बीज विधेयक 2025बजट सत्र में केंद्र सरकार नया बीज बिल लेकर आ सकती है. लेकिन इसे लेकर किसानों से लेकर आम लोगों तक के मन में कई सवाल और उलझन है. जहां भारतीय किसान अपने बीज अब तक बचाकर रखते आए हैं वहीं अब एक ऐसा नया बीज बिल लाया जा रहा है, जिसमें विदेश से आने वाले बीजों को खास छूट दी जाएगी. कई संगठन और विशेषज्ञ इसे भारत की खेती-किसानी के सामने एक नए संकट के तौर पर देख रहे हैं. इस बिल में ऐसे प्रावधान बताए गए हैं, जिससे विदेशी कंपनियां बिना ज्यादा जांच के अपने बीज भारत में बेच सकेंगी. उन्हें मोटा मुनाफा होगा. दूसरी ओर बीज बनाने में जुटे छोटे प्रोजेक्ट के लिए रास्ता कठिन कर दिया गया है.
इस मुद्दे को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार के खिलाफ बिगुल बजा दिया है. उसने 16 जनवरी को प्रतिरोध दिवस मनाने का फैसला किया है. मोर्चा ने एक बयान जारी कर इस बिल की खामियां गिनाई हैं. इसे किसानों के लिए खतरा बताया है. अब आइए जानते हैं मोर्चे ने क्या लिखा है.
सरकार ने नया बीज कानून बनाया है. अब बिना सरकारी रजिस्ट्रेशन कोई भी बीज या पौधा बेच नहीं सकता. ऐसा करने पर जेल या बड़ा जुर्माना होगा. यह छोटे बीज बेचने वालों, नर्सरी और किसानों के लिए मुश्किल है. किसानों को समय पर, सस्ती कीमत पर और अच्छे बीज चाहिए जो ज्यादा उपज दें, लेकिन कानून में इसका कहीं जिक्र नहीं है.
कानून कहता है कि विदेश से बीज लाने पर छूट मिलेगी. भारत में उनकी जांच नहीं होगी. बीज का खुद प्रमाणीकरण स्वीकार होगा. सरकार बीज की कीमत में हस्तक्षेप नहीं करेगी. केंद्रीय बीज निरीक्षक होंगे, और केवल उनकी शिकायत पर ही नकली बीज या धोखाधड़ी के मामले अदालत में जाएंगे.
पहले 1960 में गेहूं और धान की विदेशी किस्में आई थीं. तब उत्पादन बढ़ा, लेकिन खर्च, कर्ज और पानी की जरूरत भी बढ़ गई. बीटी कपास में कीटों ने नुकसान किया, किसान कर्ज में फंसे और कई ने आत्महत्या की. अब विदेशी कंपनियां जीएम बीज लाना चाहती हैं. इससे खर्च बढ़ेगा, सरकारी बीज संस्थान बंद होंगे और पुरानी स्थानीय किस्में खतरे में पड़ जाएंगी, जैसे इलाहाबादी अमरूद, मलिहाबादी आम और बनारसी लंगड़ा. बीज बाजार पर कंपनियों का नियंत्रण बढ़ेगा, आत्मनिर्भर खेती और खाद्य सुरक्षा खतरे में पड़ेंगे, और किसान ज्यादा कर्ज में फंसेंगे.
किसानों को तीन चीजें सबसे ज्यादा चाहिए-
लेकिन इस नए बीज विधेयक में इन बातों का साफ तौर पर जिक्र नहीं है. इससे किसानों को डर है कि उन्हें अच्छे और सस्ते बीज मिलना मुश्किल हो सकता है.
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