UP News: उप्र कृषि विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, 20 अगस्त, 2026 तक प्रदेश में कुल 26.35 लाख मेट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है. इसमें 11.97 लाख मेट्रिक टन यूरिया, 4.77 लाख मेट्रिक टन डीएपी, 4.98 लाख मेट्रिक टन एनपीके, 3.53 लाख मेट्रिक टन एसएसपी तथा 1.10 लाखमेट्रिक टन एमओपी शामिल है.
Fertilizer Distribution: प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सीडीओ को प्रतिदिन तथा जिलाधिकारी को साप्ताहिक स्तर पर उर्वरक उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि उर्वरक की ओवररेटिंग अथवा अनधिकृत टैगिंग से संबंधित शिकायत किसी भी स्थिति में प्राप्त नहीं होनी चाहिए.
IIVR वाराणसी ने किसानों तक उन्नत सब्जी बीज पहुंचाने के लिए 9 किस्मों का लाइसेंस दो निजी बीज कंपनियों को दिया है.इनमें काशी उदय मटर, काशी सुहावनी चौलाई, काशी बारामासी पालक, काशी हरित कद्दू, काशी गंगा लौकी, काशी ज्योति तोरई, काशी प्रतिष्ठा करेला, काशी संपदा बाकला और काशी आर्द्रा मूली शामिल हैं.
गोंडा में बारिश के बीच खाद लेने के लिए महिलाओं और किसानों की लंबी कतारों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि जिले में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है. जिले में 17 हजार मीट्रिक टन से अधिक यूरिया और 6 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा डीएपी उपलब्ध है.
UP News: शाही ने किसानों को आश्वस्त किया कि योगी सरकार रबी सीजन में भी किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देगी. इसके लिए प्रमाणित बीजों की उपलब्धता और वितरण की तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है. उन्होंने बताया कि बीज वितरण के लिए 10 जुलाई को पोर्टल खोला जा चुका है और सितंबर के पहले सप्ताह में ई-लॉटरी के माध्यम से किसानों का चयन कर समय से बीज उपलब्ध कराया जाएगा.
Kharif Season 2026: कृषि मंत्री शाही ने बताया है कि खरीफ सीजन में फसलों की बुवाई के लिए प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है, इसलिए अनावश्यक रूप से उर्वरकों का अग्रिम भंडारण न किया जाए. इसलिए हम उन्हें बीज से लेकर बाजार तक हर सुविधा समय पर उपलब्ध कराया जाएगा.
UP News: कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने बताया कि सभी 18 मंडलों में पर्याप्त खाद उपलब्ध है. वहीं, जनपदों में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी होती है तो वे जनपद, मंडल के कृषि अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं. उन्होंने कहा, किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है.
UP News: प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और 20 जुलाई 2026 तक प्रदेश में कुल 15.98 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 5.02 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 4.93 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 3.63 लाख मीट्रिक टन एसएसपी एवं 1.11 लाख मीट्रिक टन एमओपी उर्वरक उपलब्ध है. सहकारिता और निजी क्षेत्र दोनों के सेल पॉइंट्स पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है.
Fertilizer Stock in UP: डॉ पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी, ओवर रेटिंग और टैगिंग रोकने के लिए प्रदेश में कड़ी निगरानी रखी जा रही है. 1 अप्रैल, 2026 से 30 जून, 2026 तक कुल 4,091 छापे मारे गए, जिनमें 75 नमूने ग्रहित किए गए, 85 लाइसेंस निलंबित व 30 निरस्त किए गए, 1 दुकान पर बिक्री प्रतिबंधित हुई, 460 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए तथा 28 एफआईआर दर्ज की गई.
भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR), वाराणसी ने किसानों और एफपीओ प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर निर्यातोन्मुख सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने की रणनीति पर चर्चा की. विशेषज्ञों ने मिर्च और अन्य सब्जियों के गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, सुरक्षित खेती और निर्यात मानकों की जानकारी दी.
Fertilizer Booking by APP: कृषि निदेशक ने बताया कि इस नई डिजिटल व्यवस्था को सुचारू रूप से धरातल पर उतारने के लिए सरकार रिटेल काउंटर्स को भी तेजी से अपडेट कर रही है. दोनों जनपदों में सक्रिय कुल 3,758 उर्वरक खुदरा विक्रेताओं में से 296 रिटेलर्स के पीओएस (POS) उपकरणों को पहले ही दिन नवीनतम 3.77वी संस्करण में सफलतापूर्वक अपग्रेड कर दिया गया है.
वाराणसी में आईसीएआर-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान में आयोजित बैठक में कृषि विशेषज्ञों, एफपीओ प्रतिनिधियों और किसानों ने खेत बचाओ अभियान, संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक खेती पर चर्चा की. गोपाल भाई सुतारिया ने कहा कि गाय आधारित प्राकृतिक खेती अपनाकर ही कृषि का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है.
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