यूपी में सीड कैपिटल और मार्केटिंग स्टार्टअप को मिलेगी उड़ान, योगी सरकार ने मंजूर किए करोड़ों रुपये

यूपी में सीड कैपिटल और मार्केटिंग स्टार्टअप को मिलेगी उड़ान, योगी सरकार ने मंजूर किए करोड़ों रुपये

UP News: नए स्टार्टअप्स को शुरुआत के समय सबसे ज्यादा जरूरत पूंजी और बाजार तक पहुंच की होती है. इसे ध्यान में रखते हुए योगी सरकार द्वारा सीड कैपिटल और मार्केटिंग सहायता प्रदान की जा रही है. इस योजना के तहत अब तक 376 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं.

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यूपी में सीड कैपिटल और मार्केटिंग स्टार्टअप को मिलेगी उड़ान, योगी सरकार ने मंजूर किए करोड़ों रुपयेउत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Photo: ITG)

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश में नवाचार, स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है. इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा ₹1000 करोड़ का यूपी स्टार्टअप फंड गठित किया गया है, जिसका उद्देश्य नए विचारों को व्यवसाय में बदलने में सहायता करना है. इस फंड के माध्यम से स्टार्टअप को शुरुआती और विस्तार के चरण में वित्तीय सहारा मिल रहा है. अब तक इस फंड से ₹325 करोड़ की राशि स्टार्टअप को सीधे सहायता के लिए स्वीकृत की जा चुकी है, जिससे प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को मजबूती मिली है.

स्टार्टअप में महिलाओं की बढ़ी भागदारी

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में वर्तमान में 19 हजार से अधिक स्टार्टअप को केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (डीपीआईआईटी) से मान्यता प्राप्त है. इनमें 9,600 से अधिक महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप शामिल हैं, जो यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश में महिलाएं भी आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं.

सीड कैपिटल के लिए अब तक 376 आवेदन स्वीकृत 

नए स्टार्टअप्स को शुरुआत के समय सबसे ज्यादा जरूरत पूंजी और बाजार तक पहुंच की होती है. इसे ध्यान में रखते हुए योगी सरकार द्वारा सीड कैपिटल और मार्केटिंग सहायता प्रदान की जा रही है. इस योजना के तहत अब तक 376 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं. इन स्टार्टअप के लिए ₹26.43 करोड़ की राशि मंजूर की गई है, जिससे वे अपने उत्पाद और सेवाओं का प्रचार-प्रसार कर सकें और बाजार में अपनी पहचान बना सकें.

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से तकनीकी सहयोग

प्रदेश में तकनीक, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 7 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को मंजूरी दी है. ये केंद्र स्टार्टअप्स को आधुनिक तकनीक, शोध सुविधाएं और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहे हैं. अब तक इन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए ₹27.18 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है. वहीं यूपी स्टार्टअप फंड के माध्यम से अब तक 48 यूपी आधारित स्टार्टअप को सीधे फंडिंग प्रदान की जा चुकी है. इससे न केवल नए व्यवसाय स्थापित हो रहे हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं.

इस योजना से हजारों स्टार्टअप को सहारा

राज्य सरकार की “स्टार्ट इन यूपी” योजना प्रदेश के युवाओं और नए उद्यमियों के लिए एक मजबूत आधार बनकर उभरी है. इस योजना के तहत अब तक 3000 से अधिक स्टार्टअप को मान्यता दी जा चुकी है, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिल रहा है. इनमें 900 से अधिक स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हैं, जो महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है. इसके साथ ही 2100 से अधिक स्टार्टअप को इनक्यूबेशन सहायता दी गई है, जिससे उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन, मेंटरशिप और बिजनेस सपोर्ट मिल सका है. इनक्यूबेशन के जरिए स्टार्टअप को सही दिशा में आगे बढ़ने और असफलता के जोखिम को कम करने में मदद मिल रही है.

फूड प्रोसेसिंग के प्रस्ताव लाइए, सरकार दे रही है सब्सिडी

सीएम योगी आदित्यनाथ ने यहां के किसानों को फायदे की बात समझाई. उन्होंने कहा कि पिछले साल मई में मध्य उत्तर प्रदेश का दौरा किया था. वहां का किसान दो फसलों के बाद मक्का की तीसरी फसल तैयार कर रहा था. औरैया, एटा, कन्नौज, कानपुर देहात, हरदोई के किसानों ने बताया कि तीसरी फसल से प्रति एकड़ एक लाख रुपये की अतिरिक्त आमदनी हो रही है. सीएम ने स्थानीय किसानों से कहा कि फसल पर एमएसपी ही मिलेगा, लेकिन वैल्यू एडिशन से कई गुना लाभ प्राप्त होगा. आप फूड प्रोसेसिंग के प्रस्ताव लाइए, सब्सिडी सरकार दे रही है.

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