Goat for Bakrid: मुनाफा कमाने को बकरीद के लिए सालभर ऐसे तैयार किए जाते हैं बकरे Goat for Bakrid: मुनाफा कमाने को बकरीद के लिए सालभर ऐसे तैयार किए जाते हैं बकरे
Goat for Bakrid बकरीद पर बकरों की कुर्बानी दी जाती है. आज जगह की कमी के चलते बहुत सारे ऐसे लोग भी हैं जो बकरीद से 10-15 दिन पहले बकरे खरीदते हैं. और खासतौर पर पशुपालकों के लिए ये वो मौका होता है जब वो बकरे बेचकर पूरे साल का खर्चा निकालते हैं. लेकिन ये तभी मुमकिन है जब पूरे साल बकरे पाले जाएं.
बरबरी नस्ल की बकरियां. फोटो क्रेडिट-किसान तकनासिर हुसैन - New Delhi,
- May 14, 2026,
- Updated May 14, 2026, 11:13 AM IST
सालभर में ऐसा एक वक्त आता है जब सिर्फ 10 से 15 दिन में लाखों बकरे बिक जाते हैं. वो भी मुंह मांगे दामों पर. और मौका होता है कुर्बानी के त्यौहार बकरीद का. ये भी बड़ी हकीकत है कि आम दिनों के मुकाबले बकरीद पर बिकने वाले बकरे चार से पांच हजार रुपये महंगे ही बिकते हैं. इसलिए ज्यादातर बकरी पालकों की ये कोशिश होती है कि सालभर पाले गए बकरों से बकरीद पर ज्यादा से ज्यादा और अच्छा मुनाफा हो. लेकिन इसके लिए साल 2027 वाली बकरीद के बकरों की तैयार 2026 से ही करनी होगी.
इस बारे में अगर गोट एक्सपर्ट की मानें तो ये मुनाफा और ज्यादा हो सकता है, अगर बकरे को पूरे साल पालकर बकरीद पर बेचा तो. क्योंकि बकरीद पर कुर्बानी के लिए बकरा देखने में खूबसूरत, लम्बा-तगड़ा और वजनदार है तो फिर मुंह मांगे दाम मिलते हैं. ये वो मौका होता है जब बाजार में बकरों की बहुत डिमांड होती है. बकरीद पर बकरे बेचकर पशुपालक अपना पूरे सालभर का खर्च निकाल लेते हैं.
बकरीद के लिए बकरे तैयार करने के टिप्स
ऐसे पाला तो कम होगा मुनाफा
- बकरीद के लिए लोग 2 से 3 महीने का बकरा (बच्चा) लाकर पालते हैं.
- इस बच्चे की कीमत 4.5 से 5 हजार रुपये तक होती है.
- इसके बाद 9 से 10 महीने इस बच्चे को पाला जाता है.
- पालने के दौरान एक बच्चे की खुराक, दवाई आदि पर सात से आठ हजार रुपये की लागत आती है.
- एक्सपर्ट के मुताबिक बकरीद के बकरा को सिर्फ खुले मैदान की चराई पर ही नहीं रख सकते हैं.
- घर में बच्चे को जौ-चना जैसा दाना और मिनरल मिक्चर भी खिलाना होता है.
- इस तरह एक साल बाद बकरी का बच्चा 12 से 13 हजार रुपये की लागत में तैयार हो जाता है.
- बकरीद के लिए पाले जा रहे बकरे पर आने वाली लागत को और कम किया जा सकता है.
ये तरीका कराएगा बड़ा मुनाफा
- बकरी पालकर उससे बच्चे लिए जाएं तो एक साल के बकरे की लागत कम आएगी.
- बकरियों की कई नस्ल ऐसी हैं जो एक साल में दो बार तक बच्चे देती हैं.
- इस तरह एक साल में बकरी के बच्चों की संख्या चार से पांच हो जाती है.
- तीन महीने तक तो बकरी के बच्चों को सिर्फ दूध पिलाना होता है.
- एकसपर्ट के मुताबिक इस दौरान सिर्फ बकरी को ही चारा खिलाने का खर्च आएगा.
- चारा खाने वाली उस बकरी पर दो से तीन बच्चे पल जाते हैं.
- बाजार से दो बच्चों को खरीदने का खर्च 9-10 हजार रुपये बच जाएंगे.
- बच्चा तीन महीने तक बकरी का दूध पिएगा तो उसकी ग्रोथ भी अच्छी होगी.
- एक साल में मोटा ताजी दिखाई देने लगेगा और मीट भी क्वालिटी का बनेगा.
यहां जल्दी बिकते हैं बकरे
- देश के स्थानीय बाजारों में सालभर बकरे के मीट की डिमांड रहती है.
- कोलकाता में दुर्गा पूजा के मौके पर यूपी, एमपी और राजस्थान से बकरे जाते हैं.
- बकरीद के मौके पर खासतौर से उत्तर भारत से देशभर में बकरे सप्लाई होते हैं.
- बकरीद से कई दिन पहले लाखों की संख्या में बकरे खाड़ी देशों को जाते हैं.
- रोजाना की डिमांड पूरी करने के लिए भी अरब देशों में बकरे भेजे जाते हैं.
- बकरीद के मौके पर बकरों की बड़ी मंडी यूपी, एमपी, राजस्था और हरियाणा में लगती है.
- जसवंत नगर (यूपी), कालपी (मध्य प्रदेश), महुआ, अलवर (राजस्थान) और मेवात (हरियाणा) में.
- लगती है. यहां से देश ही नहीं विदेशों की डिमांड भी पूरी की जाती है.
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