कृषि विभाग के अफसरों से सवाल करते हुए बीजेपी विधायकविदर्भ में खराब सोयाबीन बीजों के कारण किसानों को दोबारा बुवाई करने की नौबत आने के बाद मामला अब राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है. महाराष्ट्र के अकोला में मुर्तिजापुर से भाजपा विधायक हरीश पिंपले ने बीज कंपनियों और कृषि विभाग के अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है. उन्होंने कहा कि किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
अकोला कलेक्ट्रेट में जिला प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में हरीश पिंपले ने अधिकारियों से तीखे सवाल किए. उन्होंने कहा कि बीजों की क्वालिटी और अंकुरण क्षमता की जांच समय रहते हो जाती तो खराब बीज बाजार तक नहीं पहुंचते और हजारों किसानों को दोबारा बुवाई करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता.
विधायक ने कहा कि इस पूरे मामले में केवल बीज कंपनियां ही नहीं, बल्कि लापरवाही बरतने वाले कृषि अधिकारी भी जिम्मेदार हैं. विभाग ने तब कार्रवाई शुरू की जब किसानों के खेतों में बीज खराब होने की शिकायतें सामने आ चुकी थीं. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा.
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में हरीश पिंपले ने कहा कि दोषी बीज कंपनियों और कृषि विभाग की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो सके. उन्होंने मांग की कि किसानों को हुए नुकसान का पूरा मुआवजा दिया जाए. साथ ही दोषी बीज कंपनियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने जैसे कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए.
पिंपले ने कहा कि किसानों को आर्थिक संकट में धकेलने वालों के खिलाफ ऐसा संदेश जाना चाहिए कि भविष्य में कोई भी कंपनी या अधिकारी इस तरह की लापरवाही करने का साहस न करे. उन्होंने उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ होने वाली सख्त कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ भी उसी तरह कठोर कदम उठाए जाने चाहिए.
विदर्भ में खराब अंकुरण वाले सोयाबीन बीजों को लेकर पहले ही बड़ी संख्या में किसानों की शिकायतें सामने आ चुकी हैं. ऐसे में अब सत्ता पक्ष के विधायक द्वारा उठाए गए सवालों ने इस पूरे विवाद को और गंभीर बना दिया है. अब किसानों की नजर सरकार और कृषि विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है.
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