अल नीनो से बेखबर किसान! कम बारिश के बीच भी खरीफ बुवाई तेज, धान और ‘श्री अन्न’ में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

अल नीनो से बेखबर किसान! कम बारिश के बीच भी खरीफ बुवाई तेज, धान और ‘श्री अन्न’ में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

अल नीनो के असर के बावजूद देश में खरीफ फसलों की बुवाई सकारात्मक संकेत दे रही है. धान, दलहन और ‘श्री अन्न’ का रकबा बढ़ा है, जबकि कपास और तिलहन की बुवाई में गिरावट दर्ज की गई है.

Advertisement
कम बारिश के बीच भी खरीफ बुवाई तेज, धान और ‘श्री अन्न’ में रिकॉर्ड बढ़ोतरीखरीफ फसलों की बुवाई में तेजी

अल नीनो जैसे चुनौतीपूर्ण मौसमीय हालात के बीच देश में खरीफ फसलों की बुवाई उम्मीद से बेहतर रफ्तार पकड़ती दिख रही है. कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, किसानों ने मॉनसून को लेकर अनिश्चितता के बावजूद बुवाई जारी रखते हुए सकारात्मक ट्रेंड कायम रखा है. 19 जून तक कुल खरीफ फसलों का रकबा 119.90 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी समय 117.95 लाख हेक्टेयर था. इस तरह कुल बुवाई में 1.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

सबसे बड़ी मजबूती धान की खेती में दिखाई दी है. इस साल धान की रोपाई 12.36 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल यह 8.09 लाख हेक्टेयर थी. यानी 4.26 लाख हेक्टेयर की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है. शुरुआती मॉनसून की बेहतर शुरुआत को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है. दलहन के रकबे में भी इजाफा हुआ है. कुल बुवाई 6.39 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 7.21 लाख हेक्टेयर पहुंच गई है. खास तौर पर मूंग की खेती में 1.21 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी देखी गई, जबकि अरहर में हल्की बढ़त दर्ज हुई.

‘श्री अन्न’ अभियान का असर

सरकार के ‘श्री अन्न’ अभियान का असर भी साफ नजर आ रहा है. मोटे अनाज का रकबा 26.5 प्रतिशत बढ़कर 12.43 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले साल 9.82 लाख हेक्टेयर था. बाजरा, ज्वार और मक्का तीनों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसमें बाजरा सबसे आगे रहा. गन्ने का रकबा भी मामूली बढ़कर 57.31 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले साल 56.64 लाख हेक्टेयर था.

फसल 2026 2025 बदलाव
धान 12.36 8.09 +4.26
दलहन 7.21 6.39 +0.83
अरहर 1.61 1.59 +0.02
उड़द 0.62 0.98 -0.36
मूंग 4.08 2.86 +1.21
कुल्थी 0.09 0.08 +0.01
 मोठ 0.10 0.00 +0.10
अन्य दलहन 0.71 0.87 -0.16
श्री अन्न/मोटे अनाज 12.43 9.82 +2.61
ज्वार 1.74 1.40 +0.34
बाजरा 4.05 2.14 +1.91
रागी 0.31 0.27 +0.05
मिलेट्स 0.64 0.68 -0.04
मक्का 5.69 5.34 +0.35
तिलहन 7.24 8.11 -0.87
मूंगफली 5.25 5.09 +0.16
सोयाबीन 1.30 2.50 -1.20
सूरजमुखी 0.49 0.27 +0.21
तिल 0.15 0.19 -0.04
अरंडी 0.02 0.01 +0.00
गन्ना 57.31 56.64 +0.67
जूट एवं मेस्टा 6.22 6.09 +0.14
कपास 17.13 22.82 -5.69
कुल बुवाई 119.90 117.95 +1.95

हालांकि, सभी फसलों की तस्वीर एक जैसी नहीं है. कपास की बुवाई इस बार पिछड़ती नजर आई है. इस साल अब तक 17.13 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई है, जबकि पिछले साल यह 22.82 लाख हेक्टेयर थी. यानी करीब 5.69 लाख हेक्टेयर की गिरावट दर्ज की गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि कपास में कमी का कारण मौसम नहीं, बल्कि नीतिगत है. कॉटन पर इंपोर्ट ड्यूटी शून्य होने से किसानों में कीमतों को लेकर निराशा बढ़ी है, जिससे उन्होंने बुवाई कम कर दी है.

तिल-तिलहन में गिरावट

तिलहन फसलों की स्थिति भी कमजोर रही है. कुल रकबा घटकर 7.24 लाख हेक्टेयर रह गया है, जो पिछले साल 8.11 लाख हेक्टेयर था. सोयाबीन में 1.20 लाख हेक्टेयर की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि तिल में भी हल्की कमी आई है. कुल मिलाकर, खरीफ 2026 की शुरुआत मिलाजुला लेकिन सकारात्मक संकेत दे रही है. अल नीनो की आशंकाओं और कमजोर मॉनसून के डर के बावजूद किसानों ने बुवाई की रफ्तार बरकरार रखी है. आगे की बारिश पर इस सीजन की असली तस्वीर निर्भर करेगी. 

POST A COMMENT