मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडूआंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान से राज्य के मक्का किसानों के लिए एक अपील की है. सीएम नायडू ने ने कृषि मंत्री से आग्रह किया कि किसानों को संकट में अपनी फसल बेचने (डिस्ट्रेस सेल्स) से बचाने के लिए NAFED और AP Markfed के ज़रिए मक्का के लिए 'मूल्य अंतर भुगतान योजना' (Price Deficiency Payment Scheme) लागू की जाए.
सीएम नायडू ने बताया कि मक्का की पैदावार ज्यादा होने के कारण कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP से नीचे चली गई हैं, और उन्होंने चेतावनी दी कि जब बाजार में मक्का की आवक सबसे ज्यादा होगी, तो कीमतें और भी गिर सकती हैं.
शिवराज सिंह चौहान को लिखे एक पत्र में नायडू ने कहा कि इस स्थिति में किसानों को संकट में अपनी फसल बेचने का जोखिम है, जिसका उनकी आजीविका पर गंभीर असर पड़ सकता है. ऊपर बताई गई स्थिति को देखते हुए, कीमतों को स्थिर करने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए समय पर हस्तक्षेप करने की तत्काल आवश्यकता है.
राज्य के लिए विशेष विचार करने की अपील करते हुए, उन्होंने अनुरोध किया कि किसानों को MSP और बाजार दरों के बीच के अंतर की भरपाई की जाए, और इस नुकसान का 100 प्रतिशत हिस्सा भारत सरकार द्वारा वहन किया जाए. नायडू ने इस योजना के तहत मक्का के कवरेज को उत्पादन के 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने की भी मांग की, और इस कार्यक्रम को जून 2026 तक लागू करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है.
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस बात पर भी जोर दिया कि आंध्र प्रदेश में मुख्य रूप से मक्का की खेती होती है. रबी के मौसम में लगभग पांच लाख एकड़ ज़मीन पर इसकी बुवाई की जाती है, जिससे संभावित रूप से 38 लाख टन तक पैदावार हो सकती है. वहीं, बता दें कि, आंध्र प्रदेश में मक्का के लिए 2025-26 के खरीद सत्र के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,400 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है. (PTI)
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