छत्‍तीसगढ़ में इस केंद्र से 46 हजार क्विंटल खाद गायब! जिम्‍मेदार छूमंतर, मोबाइल भी बंद

छत्‍तीसगढ़ में इस केंद्र से 46 हजार क्विंटल खाद गायब! जिम्‍मेदार छूमंतर, मोबाइल भी बंद

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के जिल्दा धान खरीदी केंद्र में पांच ट्रक खाद गायब होने के आरोप से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. ग्रामीणों ने समिति प्रबंधक पर किसानों की खाद बेचने का आरोप लगाया है. शिकायत के बाद प्रशासन ने गोदाम सील कर जांच शुरू कर दी है.

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छत्‍तीसगढ़ में इस केंद्र से 46 हजार क्विंटल खाद गायब! जिम्‍मेदार छूमंतर, मोबाइल भी बंदखाद वितरण केंद्र को अफसरों ने किया सील

खरीफ सीजन से पहले छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के जिल्दा धान खरीदी केंद्र में खाद वितरण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. किसानों के लिए भेजी गई रासायनिक खाद की कथित कालाबाजारी के आरोपों ने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया है. ग्रामीणों का आरोप है कि रिकॉर्ड में दर्ज पांच ट्रक खाद केंद्र तक पहुंची, लेकिन जरूरत पड़ने पर गोदाम खाली मिला. मामले ने तूल तब पकड़ा जब सुशासन तिहार के दौरान ग्रामीणों ने लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग कर दी. वहीं, विधायक ने लगभग 46 हजार क्विंटल खाद गायब होने का दावा किया है.

किसानों के नाम पर आई खाद बेचने का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि आदिम जाति सहकारी समिति मर्यादित जिल्दा के समिति प्रबंधक ने किसानों के लिए आई खाद को बांटने के बजाय चोरी-छिपे बेच दिया. किसानों का कहना है कि पिछले साल भी इसी तरह की शिकायतें सामने आई थीं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हुई थी. इस बार किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा.

शिकायतकर्ता ने बताई किसानों की परेशानी

जिल्दा निवासी शिकायतकर्ता राम प्रकाश साहू ने बताया कि खरीफ सीजन की खेती के लिए समिति को जो रासायनिक खाद आवंटित हुई थी, उसका बड़ा हिस्सा किसानों तक नहीं पहुंचा. उन्‍होंने आरोप लगाया कि आधी खाद पहले ही बेच दी गई.  पिछले साल भी किसानों को खाद नहीं मिली थी, जिसके चलते किसानों को बाजार से महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. राम प्रकाश साहू ने मांग की है कि इस बार किसानों को जमीन के आधार पर पूरी खाद उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें दोबारा नुकसान न झेलना पड़े.

मौके पर पहुंचे विधायक भइया लाल राजवाड़े

किसानाें की शिकायत के बाद क्षेत्रीय विधायक भइया लाल राजवाड़े, बैकुंठपुर जनपद के उपाध्यक्ष प्यारेलाल साहू और बड़ी संख्या में ग्रामीण जिल्दा समिति पहुंचे. मौके पर समिति प्रबंधक को कई बार फोन किया गया, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला. इससे ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया. ग्रामीणों ने गोदाम का निरीक्षण कर दावा किया कि रिकॉर्ड में दर्ज खाद का स्टॉक मौके पर मौजूद नहीं है.

जनपद उपाध्‍यक्ष बोले- पहले भी दबाई गई थीं शिकायतें

वहीं, जनपद उपाध्यक्ष प्यारेलाल साहू ने कहा कि उन्हें पहले से जानकारी मिल रही थी कि रिकॉर्ड में पांच ट्रक खाद दर्ज है, लेकिन गोदाम में खाद दिखाई नहीं दे रही. उन्होंने बताया कि कुछ ग्रामीणों ने खुद गोदाम जाकर स्थिति देखी. साहू ने आरोप लगाया कि पिछली बार भी ऐसी शिकायत हुई थी, लेकिन मामले को दबा दिया गया. उन्होंने मांग की कि जांच के बाद दोषियों को बर्खास्त कर सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही कहा कि इस मुद्दे को लेकर कलेक्टर से भी मुलाकात की जाएगी.

प्रशासन और पुलिस टीम ने संभाला मोर्चा

मामले की गंभीरता बढ़ने पर विधायक भइया लाल राजवाड़े ने प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाया. जिला सहायक पंजीयक सहकारिता, बचड़ापोड़ी तहसीलदार देव प्रसाद यादव और पुलिस टीम जांच के लिए पहुंची. ग्रामीणों के विरोध के बीच प्रशासन ने गोदाम को सील करने की कार्रवाई की.

तहसीलदार देव प्रसाद यादव ने क्या कहा?

बचड़ापोड़ी तहसीलदार देव प्रसाद यादव ने बताया कि सुशासन तिहार शिविर के दौरान खाद से जुड़ी शिकायत सामने आई थी, जिसके बाद उन्हें मौके पर बुलाया गया. उन्होंने कहा कि प्रभारी अधिकारी मौजूद नहीं थे और समिति प्रबंधक का मोबाइल भी बंद आ रहा था. ऐसे में खाद के आगमन और वितरण का सत्यापन नहीं हो पाया. इसी वजह से आरसीएस अधिकारी ने गोदाम को सील करने का निर्णय लिया. तहसीलदार ने बताया कि अगले दिन रिकॉर्ड और स्टॉक का सत्यापन कर जांच आगे बढ़ाई जाएगी.

विधायक ने उठाए रिकॉर्ड और स्टॉक पर सवाल

वहीं, विधायक भइया लाल राजवाड़े ने कहा कि मौके पर समिति प्रबंधक मौजूद नहीं मिला और गोदाम की चाबी तक उपलब्ध नहीं कराई गई. उन्होंने दावा किया कि रिकॉर्ड के अनुसार, करीब 45 हजार 95 क्विंटल (लगभग 46 हजार क्विंटल) खाद यहां उतारी गई थी, लेकिन उसका कोई स्पष्ट हिसाब नहीं मिल रहा. विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोदाम सील कर विस्तृत जांच की जाए और जहां खाद रखे जाने की बात कही जा रही है, वहां भी सत्यापन किया जाए. उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामले में गड़बड़ी दिखाई दे रही है और जांच के बाद सच्चाई सामने लाई जाएगी. (धीरेंद्र विश्‍वकर्मा की र‍िपोर्ट)

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