पीएम मोदी ने जारी की पीएम किसान की 24वीं किस्तप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर को गुजरात के बनासकांठा में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी की. इसके साथ ही पीएम मोदी ने 14 हजार करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यो का लोकार्पण-शिलान्यास किया.
इस अवसर पर बनासकांठा में कई प्रोग्राम आयोजित किए गए. यहां प्रधानमंत्री की सभा में पहली बार खाट पर किसान-पशुपालक बैठे और अपनी बात रखी. बनास डेयरी से जुड़ी महिला पशुपालक "मोदी कहीं नहीं जाएगा" के पोस्टर - बैनर के साथ पहुंचीं.
प्रधानमंत्री ने बनासकांठा के भिलडी में 'भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर' (BBBRC) राष्ट्र को समर्पित किया. 127 एकड़ में फैला यह केंद्र अत्याधुनिक 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में स्थापित किया गया है. BBBRC पशु प्रजनन, आनुवंशिक सुधार और उन्नत प्रजनन तकनीकों को मजबूत करेगा, जिससे नस्ल सुधार की गति 10-20 गुना बढ़ जाएगी. यह देश की अपनी तरह की पहली ऐसी सुविधा होगी जो कांकरेज मवेशी नस्ल के लिए समर्पित है.
प्रधानमंत्री थराद और राधनपुर में बनास डेयरी के दो बायो-CNG प्लांट की आधारशिला रखेंगे, जिनकी क्षमता क्रमशः 75 मीट्रिक टन प्रतिदिन और 100 मीट्रिक टन प्रतिदिन गोबर प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) की होगी.
इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने अहमदाबाद मेट्रो के फेज-2A (एयरपोर्ट एक्सटेंशन) और फेज-2B (GIFT सिटी एक्सटेंशन) की आधारशिला रखी. फेज-2A की लंबाई 6 किमी से अधिक है और इसमें कोटेश्वर रोड से एयरपोर्ट तक पांच स्टेशन शामिल हैं, जबकि फेज-2B की लंबाई 3.3 किमी से अधिक है और इसमें GIFT सिटी से शाहपुर तक तीन स्टेशन शामिल हैं.
प्रधानमंत्री ने लगभग 2,600 करोड़ रुपये की लागत से अहमदाबाद-मेहसाणा रोड (स्टेट हाईवे-41) को चार लेन से आठ लेन में अपग्रेड और मजबूत करने की आधारशिला रखी. यह परियोजना अहमदाबाद और उत्तर गुजरात के बीच यात्रा को तेज, सुरक्षित और अधिक आरामदायक बनाएगी. प्रधानमंत्री ने गुजरात में 4,030 नए बाल-अनुकूल आंगनवाड़ी केंद्रों की आधारशिला रखी और 361 तैयार बाल-अनुकूल आंगनवाड़ी केंद्रों का उद्घाटन किया. 800 करोड़ रुपये के निवेश वाली इस पहल से 4 लाख से अधिक लोगों को लाभ होगा.
प्रधानमंत्री ने 'एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड' के तहत पूरी की गई 521 परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित की, जिनकी कुल लागत लगभग 4,950 करोड़ रुपये है. इन परियोजनाओं में कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं और कोल्ड चेन, गोदाम, साइलो, पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस, एकीकृत प्राथमिक और माध्यमिक प्रसंस्करण सुविधाएं और प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र शामिल हैं.
प्रधानमंत्री ने सनादर में आलू प्रसंस्करण संयंत्र के विस्तार का उद्घाटन किया और पालनपुर में अल्ट्रा-हाई-टेम्परेचर (UHT) उत्पादों के लिए 'ऑटोमेटेड स्टोरेज एंड रिट्रीवल सिस्टम' (ASRS) को चालू किया.
प्रधानमंत्री ने PM-किसान योजना की 24वीं किस्त जारी की, जिसकी राशि ₹19,000 करोड़ है. इससे देश भर के करोड़ों किसानों को वित्तीय सहायता मिलेगी. प्रधानमंत्री ने 12 मंजूर किए गए बागवानी क्लस्टर के तहत जमीनी स्तर पर काम शुरू करने की घोषणा की. लगभग 1.46 लाख हेक्टेयर में फैले इन क्लस्टर से 1.3 लाख से अधिक किसानों को फायदा होने की उम्मीद है. उत्तरी गुजरात के दो क्लस्टर आलू पर केंद्रित होंगे.
31 अक्टूबर को, प्रधानमंत्री एकता नगर में ₹400 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, उनका उद्घाटन करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे. उद्घाटन की जाने वाली परियोजनाओं में सीवेज और जल उपचार संयंत्र, फसाड लाइटिंग, नर्मदा घाट का अपग्रेडेशन, IRCTC होटल और एकता नगर में रेनफॉरेस्ट, यूनिटी और इको ट्रेल आदि शामिल हैं.
प्रधानमंत्री गोरा-भंड्रा सड़क विकास; एकीकृत जीरो वेस्ट स्मार्ट सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट, खलवानी इको-टूरिज्म विकास, कैक्टस और बटरफ्लाई गार्डन में एकीकृत विकास सहित विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे.
प्रधानमंत्री 31 अक्टूबर 2026 को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भाग लेंगे.
एकता परेड केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs), राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के अनुशासन, व्यावसायिकता, साहस और समर्पण को प्रदर्शित करेगी. इस साल की परेड में वामपंथी उग्रवाद से निपटने में सुरक्षा बलों की उपलब्धियों और पहले प्रभावित रहे इलाकों में शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में आए बदलाव पर खास जोर दिया जाएगा.
इस समारोह का एक मुख्य आकर्षण 'नक्सल-मुक्त भारत' पर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) द्वारा आयोजित एक विशेष नाट्य प्रस्तुति होगी, जिसमें वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित 126 ज़िलों के लगभग 2,000 कलाकार हिस्सा लेंगे. कलाकार नाटकों के जरिए इन इलाकों के समुदायों के सामने आने वाली चुनौतियों और शांति, सुरक्षा और विकास की ओर उनके सफर को दिखाएंगे.
झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां 'वंदे मातरम' पर केंद्रित होंगी, जो देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और सामूहिक जुड़ाव की भावना को दर्शाएंगी. झांकियों में लोगों की उम्मीदों, राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों की सांस्कृतिक समृद्धि और लोगों के विकास के सफर को दिखाया जाएगा. पूरे भारत से लगभग 5,000 कलाकारों की एक भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति देश की विविध शास्त्रीय और लोक परंपराओं, संगीत, नृत्य और कलात्मक विरासत का जश्न मनाएगी.
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