धान की फसल बर्बादछत्तीसगढ़ में चक्रवात 'अर्नब' के असर से हुई बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. राज्य के कई इलाकों में कटाई के लिए तैयार धान की फसल को नुकसान पहुंचा है. तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी फसल जमीन पर गिर गई है, जबकि कई खेतों में पानी भर गया है. इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है. पिछले दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश ने बस्तर, रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा संभाग के कई इलाकों को प्रभावित किया है. किसानों का कहना है कि उनकी धान की फसल पूरी तरह पक चुकी थी और कटाई की तैयारी चल रही थी, लेकिन बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया.
किसानों के मुताबिक, तेज हवाओं के चलते खेतों में खड़ी धान की फसल जमीन पर गिर गई है. वहीं, खेतों में पानी भरने से फसल के खराब होने का खतरा और बढ़ गया है. किसानों को चिंता है कि अगर मौसम जल्द साफ नहीं हुआ, तो उन्हें और नुकसान उठाना पड़ सकता है. किसान ताराचंद साहू ने बताया कि दो दिनों की बारिश से उनकी पूरी फसल प्रभावित हुई है. धान पक चुका था और कटाई की तैयारी चल रही थी. उन्होंने कहा कि खेती के लिए सरकार से कर्ज लिया था और अब उसे चुकाने का समय आ गया है. लेकिन फसल खराब होने से उनके सामने कर्ज चुकाने और परिवार का खर्च चलाने की समस्या खड़ी हो गई है.
किसान पीयूष साहू ने बताया कि उनके खेत में धान कटाई के लिए पूरी तरह तैयार था, लेकिन खराब मौसम के कारण फसल बर्बाद हो गई. किसान सरकारी खरीद शुरू होने का इंतजार कर रहे थे, ताकि अपनी उपज बेचकर परिवार का खर्च चला सकें. अब फसल को हुए नुकसान से उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ने की आशंका है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द खेतों का सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता दी जाए.
एक अन्य किसान मोती लाल साहू ने बताया कि पिछले दो दिनों की बारिश और तेज हवाओं से खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई है. कई खेतों में पानी जमा हो गया है. उन्होंने कहा कि खेती में बीज, खाद और दूसरी जरूरी चीजों पर काफी खर्च होता है. इसके लिए उनको कर्ज लेना पड़ा था. लेकिन अब फसल खराब होने के बाद उनके और सभी किसानों के सामने सबसे बड़ी चिंता कर्ज चुकाने की है. वहीं, किसानों का कहना है कि अगर फसल का नुकसान हुआ है, तो सरकार को जल्द सर्वे कराकर उन्हें मुआवजा देना चाहिए. (ANI)
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