टिहरी में बारिश से फसलों को नुकसानउत्तराखंड के टिहरी जनपद में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली. दोपहर बाद आसमान में घने बादल छा गए और जिले के कई क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि हुई. अचानक बदले मौसम से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली, लेकिन किसानों और बागवानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा.
जिले के ग्रामीण इलाकों में हुई ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी सब्जियों और फलदार फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है. टमाटर, खीरा, लौकी, शिमला मिर्च सहित कई मौसमी सब्जियां ओलों की मार से खराब हो गईं, जबकि सेब, प्लम, आड़ू जैसी फल फसलें भी प्रभावित हुई हैं. किसानों का कहना है कि कुछ ही देर की ओलावृष्टि ने महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया. किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है.
वहीं दूसरी ओर, लगातार सूखे और गर्म मौसम के कारण पिछले कई दिनों से जनपद के अलग-अलग जंगलों में लगी आग से वन विभाग परेशान था. बारिश होने के बाद वन विभाग ने राहत की सांस ली है. तेज बारिश के चलते कई क्षेत्रों में जंगलों में धधक रही आग काफी हद तक शांत हो गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश से जहां मौसम सुहावना हो गया है, वहीं जंगलों में आग बुझने से पर्यावरण और वन्यजीवों को भी राहत मिली है. हालांकि ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ गई है.
साथ ही, टिहरी जनपद के प्रसिद्ध पर्यटन नगरी धनोल्टी में देर रात आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचा दी. अचानक आए तूफान से वन विभाग को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा. जानकारी के अनुसार 20 से 30 देवदार के पेड़ धराशायी हो गए. तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण कई स्थानों पर देवदार के विशाल पेड़ जड़ से उखड़ गए.
वही आंधी-तूफान का सबसे अधिक असर धनोल्टी इको पार्क के अंबर क्षेत्र में देखने को मिला, जहां पार्क परिसर की टिन की छतें तेज हवाओं में उड़ गईं. वहीं पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बर्मा ब्रिज पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. इसके अलावा पार्क में लगी बैठने की बेंचें, बच्चों के झूले और अन्य संरचनाओं को भी अत्यधिक नुकसान पहुंचा है.
तूफान के चलते इको पार्क के अंदर और आसपास कई भारी-भरकम देवदार के पेड़ गिर पड़े. पेड़ों के गिरने से पार्क के कई हिस्सों में अव्यवस्था फैल गई. गनीमत रही कि घटना देर रात हुई, जिससे उस समय पार्क में पर्यटकों की मौजूदगी नहीं थी और कोई जनहानि नहीं हुई.
घटना के बाद सुबह से ही वन विभाग और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं. प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया जा रहा है और क्षति का पूरा ब्योरा तैयार किया जा रहा है.
इको पार्क समिति के सदस्य कुलदीप नेगी ने बताया कि तेज आंधी-तूफान से इको पार्क की कई संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है. उन्होंने कहा कि पार्क परिसर के अलावा आसपास के क्षेत्र में भी प्राकृतिक नुकसान हुआ है. फिलहाल टीमों द्वारा नुकसान का सर्वे किया जा रहा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
स्थानीय लोगों के अनुसार देर रात अचानक मौसम ने विकराल रूप ले लिया. तेज हवाओं, गर्जना और भारी बारिश से पूरे धनोल्टी क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. सुबह जब लोग बाहर निकले तो कई जगह पेड़ गिरे मिले और इको पार्क के भीतर भारी नुकसान का दृश्य सामने आया.
धनोल्टी क्षेत्र में हुई इस प्राकृतिक तबाही से पर्यटन गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है, फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग नुकसान के आंकलन और व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने में जुटे हुए हैं.(पंकज भट्ट की रिपोर्ट)
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