Haryana: खाद की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, IFFCO के ई-बाजार गोदाम पर छापा

Haryana: खाद की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, IFFCO के ई-बाजार गोदाम पर छापा

खरीफ सीजन से पहले करनाल में कृषि विभाग और CM फ्लाइंग स्क्वाड ने खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की. हांसी रोड स्थित एक गोदाम में छापे के दौरान बिना लाइसेंस खाद का बड़ा स्टॉक मिला. प्रशासन ने FIR दर्ज कर कार्रवाई तेज कर दी है और किसानों से सही बिल के साथ ही खरीदारी करने की अपील की है.

Advertisement
Haryana: खाद की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, IFFCO के ई-बाजार गोदाम पर छापाकरनाल में खाद गोदामों पर छापा

खरीफ की बुवाई शुरू होने से पहले करनाल में कृषि विभाग ने खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. कृषि विभाग ने CM फ्लाइंग स्क्वाड के साथ मिलकर शहर के हांसी रोड पर एक गोदाम में छापा मारा. जांच में पता चला कि वहां बिना लाइसेंस के बड़ी मात्रा में खाद और कृषि उत्पाद जमा किए गए थे और बेचे भी जा रहे थे. बताया जा रहा है कि यह गोदाम IFFCO ई-बाजार से जुड़ा हुआ था.

इस मामले में उप निदेशक कृषि डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि जांच में गड़बड़ी मिलने पर M/s मोहन एंटरप्राइजेज और अमित कुमार पांडे के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं में FIR दर्ज करवाई गई है. उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार नजर रखे हुए है ताकि कोई भी डीलर किसानों को जबरदस्ती खाद के साथ दूसरे महंगे या बिना सब्सिडी वाले सामान न बेचे.

करनाल में बड़े पैमाने पर जांच

अभी तक जिले में 55 दुकानों की जांच की जा चुकी है. इनमें से 3 दुकानदारों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं, जबकि 10 के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं. डॉ. वजीर सिंह ने चेतावनी दी कि अगर कोई भी डीलर जमाखोरी करता पाया गया या किसानों से जबरदस्ती सामान खरीदवाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. उन्होंने बताया कि करनाल जिले में खरीफ सीजन के दौरान लगभग 5.30 लाख एकड़ में खेती होती है, जिसमें सबसे ज्यादा धान की खेती होती है.

1.05 लाख मीट्रिक टन यूरिया की जरूरत

खाद की जरूरत को ध्यान में रखते हुए जिले को करीब 1.05 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 20 हजार मीट्रिक टन DAP की जरूरत होती है. फिलहाल जिले में यूरिया और DAP का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाकर ही खाद लें और हमेशा बिल के साथ खरीदारी करें. अगर कोई परेशानी हो तो कृषि विभाग से तुरंत संपर्क करें.

जंग के बीच जमाखोरी का खतरा

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच खाद की सप्लाई बाधित होने और महंगाई बढ़ने की आशंका है जिसे देखते हुए कृषि विभाग कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहा है. खरीफ सीजन शुरू होने से पहले इस तरह की कार्रवाई इसलिए की जा रही है ताकि किसानों को खाद मिलने में कोई परेशानी नहीं हो.

जमाखोरी के खिलाफ सख्त हिदायत

कृषि विभाग ने साफ कहा है कि जो भी डीलर या गोदाम संचालक जमाखोरी करते पकड़ा गया, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. कृषि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसानों को सुचारू रूप से खादों की सप्लाई मिलनी चाहिए और दाम में किसी तरह की धांधली नहीं होनी चाहिए.

POST A COMMENT