी है और अब लोग उनसे प्रेरणा ले रहे हैं.

पुरानी खेती और नई खेती में अंतर

पहले किसान पारंपरिक तरीके से सेब की खेती करते थे. इस तरीके में पेड़ों को बड़ा होने और फल देने में 8 से 10 साल का समय लग जाता था. इतने लंबे समय तक किसान को इंतजार करना पड़ता था, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी भी होती थी. लेकिन अब नई तकनीक आई है, जिसे हाई-डेंसिटी सेब की खेती कहते हैं. इस तकनीक में छोटे-छोटे पौधे लगाए जाते हैं जो जल्दी बढ़ते हैं और सिर्फ एक साल में ही फल देना शुरू कर देते हैं.

संसार चंद ने इस नई तकनीक को अपनाया और जल्दी ही उन्हें इसका फायदा भी देखने को मिला.

सरकारी योजनाओं से मिली बड़ी मदद

संसार चंद की सफलता के पीछे सरकार की योजनाओं का भी बड़ा योगदान है. उन्हें इस खेती के लिए लगभग 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी मिली. इससे उनका खर्च काफी कम हो गया. सरकार ने उनके खेत में ड्रिप इरिगेशन सिस्टम लगाया, जिससे पानी की बचत होती है और पौधों को समय-समय पर सही मात्रा में पानी मिलता है.

इसके अलावा, उनके बाग को ओलावृष्टि (हेलस्टॉर्म) और पक्षियों से बचाने के लिए जाल भी दिए गए. इससे फसल सुरक्षित रहती है.

इतना ही नहीं, उन्हें हिमाचल प्रदेश की यात्रा पर भी भेजा गया, जहां उन्होंने आधुनिक बागवानी के तरीके सीखे और उन्हें अपने खेत में अपनाया.

कम जमीन में ज्यादा उत्पादन

हाई-डेंसिटी खेती का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कम जमीन में ज्यादा पौधे लगाए जा सकते हैं. संसार चंद के खेत में एक कनाल जमीन में लगभग 166 पौधे लगाए गए हैं. इससे कम जगह में ज्यादा पेड़ लगते हैं और ज्यादा फल मिलता है. इससे उनकी आमदनी भी बढ़ी है और उनका काम पहले से ज्यादा आसान हो गया है.

सेब के साथ कीवी की खेती भी

संसार चंद सिर्फ सेब की खेती तक ही सीमित नहीं रहे. उन्होंने 4 कनाल जमीन में कीवी की खेती भी शुरू की है. कीवी एक महंगा फल होता है और बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिलती है. इससे उनकी आय और भी बढ़ने की उम्मीद है. यह दिखाता है कि अगर किसान नई फसलों को अपनाएं, तो वे ज्यादा कमाई कर सकते हैं.

अधिकारियों और गांव वालों की प्रतिक्रिया

बागवानी विभाग के अधिकारी बृज वल्लभ गुप्ता ने संसार चंद की बहुत तारीफ की. उन्होंने कहा कि इतनी उम्र में भी संसार चंद नई तकनीक अपनाकर सफल हो रहे हैं, जो युवाओं के लिए एक अच्छा उदाहरण है.

गांव के रहने वाले कुलदीप कुमार ने भी कहा कि अब अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों की मदद कर रहे हैं. वे खेतों में आकर सलाह देते हैं और किसानों को नई तकनीक सिखाते हैं.

युवाओं के लिए बड़ा संदेश

संसार चंद का कहना है कि आज के युवाओं को भी खेती को अपनाना चाहिए. नई तकनीक और सरकारी योजनाओं की मदद से खेती अब पहले से ज्यादा आसान और फायदेमंद हो गई है. उनकी कहानी यह सिखाती है कि उम्र मायने नहीं रखती, अगर मेहनत और सही सोच हो तो कोई भी सफल हो सकता है.

यह कहानी बताती है कि अगर किसान नई तकनीक अपनाएं और सरकार की योजनाओं का सही उपयोग करें, तो वे कम समय में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. संसार चंद जैसे किसान देश के लिए प्रेरणा हैं और उनकी सफलता यह दिखाती है कि खेती में भी उज्ज्वल भविष्य बनाया जा सकता है.

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