Wheat Procurement: मध्‍य प्रदेश में अब तक गेहूं की 81 प्रतिशत खरीद पूरी, ये है आखिरी तारीख

Wheat Procurement: मध्‍य प्रदेश में अब तक गेहूं की 81 प्रतिशत खरीद पूरी, ये है आखिरी तारीख

मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. सरकार के मुताबिक अब तक 80 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं खरीदा जा चुका है. किसानों को बोनस समेत भुगतान भी जारी है, जबकि खरीदी की अंतिम तारीख बढ़ाकर 23 मई कर दी गई है.

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Wheat Procurement: मध्‍य प्रदेश में अब तक गेहूं की 81 प्रतिशत खरीद पूरी, ये है आखिरी तारीखमध्‍य प्रदेश गेहूं खरीदी प्रक्रिया (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश में रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के दौरान गेहूं की खरीद तेजी से जारी है. प्रदेश में 100 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्‍य के मुकाबले लभगग 81 प्रतिशत खरीदी पूरी हो चुकी है और यह प्रक्रिया 23 मई तक जारी रहेगी. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने शुक्रवार काे जानकारी दी कि अब तक 11 लाख 54 हजार 593 किसानों से 80 लाख 90 हजार 864 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हो चुकी है. राज्य सरकार किसानों को समर्थन मूल्य के साथ बोनस देकर खरीद कर रही है, जिससे खरीद केंद्रों पर किसानों की अच्छी भागीदारी देखने को मिल रही है. 

खरीदी अवधि बढ़ने से किसानों को मिली राहत

राज्‍य सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गेहूं खरीद की अंतिम तारीख 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 की है. इसके साथ ही तौल पर्ची बनाने का समय भी बढ़ाया गया है. अब शाम 6 बजे के बजाय रात 10 बजे तक तौल पर्चियां बनाई जा रही हैं, जबकि भुगतान से जुड़ी रसीद रात 12 बजे तक जारी की जा रही हैं. वहीं हफ्ते में 6 दिन सोमवार से शनिवार तक खरीदी प्रक्रिया जारी रखी गई है, ताकि किसानों को ज्यादा इंतजार न करना पड़े.

खरीद केंद्रों पर बढ़ाई गई व्यवस्थाएं

राज्य सरकार ने खरीदी केंद्रों पर दबाव कम करने के लिए कई प्रशासनिक फैसले भी लिए हैं. हर खरीद केंद्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है. जरूरत पड़ने पर जिलों को अतिरिक्त तौल कांटे बढ़ाने का अधिकार भी दिया गया है. वहीं, एनआईसी सर्वर की क्षमता बढ़ाने के साथ तकनीकी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है, ताकि ऑनलाइन प्रक्रिया में बाधा न आए. खाद्य विभाग की ओर से लगातार खरीदी की मॉनिटरिंग की जा रही है.

किसानों के खातों में पहुंचे 9500 करोड़ रुपये से ज्यादा

मंत्री ने बताया कि गेहूं खरीदी के भुगतान स्‍वरूप किसानों को अब तक 9522.92 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जा चुके हैं. सरकार किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर खरीदी कर रही है, जबकि राज्य सरकार की ओर से 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जा रहा है. इस तरह किसानों को कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर मिल रही है. खरीदे गए गेहूं में से 69 लाख 12 हजार 735 मीट्रिक टन गेहूं का उठाव भी किया जा चुका है.

गेहूं खरीद में भोपाल और उज्जैन डिविजन सबसे आगे

डिविजन   - गेहूं खरीदी की मात्रा (मीट्रिक टन)

भोपाल डिविजन     - 22,86,653                 
उज्जैन डिविजन    - 18,92,792                  
जबलपुर डिविजन  - 8,96,187                   
सागर डिविजन    - 6,67,881                  
इंदौर डिविजन    - 6,59,985                  
नर्मदापुरम डिविजन - 6,43,490                  
शहडोल डिविजन   - 5,66,083                  
रीवा डिविजन   - 4,77,510                  
ग्वालियर डिविजन  - 3,32,094                  
चंबल डिविजन - 1,77,589                   
कुल खरीदी - 80,90,864 मीट्रिक टन

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