किसानों से अपील उर्वरक प्राप्त करने के लिए शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री अवश्य कराएं (AI Image)उत्तर प्रदेश सरकार वर्तमान खरीफ सीजन में फसलों की बुवाई व रोपाई के लिए किसानों को पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए पूरी तैयारी की है. इसके लिए सरकार भारत सरकार के निरंतर संपर्क में रहकर सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रयास कार्रवाई कर रही है. प्रदेश के कृषि निदेशक डॉ पंकज कुमार त्रिपाठी के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश में 15.66 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 5.28 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 4.98 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 3.97 लाख मीट्रिक टन एसएसपी और 1.14 लाख मीट्रिक टन एमओपी उपलब्ध है.
उन्होंने बताया कि सहकारिता क्षेत्र में 6.04 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 2.89 लाख मीट्रिक टन डीएपी व 1.60 लाख मीट्रिक टन एनपीके तथा निजी क्षेत्र में 9.61 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 2.39 लाख मीट्रिक टन डीएपी व 3.38 लाख मीट्रिक टन एनपीके मौजूद है. वर्तमान में प्रतिदिन औसत 15,251 मीट्रिक टन यूरिया, 3,141 मीट्रिक टन डीएपी एवं 1,094 मीट्रिक टन एनपीके की खपत किसानों द्वारा की जा रही है.
मण्डलवार उपलब्धता आंकड़ों के तहत लखनऊ में सर्वाधिक 1,68,813 मीट्रिक टन यूरिया, 51,728 मीट्रिक टन डीएपी और 58,897 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है. इसके अलावा बरेली में 1,34,275, कानपुर में 1,22,456 तथा प्रयागराज में 1,19,656 मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक है. आगरा मण्डल में 40,046 मीट्रिक टन डीएपी और कानपुर में 62,009 मीट्रिक टन एनपीके मौजूद है. वहीं, सहारनपुर, मेरठ, अलीगढ़, मुरादाबाद, झांसी, चित्रकूट, वाराणसी, मिर्जापुर, आजमगढ़, गोरखपुर, बस्ती, देवीपाटन और अयोध्या मण्डलों के सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भी पर्याप्त खाद आरक्षित है.
कृषि निदेशक के मुताबिक, सरकार ने किसानों से अपनी कृषि भूमि या बैनामा के अनुसार शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री कराने का अनुरोध किया है ताकि फसलों की आवश्यकतानुसार सुगमतापूर्वक उर्वरक मिल सके. साथ ही अपील किया है कि आगामी फसलों के लिए पहले से उर्वरकों का अनावश्यक भण्डारण न करें, जिससे सभी किसानों को जरूरत के समय पर्याप्त खाद मिलती रहे.
डॉ पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी, ओवर रेटिंग और टैगिंग रोकने के लिए प्रदेश में कड़ी निगरानी रखी जा रही है. 1 अप्रैल, 2026 से 30 जून, 2026 तक कुल 4,091 छापे मारे गए, जिनमें 75 नमूने ग्रहित किए गए, 85 लाइसेंस निलंबित व 30 निरस्त किए गए, 1 दुकान पर बिक्री प्रतिबंधित हुई, 460 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए तथा 28 एफआईआर दर्ज की गई.
इस अवधि में दर्ज 28 एफआईआर के तहत गोण्डा और बस्ती में अनुदानित यूरिया का प्रयोग 'डेफ' में करने तथा अमरोहा में बिना प्राधिकार पत्र बिक्री पर कार्रवाई हुई. मुजफ्फरनगर और बाराबंकी में स्टॉक भिन्नता, अवैध डायवर्जन व सचिव द्वारा कालाबाजारी के मामले पकड़े गए. उन्होंने बताया कि बुलंदशहर में इफको यूरिया की तस्करी व फर्जी वितरण, बागपत में बोरी में कम वजन व हेराफेरी, शाहजहांपुर में अंतर्जनपदीय वितरण तथा सहारनपुर व सिद्धार्थनगर में पीओएस मशीन स्टॉक में भिन्नता के कारण मुकदमे दर्ज हुए.
जबकि महाराजगंज, कुशीनगर, बिजनौर, सम्भल, हापुड़, श्रावस्ती और एटा में भी यूरिया व डीएपी की तस्करी, अवैध भण्डारण तथा बिना चौहद्दी वाले गोदाम में स्टॉक रखने पर सख्त कार्रवाई की गई है.
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