खुशियों की रस्म बनी आफतशादी में हल्दी की रस्म खुशियों, हंसी-मजाक और खूबसूरत यादों से जुड़ी होती है. माना जाता है कि हल्दी दुल्हन की सुंदरता बढ़ाती है और त्वचा को निखार देती है. लेकिन मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से एक ऐसा मामला सामने आया जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया. यहां शादी की हल्दी रस्म एक दुल्हन के लिए खुशी की जगह बड़ी परेशानी बन गई. हल्दी लगते ही दुल्हन को इतना गंभीर एलर्जी रिएक्शन हुआ कि उसे तुरंत इंदौर के एमवाय अस्पताल के ICU में भर्ती कराना पड़ा.
जानकारी के अनुसार, खरगोन जिले के कसरावद में रहने वाली दुल्हन की शादी की रस्में चल रही थीं. घर में खुशी का माहौल था और हल्दी की रस्म निभाई जा रही थी. लेकिन कुछ ही देर बाद दुल्हन के शरीर पर लाल चकत्ते निकलने लगे. धीरे-धीरे उसके चेहरे और होंठों पर सूजन आ गई और उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी. परिवार घबरा गया और तुरंत दुल्हन को अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने उसे ICU में भर्ती कर इलाज शुरू किया. राहत की बात यह रही कि समय पर इलाज मिलने से उसकी हालत में सुधार हुआ और बाद में उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.
परिजनों ने बताया कि हल्दी रस्म के लिए बाजार से सस्ती और खुली हल्दी खरीदी गई थी. डॉक्टरों और विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल कई जगह हल्दी को ज्यादा पीला और चमकदार दिखाने के लिए उसमें ‘मेटानिल येलो’ जैसे खतरनाक केमिकल मिलाए जाते हैं. यह एक सिंथेटिक रंग होता है जो शरीर में गंभीर एलर्जी पैदा कर सकता है.
विशेषज्ञों के मुताबिक मिलावटी हल्दी से त्वचा पर जलन, खुजली, लाल चकत्ते, सूजन और सांस लेने में परेशानी हो सकती है. गंभीर मामलों में यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर सकती है और मरीज को ‘एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम’ जैसी खतरनाक स्थिति तक पहुंचा सकती है.
असल और शुद्ध हल्दी शरीर के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है. इसमें मौजूद करक्यूमिन शरीर की सूजन कम करने, त्वचा को चमकदार बनाने और इम्यूनिटी मजबूत करने में मदद करता है. हल्दी का इस्तेमाल चोट, सर्दी-जुकाम और त्वचा की देखभाल में भी लंबे समय से किया जाता रहा है. शादी की हल्दी रस्म में भी इसे शुभ और स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है. लेकिन जब हल्दी में मिलावट हो जाए, तो यही फायदेमंद मसाला शरीर के लिए खतरा बन सकता है.
विशेषज्ञों का कहना है कि हल्दी खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. कोशिश करें कि खुली हल्दी की जगह खड़ी हल्दी खरीदें और उसे घर पर पिसवाएं. अगर पाउडर हल्दी खरीद रहे हैं तो भरोसेमंद ब्रांड ही लें.
हल्दी की पहचान के लिए एक आसान तरीका यह है कि एक गिलास पानी में हल्दी डालें. अगर हल्दी तुरंत रंग छोड़ने लगे या पानी पूरी तरह चमकीला पीला हो जाए, तो उसमें मिलावट हो सकती है. शुद्ध हल्दी धीरे-धीरे नीचे बैठती है और उसका रंग बहुत ज्यादा चमकीला नहीं होता.
इसके अलावा हाथ पर हल्दी रगड़ने पर अगर रंग बहुत ज्यादा चटक और कृत्रिम लगे, तो सावधान हो जाना चाहिए.
अगर हल्दी लगाने के बाद त्वचा पर खुजली, जलन, लाल चकत्ते, सूजन या सांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत हल्दी को साफ पानी से धो दें. ज्यादा परेशानी होने पर बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें. घरेलू इलाज पर भरोसा करने की बजाय मेडिकल सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि कई बार एलर्जी तेजी से गंभीर रूप ले सकती है.
इस घटना के बाद खाद्य विभाग ने भी लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है. अधिकारियों का कहना है कि मिलावटी हल्दी बेचने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी. साथ ही लोगों से अपील की गई है कि शादी जैसे खास मौकों पर सस्ती और खुली हल्दी खरीदने से बचें. अब बड़ा सवाल यही है कि आखिर खुशियों और शुभता की पहचान मानी जाने वाली हल्दी कब तक मिलावटखोरों के भरोसे रहेगी.
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