बड़वानी की प्रमिला पाटीदार ने ₹3.5 करोड़ के निवेश से गंगा कावेरी इंडस्ट्रीज शुरू की.एमएसएमई प्रोत्साहन योजना के तहत 48% तक अनुदान मिला. कॉर्न फ्लेक्स उत्पादन से 20–25 लोगों को रोजगार और स्थानीय मक्का किसानों को बाजार मिला.
रेवापुर की कविता चौहान ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर ₹10 हजार के ऋण से ऑनलाइन और बैंक बीसी दुकान शुरू की. इसके बाद ‘नमो ड्रोन’ प्रशिक्षण लेकर 2 हजार एकड़ से अधिक खेतों में ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव किया और ₹5.81 लाख से ज्यादा की आय अर्जित कर ‘ड्रोन दीदी’ के रूप में पहचान बनाई.
जबलपुर की दीपिका जाट ने 2024 में घर से ‘बृजवासी ऑयल’ के नाम से कोल्ड प्रेस्ड ऑयल का कारोबार शुरू किया.मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से ₹6.80 लाख का ऋण लेकर शुरू हुआ यह कारोबार अब सालाना ₹10–12 लाख तक पहुंच गया है.
मध्यप्रदेश में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में RUMSL और ADB के बीच समझौता हुआ.ओंकारेश्वर में 600 MW तक के फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट समेत तीन नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की तैयारी है.
नरसिंहपुर के गाडरवारा में युवा उद्यमी सोहिल मंसूरी ने पराली को समस्या नहीं, बल्कि कमाई और स्वच्छ ऊर्जा का जरिया बना दिया.ग्रीन इंडियो बायोफ्यूल्स के जरिए कृषि अवशेषों से बायोमास पेलेट तैयार किए जा रहे है. इस पहल से किसानों को अतिरिक्त आय, युवाओं को रोजगार और पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को कम करने की दिशा में नई राह मिली है.
भोपाल के भारतीय कृषि अभियंत्रिकी संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी और उनकी टीम ने फलों की ताजगी पहचानने के लिए इंटेलिजेंट पैकेजिंग विकसित की है.चुकंदर के पाउडर से तैयार स्मार्ट स्टिकर और फ्रेशनेस मार्कर के रंग में बदलाव से ग्राहक बिना पैकेट खोले फल की गुणवत्ता का अंदाजा लगा सकेगा.
IIITDM जबलपुर ने एमपी काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सहयोग से स्वदेशी स्मार्ट हाइब्रिड सोलर ड्रायर विकसित किया है.यह तकनीक सूर्यास्त के बाद भी चार घंटे तक कार्य करती है और टमाटर, प्याज जैसी जल्दी खराब होने वाली फसलों को वैल्यू एडेड उत्पादों में बदलकर छोटे किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगी.
मध्यप्रदेश हरित ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से नई पहचान बना रहा है। राज्य भारतीय रेलवे सहित 8 राज्यों को ग्रीन एनर्जी की आपूर्ति कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सौर, पवन और पंप्ड हाइड्रो परियोजनाओं के जरिए मध्यप्रदेश जल्द ही देश का अग्रणी स्वच्छ ऊर्जा केंद्र बनेगा।
सागर में आलू, प्याज और लहसुन की खेती के लिए आधुनिक प्लांटर-डिगर मशीन किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है.यह मशीन बुवाई से लेकर खुदाई तक का काम कर 40 से 60% तक श्रम बचाती है, लागत घटाती है और उत्पादन बढ़ाने में मदद करती है.
भोपाल स्थित आईसीएआर-केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान (CIAE) और भारतीय पैकेजिंग संस्थान (IIP) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय मंथन में कृषि उत्पादों के लिए स्मार्ट एवं इंटेलिजेंट पैकेजिंग तकनीकों पर व्यापक चर्चा हुई.विशेषज्ञों ने AI, IoT, बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग और फ्रेशनेस इंडिकेटर जैसी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने तथा इनके व्यावसायीकरण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
मध्य प्रदेश के सागर जिले में अल्ट्रा लो-कॉस्ट शेडनेट हाउस योजना को किसानों का शानदार समर्थन मिल रहा है.60 के लक्ष्य के मुकाबले 62 आवेदन प्राप्त हुए हैं. कम लागत में संरक्षित खेती के इस मॉडल से किसान बेहतर गुणवत्ता का उत्पादन, अधिक पैदावार और बढ़ी हुई आय हासिल कर रहे हैं.
मध्य प्रदेश सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष-2026 के तहत बड़ा फैसला लिया है. अब हर विधानसभा में कृषि यंत्र किराये की दुकान खोली जाएगी.वर्तमान में 5,260 केंद्र संचालित हैं और हर साल 1,060 नए केंद्र खुलेंगे, जिससे छोटे किसानों को कम खर्च में आधुनिक कृषि मशीनों का लाभ मिलेगा.
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