आईआईवीआर वाराणसी द्वारा विकसित मटर की उन्नत किस्म ‘काशी नंदिनी’ अब नैफको के जरिए किसानों तक बड़े स्तर पर पहुंचेगी. यह हाई यील्ड किस्म कम समय में अधिक उत्पादन देने के साथ किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित होगी.
वाराणसी स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR) ने उन्नत करेला लाइन ‘वीआरबीटीजी-4’ के तकनीकी हस्तांतरण के लिए Comienzo Agriscience के साथ समझौता किया है. यह रोग सहनशील और उच्च उत्पादकता वाली किस्म है.संस्थान के अनुसार इससे किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज, बेहतर उत्पादन और अधिक आय का लाभ मिलेगा.
Kharif season 2026: कृषि मंत्री शाही ने बताया कि खरीफ सीजन की प्रमुख फसलों के लिए निर्धारित लक्ष्यों के तहत धान के लिए 80,000 क्विंटल का लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें से 64,228 क्विंटल उपलब्ध हो गया है और सर्वाधिक 2,634 क्विंटल इसी फसल के बीजों का वितरण हुआ है. इसके अतिरिक्त, तिलहन और दलहन फसलों पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है.
UP News: प्रदेश की गोशालाएं अब केवल पशु संरक्षण केंद्र नहीं रहेंगी, बल्कि जैविक कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के नए विकास मॉडल का आधार बनेंगी. गो आधारित अर्थव्यवस्था को वैज्ञानिक तकनीक और आधुनिक कृषि प्रणाली से जोड़कर उत्तर प्रदेश देश के सामने एक नई दिशा प्रस्तुत करने जा रहा है.
Fertilizer Distribution in UP: डॉ. त्रिपाठी ने आगे बताया कि अनुदानित उर्वरक का दुरुपयोग रोकने के लिये शासन द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है कि उर्वरकों का विक्रय किसान पहचान पत्र (फार्मर आईडी) उपलब्ध कराने वाले कृषकों को उनकी जोत सम्बन्धी अभिलेखों के आधार पर ही किया जाएगा
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