ओडिशा की स्ट्रॉबेरी पहुंची लंदन, किसान बने ग्लोबल, छुआ विदेशी बाज़ार

ओडिशा की स्ट्रॉबेरी पहुंची लंदन, किसान बने ग्लोबल, छुआ विदेशी बाज़ार

ओडिशा के ढेंकानाल जिले के किसानों ने पहली बार ताज़ी स्ट्रॉबेरी लंदन भेजकर इतिहास रच दिया है. इस निर्यात से किसानों को स्थानीय बाज़ार की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत अधिक कीमत मिली है, जिससे उनकी आमदनी बढ़ी है.

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ओडिशा की स्ट्रॉबेरी पहुंची लंदन, किसान बने ग्लोबल, छुआ विदेशी बाज़ारओडिशा की स्ट्रॉबेरी ने किया कमाल

ओडिशा राज्य के ढेंकानाल जिले के किसानों ने एक बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है. यहां के किसानों ने पहली बार अपनी उगाई हुई ताज़ी स्ट्रॉबेरी लंदन (इंग्लैंड) भेजी है. यह खबर पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है. इससे यह साबित होता है कि अगर किसान सही तरीके से खेती करें, तो उनके फल और सब्ज़ियां विदेशों तक भी पहुंच सकती हैं.

51 किलो स्ट्रॉबेरी का पहला निर्यात

ढेंकानाल जिले के किसानों ने कुल 51 किलो ताज़ी स्ट्रॉबेरी लंदन भेजी. यह स्ट्रॉबेरी “सप्तसज्या एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड” नाम की किसान उत्पादक संस्था (FPO) ने उगाई और इकट्ठा की. इस संस्था में कई किसान मिलकर काम करते हैं. सभी किसानों ने मिलकर मेहनत की, तभी यह मुमकिन हो पाया.

सरकार और संस्थाओं का मिला सहयोग

इस काम में किसानों को सरकार और कई संस्थाओं का पूरा सहयोग मिला. कृषि और किसान सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत बागवानी निदेशालय ने किसानों की मदद की. यह सहायता PSFPO नाम की योजना के तहत दी गई. इस योजना को गेट्स फाउंडेशन का समर्थन मिला है और इसे पैलेडियम संस्था ने लागू किया. इसके अलावा APEDA और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर ने भी किसानों की मदद की.

ओडिशा आजीविका मिशन की अहम भूमिका

ओडिशा आजीविका मिशन ने भी किसानों का साथ दिया. इस मिशन की मदद से किसानों को अच्छे और बड़े बाज़ार मिले. किसानों को यह समझाया गया कि कैसे अपने उत्पाद को सही तरीके से पैक करना है और कैसे अच्छे दाम पर बेचना है. इससे किसानों को सीधा फायदा हुआ.

किसानों को मिले ज्यादा पैसे

इस स्ट्रॉबेरी निर्यात से किसानों को बहुत फायदा हुआ. स्थानीय बाज़ार की तुलना में किसानों को लगभग 50 प्रतिशत ज्यादा पैसे मिले. इससे किसानों की आमदनी बढ़ी है. जब किसानों को मेहनत का सही दाम मिलता है, तो उनका हौसला भी बढ़ता है.

ओडिशा की स्ट्रॉबेरी पहली बार विदेश में

यह पहली बार है जब ओडिशा की ताज़ी स्ट्रॉबेरी विदेश पहुंची है. इससे यह दिखता है कि अब ओडिशा के किसान भी बड़ी और महंगी फसलों की खेती कर रहे हैं. किसान अब सिर्फ धान ही नहीं, बल्कि स्ट्रॉबेरी जैसे अच्छे फल भी उगा रहे हैं.

अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता पर खरी उतरी स्ट्रॉबेरी

विदेश भेजने के लिए फलों की गुणवत्ता बहुत अच्छी होनी चाहिए. ओडिशा के किसानों की स्ट्रॉबेरी ने अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा किया. इससे यह साबित होता है कि हमारे किसान भी अब नई तकनीक और अच्छे तरीकों से खेती कर रहे हैं.

स्ट्रॉबेरी क्यों है खास फल

स्ट्रॉबेरी बहुत स्वादिष्ट होती है और सेहत के लिए भी अच्छी मानी जाती है. इसमें कई पोषक तत्व होते हैं. यह शरीर को ताकत देती है और बीमारियों से बचाती है. दुनिया भर में होटल, जूस बनाने वाली कंपनियाँ और खाने-पीने के उद्योग में स्ट्रॉबेरी की बहुत मांग है.

किसानों के लिए नई उम्मीद

इस सफल निर्यात से ओडिशा के किसानों को नई उम्मीद मिली है. अब किसान समझ रहे हैं कि वे भी विदेशी बाज़ार में अपने उत्पाद बेच सकते हैं. इससे उनकी आय बढ़ेगी और जीवन बेहतर होगा.

भविष्य के लिए एक अच्छी शुरुआत

ओडिशा से स्ट्रॉबेरी का लंदन जाना सिर्फ एक शुरुआत है. आने वाले समय में और भी फल और सब्ज़ियां विदेशों तक पहुंच सकती हैं. यह सफलता दिखाती है कि अगर किसान, सरकार और संस्थाएं मिलकर काम करें, तो बड़ी से बड़ी मंज़िल भी हासिल की जा सकती है.

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