तेलंगाना के मेदक जिले में यूरिया की कमीतेलंगाना के मेदक जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यह घटना खाद की किल्लत से जुड़ी है. इससे जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ऑनलाइन यूरिया बुक न कर पाने की वजह से, एक बुजुर्ग किसान ने प्राइमरी एग्रीकल्चर सोसाइटी (PACS) के कर्मचारी के पैर छुए और उनसे यूरिया के दो बैग देने की गुजारिश की.
दरअसल, चिलिपचेड मंडल के चिटकुल के रहने वाले किसान बोयिनी रामुलु (62) बुधवार को कुलचारम मंडल के रंगमपेट में PACS पहुंचे, ताकि यूरिया के दो बैग खरीद सकें. किसान ने अपनी डेढ़ एकड़ जमीन पर धान की खेती की थी. अपनी दो बेटियों की शादी करने के बाद, रामुलु अपनी पत्नी के साथ गांव में रह रहे थे.
यह बुजुर्ग जोड़ा जमीन पर धान की खेती करके अपना गुजारा कर रहा था. परिवार में कोई भी पढ़ा-लिखा व्यक्ति नहीं था जो मोबाइल ऐप पर यूरिया बुक कर सके. किसान के पास स्मार्टफोन भी नहीं था, जिससे ऑनलाइन यूरिया बुक करना और भी मुश्किल हो गया. किसान ने रंगमपेट PACS के कर्मचारियों से गुजारिश की और यूरिया के एक बैग के लिए 300 रुपये से कम के MSP के बजाय 900 रुपये देने की पेशकश की.
यह वीडियो, जिसमें किसानों की मुश्किलों और सरकार की ओर से किसानों को पर्याप्त यूरिया न दे पाने की बात सामने आई, सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. किसानों ने सरकार से मांग की है कि अनपढ़ किसानों की मदद के लिए यूरिया के बैग मैन्युअल रूप से बेचे जाएं. बुधवार को पुराने मेदक जिले में ऐसी ही और भी घटनाएं सामने आईं. किसानों ने चेगुंटा के पोलमपल्ली में 'रास्ता-रोको' प्रदर्शन किया और मांग की कि सरकार तुरंत यूरिया की ऑनलाइन बुकिंग रद्द करे.
किसानों ने यह भी मांग की कि कांग्रेस बिक्री केंद्रों पर पर्याप्त यूरिया उपलब्ध कराए. प्रदर्शन के एक घंटे से ज्यादा समय तक चलने के कारण ट्रैफ़िक जाम हो गया. पुलिस ने किसानों को प्रदर्शन वापस लेने के लिए मनाया और भरोसा दिलाया कि वे इस मामले को आला अधिकारियों के ध्यान में लाएंगे.
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में धान की रोपाई बहुत तेजी से चल रही है जिसके लिए यूरिया की मांग बढ़ गई है. अचानक मांग बढ़ने से सप्लाई पर दबाव है जिससे किसान परेशान हैं. यही वजह है कि किसानों की परेशानी की खबरें प्रमुखता से सामने आ रही हैं. हालांकि प्रदेश सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि धान की रोपाई में खाद की किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी. ऐसा ही भरोसा केंद्र सरकार ने भी दिया है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद यूरिया जैसी खाद के स्टॉक को सुरक्षित कर लिया गया है, इसलिए किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today