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महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश का कहर, कई जिलों में ज्वार-गेहूं और अरहर की फसलें बर्बाद

महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश का कहर, कई जिलों में ज्वार-गेहूं और अरहर की फसलें बर्बाद

महाराष्ट्र के वाशिम जिले में कल रात से आज सुबह तक हुई बेमौसम बारिश ने भेड़-बकरियों को भी अपना निशाना बनाया है. रात एक बजे से जिले के हर इलाके में बारिश शुरू हो गयी. कारंजा शहर से कुछ दूरी पर स्थित कोठारी गांव के एक खेत में एक चरवाहे ने 200 से 300 भेड़ें पाल रखी थीं. बीती रात इस इलाके में ओलावृष्टि के साथ बारिश हुई, जिससे 7 भेड़ों की मौत हो गयी.

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महाराष्ट्र के अकोला में बेमौसम बारिश ने कहर बरपाया है. बारिश के साथ-साथ तूफानी हवा ने भी अरहर और कपास की खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है. अकोला के डोंगरगांव के किसान योगेश नागपुर ने अपने खेत में अरहर और कपास बोया था. कपास की फसल की निराई-गुड़ाई चल रही थी. इस बीच बारिश ने कपास की फसल को पूरी तरह से भिगो दिया. जिससे किसान योगेश को भारी नुकसान हुआ. इतना ही नहीं इस तेज हवा और बारिश के कारण उनकी चार एकड़ जमीन में लगी अरहर की फसल भी जमीन पर गिर गयी है. जिसके कारण अरहर की फसल की पहली बारिश में ही बर्बाद हो गयी. जिससे योगेश को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है.

योगेश ने अपनी खेती के लिए बैंक से 1 लाख रुपये से ज्यादा का कर्ज लिया है. अब फसल बर्बाद हो गई है तो कर्ज कैसे चुकाएं यह सवाल खड़ा हो गया है. क्योंकि इस समय सोयाबीन की फसल सभी किसानों को धोखा दे चुकी है. किसानों को विश्वास था कि कपास और अरहर की फसल से पैसे मिलने पर मैं बैंक का कर्ज चुका दूँगा. लेकिन यहां भी किसानों को निरसा हाथ लगी है. 

बेमौसम बारिश से किसान निराश

लेकिन इस बेमौसम बारिश से उन्हें निराशा हाथ लगी है. अब सरकार से इन फसलों का सर्वे कर नुकसान का मुआवजा देने की मांग की जा रही है. योगेश जैसे अन्य किसान भी ऐसा ही कर रहे हैं। विदर्भ के कई इलाकों में इस बेमौसम बारिश ने कपास की हर फसल को बर्बाद कर दिया है. वहीं बाकी फसलों को नुकसान हुआ है.

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बारिश से भेड़-बकरियों को भी परेशानी!

महाराष्ट्र के वाशिम जिले में कल रात से आज सुबह तक हुई बेमौसम बारिश ने भेड़-बकरियों को भी अपना निशाना बनाया है. रात एक बजे से जिले के हर इलाके में बारिश शुरू हो गयी. कारंजा शहर से कुछ दूरी पर स्थित कोठारी गांव के एक खेत में एक चरवाहे ने 200 से 300 भेड़ें पाल रखी थीं. बीती रात इस इलाके में ओलावृष्टि के साथ बारिश हुई, जिससे 7 भेड़ों की मौत हो गयी. वहीं दूसरी और मनोरा शहर में एक पेड़ पर बैठे बगुलों पर भी यह बेमौसम बारिश ने कहर बरपया है. जिससे कई बगुले मर गये। इस बेमौसम बारिश से किसानों की कपास और अरहर की फसल को भारी नुकसान होने की आशंका है.

बारिश और ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद

छत्रपति संभाजीनगर जिले में बेमौसम बारिश के कारण किसानों के खेतों में पानी घुस गया. जिससे हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई. छत्रपति संभाजीनगर जिले में अचानक मौसम बदला और रात में भारी बारिश हुई. कुछ इलाकों में बूंदाबांदी भी हुई है, जबकि जिले के पैठण, फुलंबरी, गंगापुर, वैजापुर, सिल्लोड तालुका में तेज हवा के कारण ज्वार, गेहूं, मक्का, चना जैसी रबी फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं. कुछ स्थानों पर दस से पंद्रह मिनट तक ओलावृष्टि हुई और फलों के बगीचों को भी नुकसान पहुंचा. कई किसानों ने अपने खेतों से कपास निकाल लिया था और बारिश के कारण किसानों के पास रखा कपास भी खराब हो गया. (वाशिम से जका खान और संभाजीनगर से इसरार चिस्ती का इनपुट)