लद्दाख में रासायनिक खाद पर बैन! खरीद-बिक्री और इस्तेमाल पर रोक, उल्लंघन पर हजारों का जुर्माना

लद्दाख में रासायनिक खाद पर बैन! खरीद-बिक्री और इस्तेमाल पर रोक, उल्लंघन पर हजारों का जुर्माना

लद्दाख प्रशासन ने खेती को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए रासायनिक और सिंथेटिक खाद के इस्तेमाल, बिक्री और खरीद पर तत्काल रोक लगा दी है. नियम तोड़ने वालों पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा. प्रशासन का उद्देश्य लद्दाख को जैविक खेती वाला क्षेत्र बनाना, मिट्टी और जल संसाधनों की रक्षा करना है.

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लद्दाख में रासायनिक खाद पर बैन! खरीद-बिक्री और इस्तेमाल पर रोक, उल्लंघन पर हजारों का जुर्मानालद्दाख में खेती का नया मॉडल!

लद्दाख प्रशासन ने खेती को सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने केंद्र शासित प्रदेश में सभी तरह की रासायनिक और सिंथेटिक खाद (Chemical Fertilisers) के इस्तेमाल, बिक्री और खरीद पर रोक लगा दी है. यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है. अब लद्दाख में कोई भी व्यक्ति रासायनिक खाद खरीदता, बेचता, बांटता या खेतों में इस्तेमाल करता पाया गया तो उस पर कम से कम 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.

क्यों लिया गया यह फैसला?

लद्दाख प्रशासन का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य क्षेत्र की प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और मिट्टी व पानी को सुरक्षित रखना है. लद्दाख एक ऐसा क्षेत्र है जहां प्राकृतिक वातावरण और जैव विविधता बहुत खास है. यहां के किसान लंबे समय से पारंपरिक तरीके से खेती करते आए हैं. प्रशासन अब लद्दाख को पूरी तरह से जैविक खेती वाला क्षेत्र (ऑर्गेनिक रीजन) बनाने की दिशा में काम कर रहा है.

रासायनिक खाद के ज्यादा इस्तेमाल से मिट्टी की गुणवत्ता और पानी पर असर पड़ सकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने का फैसला लिया है.

किसानों को जैविक खाद इस्तेमाल करने की सलाह

लद्दाख प्रशासन ने किसानों और कृषि से जुड़े लोगों से अपील की है कि वे अब केवल जैविक खाद और प्राकृतिक खेती से जुड़े इनपुट का इस्तेमाल करें. किसानों को खेतों में गोबर की खाद, कंपोस्ट खाद और अन्य प्राकृतिक तरीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

प्रशासन का कहना है कि जैविक खेती से मिट्टी की सेहत बेहतर होगी और आने वाले समय में किसानों को भी इसका फायदा मिलेगा.

प्रधानमंत्री के प्राकृतिक खेती के विजन से जुड़ा फैसला

लद्दाख प्रशासन ने इस फैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्राकृतिक खेती और पर्यावरण संरक्षण के विजन से भी जोड़ा है. हाल ही में नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जैविक खेती को बढ़ावा देने की अपील की थी.

लद्दाख प्रशासन के अनुसार, इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए रासायनिक खाद पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है. इसका उद्देश्य खेती को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और जलवायु के अनुकूल बनाना है.

कृषि विभाग करेगा फैसले को लागू

इस आदेश को लागू करने की जिम्मेदारी लद्दाख के कृषि विभाग को दी गई है. कृषि विभाग किसानों को जागरूक करने, प्रशिक्षण देने और जैविक खाद की उपलब्धता बढ़ाने का काम करेगा.

इसके अलावा बागवानी विभाग, सहकारी विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और पंचायती राज विभाग भी किसानों की मदद करेंगे, ताकि वे आसानी से जैविक खेती की ओर बढ़ सकें.

लद्दाख को बनाया जाएगा जैविक खेती का मॉडल क्षेत्र

लद्दाख प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले समय में यह क्षेत्र देश के लिए जैविक खेती का एक उदाहरण बने. प्रशासन का मानना है कि इस कदम से मिट्टी, पानी और पर्यावरण की सुरक्षा होगी और खेती लंबे समय तक बेहतर तरीके से चल सकेगी.

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