Success Story: 70 साल के किसान का कमाल! प्राकृतिक खेती से हल्दी उगाकर कर रहे लाखों की कमाई

Success Story: 70 साल के किसान का कमाल! प्राकृतिक खेती से हल्दी उगाकर कर रहे लाखों की कमाई

गुजरात के 70 वर्षीय किसान कालूभाई पटेल पिछले 13 साल से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं. वे चार एकड़ में हल्दी उगाने के साथ उसका पाउडर और अचार बनाकर सीधे ग्राहकों को बेचते हैं. जानिए कैसे खेती के साथ प्रोसेसिंग से उनकी कमाई बढ़ाने की संभावनाएं बनीं.

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70 साल के किसान का कमाल! प्राकृतिक खेती से हल्दी उगाकर कर रहे लाखों की कमाईहल्दी की प्राकृतिक खेती

गुजरात के किसान अब खेती की लागत घटाने और अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए प्राकृतिक खेती के साथ-साथ कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग पर भी ध्यान दे रहे हैं. इसका एक उदाहरण सुरेंद्रनगर जिले के वड़ोद गांव के 70 वर्षीय किसान कालूभाई पटेल हैं. वे पिछले करीब 13 वर्षों से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं. वे अपने बेटे के साथ चार एकड़ जमीन पर हल्दी उगाते हैं और उसे कच्चा बेचने के बजाय हल्दी पाउडर और अचार बनाकर सीधे ग्राहकों तक पहुंचाते हैं, इससे उन्हें अपनी उपज का बेहतर दाम पाने में मदद मिल रही है. आइए जानते हैं उनकी सफलता की कहानी.

13 साल से नहीं इस्तेमाल किया रासायनिक खाद

किसान कालूभाई पटेल ने बताया कि वे पिछले 13 वर्षों से अपने खेत में रासायनिक खाद का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं. वे गाय पर आधारित प्राकृतिक साधनों से खेती करते हैं. इसमें जीवामृत और प्राकृतिक तरीके से तैयार की गई खाद का इस्तेमाल किया जाता है. प्राकृतिक खेती अपनाने से उनकी खेती की लागत कम रखने में मदद मिलती है. इसके साथ ही वे मिट्टी की सेहत सुधारने पर भी ध्यान देते हैं. कालूभाई अपने बेटे के साथ मिलकर चार एकड़ जमीन पर हल्दी की खेती करते हैं.

5 लाख रुपये में लगाई प्रोसेसिंग यूनिट

कालूभाई ने अपनी हल्दी से ज्यादा कमाई करने के लिए घर पर ही प्रोसेसिंग यूनिट लगाई है. इसमें स्टीम बॉयलर, पॉलिशिंग मशीन और हल्दी पीसने की मशीन जैसी सुविधाएं हैं. इस यूनिट को लगाने में करीब 5 लाख रुपये खर्च हुए हैं. इसमें से 2.5 लाख रुपये की सब्सिडी बागवानी विभाग की ओर से मिली. किसान के मुताबिक, सरकारी मदद से उन्हें प्रोसेसिंग यूनिट लगाने और अपनी उपज का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद मिली. अब वे हल्दी को पाउडर और अचार के रूप में तैयार करके सीधे ग्राहकों को बेचते हैं. इससे उन्हें केवल कच्ची हल्दी बेचने के बजाय तैयार उत्पादों से कमाई करने का मौका मिला है.

हल्दी से करीब 2.5 लाख रुपये की कमाई

किसान कालूभाई के बेटे सुरेशभाई पटेल ने बताया कि उनके हल्दी उत्पादों को ग्राहकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. लोगों के बीच उनके उत्पादों की चर्चा होने और सरकारी सहयोग से उन्हें सीधे ग्राहकों तक पहुंचने में मदद मिली है. उन्होंने बताया कि सरकार ने घर-घर जाकर उत्पादों की मार्केटिंग करने के अवसर भी उपलब्ध कराए हैं. इससे परिवार को अपनी उपज के बेहतर दाम हासिल करने में मदद मिल रही है. उनके मुताबिक, चार एकड़ में हल्दी की खेती से परिवार करीब 2.5 लाख रुपये कमाता है.

किसान कालूभाई को मिल चुके हैं कई पुरस्कार 

कालूभाई पटेल को प्राकृतिक खेती के तरीकों के लिए तालुका, जिला और राज्य स्तर पर सर्वश्रेष्ठ किसान के पुरस्कार मिल चुके हैं. कृषि विश्वविद्यालयों ने भी उनके काम को सम्मानित किया है. वहीं, गुजरात के सरदारकृषिनगर दांतीवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में प्राकृतिक खेती के बेहतर तरीकों से प्रति हेक्टेयर 40.66 टन कच्ची हल्दी का उत्पादन दर्ज किया गया. इसकी तुलना में पारंपरिक खेती में उत्पादन 19.3 टन प्रति हेक्टेयर रहा. हालांकि, वास्तविक उत्पादन मिट्टी, मौसम और खेती के तरीकों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है.

खेती के साथ प्रोसेसिंग से बढ़ रही कमाई की संभावनाएं

कालूभाई पटेल की कहानी बताती है कि किसान खेती के साथ अपनी उपज की प्रोसेसिंग और सीधे मार्केटिंग पर ध्यान देकर आमदनी बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं. सरकारी सब्सिडी और बाजार तक पहुंच मिलने से छोटे किसानों को भी अपनी उपज से तैयार उत्पाद बेचने का अवसर मिल सकता है. प्राकृतिक खेती के साथ हल्दी पाउडर और अचार जैसे उत्पाद तैयार करके बेचने का यह तरीका दूसरे किसानों के लिए भी एक विकल्प बन सकता है. (ANI)

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