West Aisa Crisis: भारत ने खाद के लिए दूसरे विकल्‍पों की तलाश शुरू की, जानिए क्‍या बोले कृषि आयुक्‍त

West Aisa Crisis: भारत ने खाद के लिए दूसरे विकल्‍पों की तलाश शुरू की, जानिए क्‍या बोले कृषि आयुक्‍त

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत ने उर्वरकों की सप्लाई सुरक्षित रखने के लिए पहले से तैयारी शुरू कर दी है. सरकार रॉक फॉस्फेट, सल्फर और अन्य जरूरी कच्चे माल के लिए नए आयात विकल्प तलाश रही है. फिलहाल देश में उर्वरकों की उपलब्धता सामान्य बताई गई है, लेकिन लंबा संघर्ष होने पर रणनीति बदल सकती है.

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West Aisa Crisis: भारत ने खाद के लिए दूसरे विकल्‍पों की तलाश शुरू की, जानिए क्‍या बोले कृषि आयुक्‍तखाद के लिए अन्‍य विकल्‍पों की तलाश शुरू (सांकेतिक तस्‍वीर)

पश्चिम एशिया में जारी तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने उर्वरकों और उर्वरक के कच्चे माल की सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए पहले से तैयारी शुरू कर दी है. कृषि आयुक्त पी.के. सिंह ने कहा कि अगर क्षेत्रीय संघर्ष लंबा खिंचता है तो आयात प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए देश वैकल्पिक देशों से उर्वरक और जरूरी कच्चे माल की आपूर्ति के विकल्प तलाश रहा है. फिलहाल देश में उर्वरकों की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है.

उर्वरक और कच्चे माल के लिए नए स्रोतों की तलाश

कृषि आयुक्त ने बताया कि सरकार रॉक फॉस्फेट, सल्फर जैसे जरूरी कच्चे माल के साथ-साथ उर्वरकों की सप्लाई के लिए अन्य देशों के विकल्प तलाश रही है. यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया जा रहा है, ताकि अगर पश्चिम एशिया में संघर्ष लंबा चलता है तो कृषि क्षेत्र पर किसी तरह का असर न पड़े. उन्होंने कहा कि अभी स्थिति सामान्य है और उर्वरकों की उपलब्धता में कोई बाधा नहीं आई है.

पश्चिम एशिया पर काफी निर्भर है भारत

दरअसल, भारत अपने उर्वरक आयात का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व के देशों से प्राप्त करता है. देश में इस्तेमाल होने वाले यूरिया और फॉस्फेटिक उर्वरकों का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है. इसके अलावा रॉक फॉस्फेट और फॉस्फोरिक एसिड की भी बड़ी मात्रा इसी क्षेत्र से आयात होती है. ऐसे में अगर क्षेत्रीय संकट लंबा खिंचता है तो आपूर्ति शृंखला प्रभावित होने का जोखिम बना रह सकता है.

LNG सप्लाई पर फिलहाल कोई चिंता नहीं

उर्वरक उत्पादन के लिए जरूरी लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. इस पर कृषि आयुक्त ने कहा कि फिलहाल LNG आयात को लेकर कोई तत्काल समस्या नहीं है. हालांकि, अगर संघर्ष लंबे समय तक चलता है तो आगे की स्थिति के अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी. उन्होंने बताया कि सरकार इस दिशा में पहले से तैयारी कर रही है.

'घरेलू उत्पादन भी बना सहारा'

सरकार ने कहा कि देश में उर्वरकों का घरेलू उत्पादन भी पर्याप्त स्तर पर हो रहा है, जिससे सप्लाई संतुलित रखने में मदद मिल रही है. खासकर यूरिया का उत्पादन भारत में बड़ी मात्रा में किया जाता है. इसलिए अगर आयात में कुछ व्यवधान आता भी है तो घरेलू उत्पादन से स्थिति संभालने की संभावना बनी रहती है.

किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग की दी सलाह

कृषि आयुक्त ने किसानों से उर्वरकों का संतुलित और वैज्ञानिक उपयोग करने की अपील भी की. उन्‍होंने कहा कि अगर किसान फसलों के लिए तय पोषक तत्वों की अनुशंसित मात्रा का पालन करें तो उत्पादन पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा. असंतुलित उर्वरक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होती है, इसलिए संतुलित पोषण व्यवस्था जरूरी है.

घटती मिट्टी उर्वरता भी बड़ी चुनौती

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने देश में घटती मिट्टी की उर्वरता पर भी चिंता जताई. कृषि आयुक्त ने कहा कि मिट्टी में जैविक कार्बन की मात्रा कम होने से पोषक तत्वों की उपलब्धता प्रभावित हो रही है. अलग-अलग फसलों की पोषक जरूरतें भी अलग होती हैं, लेकिन कई बार किसानों को जरूरी उर्वरक उपलब्ध नहीं हो पाते, जिससे असंतुलित उपयोग की समस्या पैदा होती है.

सिंचाई प्रबंधन और प्राकृतिक खेती पर कही ये बात

उन्होंने बताया कि सरकार सिंचाई प्रबंधन, वाटरशेड प्रबंधन और मिट्टी संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों को बेहतर तरीके से जोड़ने पर काम कर रही है. साथ ही प्राकृतिक खेती मिशन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि कृषि उत्पादन को टिकाऊ बनाया जा सके. कोविड काल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सप्लाई बाधित होने के बावजूद उस समय कृषि उत्पादन पर बड़ा असर नहीं पड़ा था.

कृषि निर्यात पर असर की आशंका कम

पश्चिम एशिया के साथ कृषि व्यापार को लेकर भी स्थिति फिलहाल सामान्य बताई गई है. कृषि आयुक्त ने कहा कि भारत से इस क्षेत्र में विशेषकर बासमती चावल का निर्यात पहले ही बड़े पैमाने पर हो चुका है और मांग में कमी के संकेत नहीं हैं. उन्होंने कहा कि अगर कहीं देरी होती भी है तो वह केवल सप्लाई चेन के स्तर पर समय का मामला हो सकता है. (एएनआई)

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