गन्ना बेल्ट में 2027 का चुनावी मिजाजपश्चिमी उत्तर प्रदेश को गन्ने की खेती के लिए जाना जाता है. मुजफ्फरनगर भी इसी गन्ना बेल्ट का अहम हिस्सा है. यहां एशिया की बड़ी गुड़ मंडी है और बड़ी संख्या में गुड़ के कोल्हू भी चलते हैं. यहां बनने वाला गुड़ देश के अलग-अलग हिस्सों में ही नहीं, बल्कि विदेशों तक पहुंचता है. 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुजफ्फरनगर की पुरकाजी विधानसभा सीट पर किसानों से चुनावी माहौल को लेकर बातचीत की गई. किसानों से पूछा गया कि 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद सरकार ने उनके लिए क्या काम किए हैं और आने वाले समय में वे सरकार से क्या उम्मीद रखते हैं.
पुरकाजी के किसानों ने कहा कि मौजूदा सरकार में बिजली, पानी और सुरक्षा की स्थिति ठीक है. किसानों को इन मुद्दों पर ज्यादा परेशानी नहीं है. लेकिन उनकी सबसे बड़ी मांग गन्ने के दाम को लेकर है. किसानों का कहना है कि सरकार को गन्ने की कीमत बढ़ानी चाहिए. किसानों की मांग है कि गन्ने के दाम में कम से कम 100 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की जाए. किसानों का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, ऐसे में गन्ने का सही दाम मिलना जरूरी है.
गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग के बावजूद पुरकाजी के कई किसान 2027 में भी योगी सरकार को मौका देने के पक्ष में नजर आए. किसानों ने कहा कि बिजली, पानी और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार का काम ठीक रहा है. अब उनकी उम्मीद है कि सरकार किसानों की गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग पर भी ध्यान देगी.
पुरकाजी में किसानों के बीच 2027 के चुनाव को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. किसान अपने मुद्दों और सरकार के कामकाज की तुलना कर रहे हैं. हालांकि, गन्ने की कीमत इस इलाके के किसानों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा बनी हुई है. अब देखना होगा कि चुनाव से पहले सरकार गन्ना किसानों की इस मांग पर क्या फैसला लेती है.
ये भी पढ़ें:
ग्रेटर नोएडा के 4500 किसानों को बड़ी राहत, 64.7% अतिरिक्त मुआवजे का रास्ता साफ
दिल्ली की आजादपुर फल-सब्जी मंडी में अतिक्रमण पर बड़ा एक्शन, दोबारा कब्जे पर होगी कानूनी कार्रवाई
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today