Veterinary Medicine: पशुओं की वैक्सीन और इलाज में प्राइवेट भागीदारी बढ़ाने का ये है सरकारी प्लान 

Veterinary Medicine: पशुओं की वैक्सीन और इलाज में प्राइवेट भागीदारी बढ़ाने का ये है सरकारी प्लान 

Veterinary Medicine वैक्सीन प्लेटफॉर्म, पशु चिकित्सा में काम करने के तरीकों का डवलपमेंट, संस्थागत बुनियादी ढांचे और खुरपका-मुंहपका रोग (FMD) मुक्त क्षेत्रों के निर्माण जैसे क्षेत्रों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल की मदद से पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की तैयारी चल रही है. इसी को बढ़ावा देने के लिए ही बजट 2026 में भी चर्चा की गई है.

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Veterinary Medicine: पशुओं की वैक्सीन और इलाज में प्राइवेट भागीदारी बढ़ाने का ये है सरकारी प्लान प्रतीकात्मक फोटो.

पशुओं को संक्रमण और बीमारियों से बचाने के लिए बजट 2026 में भी जोर दिया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में घोषणा करते हुए कहा है कि पशु चिकित्सा के क्षेत्र में जो भी प्राइवेट लोग आना चाहेंगे तो सरकार सब्सििडी देकर उनकी मदद करेगी. बजट में खासतौर पर पशु चिकित्सक (Veterinarian), वेटरनरी कालेज, पैरा वेट कॉलेज, वेटरनरी हॉस्पि‍टल, डायग्नोस्टिलक, लेबोरेटरी की बात कही गई है. गौरतलब रहे पोल्ट्री-डेयरी एक्सपोर्ट को बढ़ाने और बीमारियों के जोखि‍म को कम करने के लिए केन्द्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय लगातार कई योजनाओं पर काम कर रहा है. 

क्योंकि एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए पहली शर्त ये है कि एनिमल प्रोडक्ट पूरी तरह से बीमारी रहित हो. इसी के चलते मंत्रालय विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन (WOAH) संग नई दिल्ली में एक बैठक के दौरान पशु चिकित्सा के विकास पर चर्चा भी कर चुका है. मंत्रालय पशु स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर भारत में पीपीपी मॉडल की मदद से पशु चिकित्सा सेवाओं में आने वाले गैप को खत्म करने पर काम कर रहा है. इसमे वैक्सीन को भी मुख्य रूप से शामिल किया गया है.  

पशु चिकित्सा में इस पर होगा काम 

जिला स्तर पर एनएबीएल से मान्यता प्राप्त पशु चिकित्सा प्रयोगशालाओं की स्थापना. 
पशु चिकित्सा को मजबूत बनाने के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार करना.
हाईटेक सर्विलांस और एफएमडी फ्री जोन बनाकर रोग नियंत्रण कार्यक्रमों को मजबूत बनाना. 
पशु चिकित्सा संबंधी प्रशिक्षण और नॉलेज शेयरिंग प्लेटफार्म की मदद से कार्यबल क्षमता का निर्माण करना.
टीका श्रृंखला विकसित करके पशु चिकित्सा टीका उत्पादन में आत्मनिर्भरता को मजबूत करना.
पशु चिकित्सा अनुसंधान, उपचार और विस्तार सेवाओं में पीपीपी नीति ढांचे को परिभाषित करना.

लैब के लिए जरूरी है एनएबीएल मान्यता

एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि एनएबीएल मान्यता के साथ पशु चिकित्सा लैब स्थापित करने की जरूरत है. साथ ही रोग निगरानी, कार्यबल क्षमता और टीका उत्पादन के लिए निजी क्षेत्र का सहयोग भी जरूरी है. क्योंकि  WOAH संग हुए इस बैठक में पशु चिकित्सा सेवाओं में पीपीपी जुड़ाव के लिए एक मंच तैयार किया गया है. इस मंच से एक ऐसा रोडमैप तैयार किया जाएगा जो राष्ट्रीय रोग नियंत्रण कार्यक्रमों को बढ़ाता है.

पशु चिकित्सा बुनियादी ढांचे का विस्तार करता है. पशु स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एक स्थायी सिस्टम तय करता है. इसी के चलते पशु चिकित्सा सेवाओं में दीर्घकालिक निवेश और निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक साल के अंदर एक पशु चिकित्सा संबंधी पीपीपी नीति विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया गया है. 

एक्सपर्ट बोले ये भी है जरूरी 

पशु चिकित्सा सेवाओं को बढ़ाने के लिए एक संरचित संस्थागत ढांचे की जरूरत है, जहां सार्वजनिक और निजी क्षेत्र मिलकर काम करें. इस मीटिंग में इस तरह के ढांचे को परिभाषित करने के लिए आधार तैयार किया गया है.

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