
किसानों का प्रदर्शनछत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में खाद, बीज और प्रधानमंत्री आवास योजना की मांग को लेकर किसानों और ग्रामीणों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया. दरअसल, कुर्मी गुंडरा गांव के महिला और पुरुष किसान अपनी मांगों को लेकर लक्ष्मी सागर तालाब में उतर गए और जल सत्याग्रह शुरू कर दिया.किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन के खेती का समय शुरू हो चुका है, लेकिन समय पर खाद और बीज नहीं मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
कुर्मी गुंडरा ग्राम के किसानों ने अपनी मांगों को लेकर पहले मंदिर में पूजा-अर्चना की. इसके बाद उन्होंने तालाब में उतरकर शांतिपूर्ण तरीके से जल सत्याग्रह शुरू किया. प्रदर्शन के दौरान किसानों ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव शाय और कृषि मंत्री रामविचार नेताम की तस्वीरों के सामने आरती भी की और सरकार से किसानों की समस्याओं का समाधान करने की मांग रखी.
किसानों ने कहा कि खेती-किसानी का समय शुरू हो चुका है, लेकिन कई जगहों पर खाद और बीज की कमी को लेकर दिक्कतें आ रही हैं. खासतौर पर डीएपी खाद की कमी के कारण किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है. उनका कहना है कि अगर समय पर खाद और बीज नहीं मिला तो फसल प्रभावित हो सकती है और किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा.
किसानों का यह प्रदर्शन तीन घंटे से अधिक समय तक चला. इस दौरान महिला और पुरुष तालाब के पानी में खड़े होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते रहे. किसानों का आरोप है कि उन्होंने पहले भी कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं, लेकिन समाधान नहीं होने के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा. किसानों ने खाद और बीज की उपलब्धता के साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र लोगों को आवास देने की मांग भी उठाई. उनका कहना है कि कई जरूरतमंद परिवार योजना के लाभ से वंचित हैं. किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.

जल सत्याग्रह की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को जल्द दूर करने का आश्वासन दिया. दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि जिले में खाद और बीज की व्यवस्था की गई है. उन्होंने बताया कि डीएपी खाद की कुछ कमी जरूर है, जिसे जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी शिकायतों पर भी जानकारी दी और कहा कि जिन मामलों में शिकायत मिली थी, उनकी जांच कर कार्रवाई की गई है.
जन कल्याण समिति के संयोजक युगल किशोर आडिल ने कहा कि खेती का समय आ गया है और किसानों को खाद-बीज की जरूरत है. उन्होंने आरोप लगाया कि पाटन ब्लॉक की कई सेवा सहकारी समितियों में किसान खाद और बीज के लिए भटक रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर किसानों को समय पर कृषि सामग्री नहीं मिलेगी तो खेती प्रभावित होगी. उन्होंने सरकार से किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने और जल्द समाधान करने की मांग की.
प्रशासन का कहना है कि किसानों को खाद और बीज उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा. फिलहाल, दुर्ग जिले में खाद-बीज की मांग को लेकर हुआ यह जल सत्याग्रह किसानों की परेशानियों और ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों को सामने लाता है. किसानों की मांग है कि खेती के महत्वपूर्ण समय में उन्हें जरूरी संसाधन समय पर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि फसल उत्पादन प्रभावित न हो. (रघुनंदन पांडा की रिपोर्ट)
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