गेहूं की फसल बर्बाद (AI- तस्वीर)पंजाब के मालवा क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से हो रही असमय बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. इस क्षेत्र के मुक्तसर, फाजिल्का, मानसा और बठिंडा जिलों में खड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है. फसल कटाई से ठीक पहले आई इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इस समय फसल पूरी तरह तैयार थी और किसान अच्छी पैदावार की उम्मीद कर रहे थे.
स्थिति का जायजा लेने के लिए पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने मुक्तसर जिले के कई गांवों का दौरा किया. उनके साथ प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे. उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि विशेष गिरदावरी (फसल नुकसान का सर्वे) के आधार पर उन्हें मुआवजा दिया जाएगा. मंत्री ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में हालात काफी खराब हैं, लेकिन सरकार जल्द ही नुकसान का आकलन कर राहत देने की प्रक्रिया पूरी करेगी. हालांकि, अभी तक पूरे क्षेत्र में कुल नुकसान का सही आंकड़ा सामने नहीं आया है.
मुक्तसर जिले के मुख्य कृषि अधिकारी के अनुसार, करीब 35,000 एकड़ में गेहूं की फसल प्रभावित हुई है, जिसमें 50 से 75 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है. अलग-अलग इलाकों में नुकसान का स्तर अलग-अलग है. वहीं बठिंडा जिले में नुकसान सीमित बताया जा रहा है, लेकिन कुछ गांवों में स्थिति गंभीर है.
मानसा जिले में तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ और कई जगह बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में गेहूं की फसल पूरी तरह जमीन पर गिरी हुई और ओलों के ढेर साफ नजर आ रहे हैं, जो नुकसान की गंभीरता को दिखाते हैं.
फाजिल्का जिले के किसानों ने बताया कि वे अभी तक पिछले साल के नुकसान से उबर नहीं पाए हैं और कई किसानों को अब तक मुआवजा भी नहीं मिला है. ऐसे में इस बार फिर से फसल खराब होने से उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हो गई है. किसानों का कहना है कि अगर जल्द मदद नहीं मिली तो उनके लिए खेती जारी रखना मुश्किल हो जाएगा.
शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए राज्य सरकार से तुरंत राहत देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि किसानों और मजदूरों की मेहनत फसल कटाई से पहले ही बर्बाद हो गई है, इसलिए सरकार को तुरंत विशेष गिरदावरी कराकर मुआवजा जारी करना चाहिए.
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है. आसमान में बादल छाए रहेंगे और बारिश का दौर जारी रह सकता है. इससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि अगर बारिश जारी रही तो नुकसान और ज्यादा हो सकता है. कुल मिलाकर, इस आपदा ने मालवा क्षेत्र के किसानों को गहरे संकट में डाल दिया है और अब उनकी नजर सरकार की मदद और मौसम के सुधार पर टिकी हुई है.
ये भी पढ़ें:
खाद संकट में किसानों का देसी जुगाड़: बिना यूरिया धान की खेती, लागत हुई शून्य
Zoonotic Disease: गर्मियों में पशुओं को बीमारियों से बचाएगा NOHM, 12 टिप्स का करना होगा पालन
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today