पत्रकार से ऑर्गेनिक उद्यमी बने ललित सिंह, अमरोहा में बनाया वर्मी कम्पोस्ट का बड़ा केंद्र

पत्रकार से ऑर्गेनिक उद्यमी बने ललित सिंह, अमरोहा में बनाया वर्मी कम्पोस्ट का बड़ा केंद्र

अमरोहा के ललित कुमार सिंह ने पत्रकारिता छोड़कर UP23 Organics and Agro Farm की स्थापना की, जहां 120 बेड पर हर तीन महीने में करीब 120 टन वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया जा रहा है. यह पहल जैविक खेती, मिट्टी की सेहत और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा दे रही है.

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पत्रकार से ऑर्गेनिक उद्यमी बने ललित सिंह, अमरोहा में बनाया वर्मी कम्पोस्ट का बड़ा केंद्रऑर्गेनिक उद्यमी ललित सिंह

उत्तर प्रदेश के जनपद अमरोहा के हसनपुर में स्थित UP23 Organics and Agro Farm द्वारा पिछले दो वर्षों से कमर्शियल स्तर पर वर्मी कम्पोस्ट (Vermicompost) का उत्पादन किया जा रहा है. यह इकाई देश की राजधानी दिल्ली से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और क्षेत्र में जैविक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है. इस इकाई की शुरुआत लगभग दो वर्ष पूर्व मात्र 20 बेड से की गई थी, जो आज बढ़कर लगभग 120 बेड की क्षमता तक पहुंच चुकी है. वर्तमान में यहां प्रत्येक तीन महीने के उत्पादन चक्र में लगभग 120 टन वर्मी कम्पोस्ट जैविक खाद का उत्पादन किया जा रहा है, जिसे देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में किसानों, नर्सरी संचालकों और किचन गार्डन और गार्डनिंग के शौकीनों तक पहुंचाया जा रहा है.

वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन की प्रक्रिया पूरी तरह वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल है. इसके लिए आसपास की डेयरियों और गौशालाओं से प्राप्त गाय के गोबर को पहले ठंडा किया जाता है और उसमें मौजूद गैसों को बाहर निकाला जाता है, ताकि वह केंचुओं के लिए अनुकूल वातावरण बन सके, क्योंकि इस प्रक्रिया में उपयोग की जाने वाली केंचुओं की विशेष प्रजाति Eisenia Fetida अधिक तापमान को सहन नहीं कर पाती. 

ऐसे तैयार होती है वर्मी कम्पोस्ट

इसके बाद तैयार गोबर को लगभग 30 फिट लंबे और 4 फीट चौड़े विशेष बेड में रखा जाता है, जहां इस प्रजाति के केंचुओं को डाला जाता है. ये केंचुए गोबर को खाकर अपने उत्सर्जन (castings) के रूप में उच्च गुणवत्ता वाली वर्मी कम्पोस्ट तैयार करते हैं. तैयार खाद को बाद में एकत्र कर विभिन्न साइज के पैकेटों में पैक किया जाता है और किसानों और अन्य उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाया जाता है.

यह जैविक खाद मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, फसलों की उत्पादकता सुधारने और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. इसके साथ ही इस इकाई के माध्यम से किसानों को वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग और उसके उत्पादन की जानकारी भी दी जाती है, ताकि वे अपने खेतों में स्वयं भी इसे तैयार कर सकें और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित हों. इस पहल के माध्यम से 10 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी प्राप्त हुआ है.

ऑर्गेनिक्स और एग्रो फार्म

UP23 Organics and Agro Farm के संस्थापक ललित कुमार सिंह हैं, जिन्होंने मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में शिक्षा प्राप्त की है. उन्होंने Indian Institute of Mass Communication से रेडियो और टेलीविजन पत्रकारिता में अध्ययन किया और बाद में Jawaharlal Nehru University, दिल्ली से अंतरराष्ट्रीय संबंधों (International Relations) में पोस्ट-ग्रैजुएशन किया. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने लगभग तीन वर्षों तक काम किया और इस दौरान कई बड़े समाचार चैनलों और विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम किया. इसके बाद उन्होंने अपने गृह जनपद अमरोहा लौटकर कृषि और जैविक खेती के क्षेत्र में काम करने का निर्णय लिया और UP 23 Organics and Agro Farm की स्थापना की.

आज यह पहल न केवल किसानों को पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ खेती की ओर प्रेरित कर रही है, बल्कि जैविक खाद के माध्यम से मिट्टी की सेहत सुधारने, स्वस्थ खाद्य उत्पादन को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजन करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है.

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