पंजाब में गेहूं किसानों की बढ़ी चिंतापंजाब में हर साल अप्रैल का महीना खुशी लेकर आता है. इस समय खेतों में गेहूं की फसल तैयार होती है और किसान उसे बेचकर पैसे कमाते हैं. इन पैसों से वे घर के काम करते हैं, शादी-ब्याह की तैयारी करते हैं या नई जमीन खरीदते हैं. लेकिन इस साल हालात अलग हैं. खुशी की जगह किसानों के चेहरों पर चिंता साफ दिखाई दे रही है.
पंजाब की खेती तीन चीजों पर चलती है-फसल की सही खरीद, खाद (उर्वरक) की उपलब्धता और बिजली की सुविधा. इस साल ये तीनों ही चीजें ठीक से काम नहीं कर रही हैं. इससे किसानों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं और उनका काम प्रभावित हो रहा है.
इस बार गेहूं की खरीद में देरी हो रही है. साथ ही फसल की पैदावार भी कम हुई है. मौसम के बदलने, खासकर फरवरी के आखिर में ज्यादा गर्मी होने के कारण गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है. इससे किसानों की आमदनी कम हो गई है. निजी व्यापारी भी मंडियों में कम आ रहे हैं, क्योंकि दूसरे राज्यों में गेहूं सस्ता मिल रहा है. इससे किसानों को ज्यादा दाम मिलने का मौका भी नहीं मिल पा रहा.
कई किसानों का कहना है कि इस बार उनकी फसल पहले से कम हुई है. उदाहरण के लिए, कुछ किसानों को हर 10 एकड़ में करीब 1 लाख रुपये तक का नुकसान हो रहा है. सबसे बड़ी बात यह है कि इस नुकसान की भरपाई के लिए कोई मदद या मुआवजा नहीं मिल रहा है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ रही है.
आने वाले समय में किसानों को खाद की कमी का सामना करना पड़ सकता है. खासकर यूरिया की जरूरत ज्यादा होती है, लेकिन अभी जितनी मात्रा उपलब्ध है, वह काफी कम है. इससे छोटे और गरीब किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी, क्योंकि वे महंगे दाम पर खाद नहीं खरीद सकते.
खेती के लिए बिजली बहुत जरूरी होती है. लेकिन इस समय गांवों में बिजली की कटौती हो रही है. कई जगह बिना बताए घंटों बिजली चली जाती है. इससे किसान परेशान हैं और उन्होंने विरोध भी शुरू कर दिया है. अगर जून से अगस्त के बीच भी यही हाल रहा, तो धान की फसल पर भी असर पड़ेगा.
इन सभी समस्याओं-कम फसल, खाद की कमी और बिजली की परेशानी-ने मिलकर किसानों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं. पंजाब में खेती ही लोगों की रोजी-रोटी का सबसे बड़ा साधन है. अगर यही प्रभावित होगा, तो इसका असर पूरे राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा. ऐसे में किसानों को जल्द राहत देने की जरूरत है, ताकि उनकी मेहनत बेकार न जाए और वे फिर से खुशहाल जीवन जी सकें.
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