खेत की तारबंदी में करंट छोड़ने से युवक की मौत. फोटो- Pintu Meena Pahadiमामला राजस्थान के श्रीगंगानगर के गांव रोही का है. यहां एक किसान ने खेतों की बाड़ में 11 हजार बोल्ट का करंट छोड़ दिया. जिसके संपर्क में आने से बख्तांवाली गांव के युवक अक्षय नायक की मौत हो गई. अक्षय की मौत पर उसके परिजनों ने किसान पर हत्या का आरोप में गिरफ्तारी की मांग की है. जिला अस्पताल में परिजनों ने धरना भी दिया. हालांकि गुरूवार शाम को मामला दर्ज कर सीओ ग्रामीण से जांच कराने की बात को परिजनों ने मान लिया. इसके बाद भी परिजन मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे. इसीलिए शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका.
इस मामले में पुलिस की प्रारंभिक जांच में किसान की लापरवाही सामने आई है. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक सीओ ग्रामीणके निर्देश पर एसएचओ तेजवंत सिंह ने दोपहर में परिजनों को साथ लेकर बख्तांवाली गांव की रोही में घटनास्थल का मुआयना किया.
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि किसान ने खेत की बाड़ में 11 हजार केवी की लाइन पर कुंडी डालकर करंट छोड़ा था. रात में बेसहारा पशुओं से फसल को बचाने के लिए ऐसा किया गया था. जिस दिन हादसा हुआ, उस दिन किसान मेन लाइन में से कुंडी हटाना भूल गया था. इसीलिए इसकी चपेट में आने से अक्षय की मौत हो गई.
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कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की तारबंदी प्रदेश में गैर कानूनी है. अगर किसान खेतों की बाड़बंदी में किसी भी तरह का करंट छोड़ते हैं तो यह एक जुर्म है. कृषि विभाग सिर्फ कांटेदार तारों के लिए किसानों को सब्सिडी देता है. इसीलिए किसान अपनी तरफ से झटका करंट या किसी और तरह का करंट इन तारों में या अन्य तरह से नहीं छोड़ें.
खेतों में कंटीले तारों की बाड़ लगाने के लिए राजस्थान सरकार किसानों को सब्सिडी देती है. लेकिन सरकार झटका करंट जैसे कामों के लिए कोई सब्सिडी नहीं देती. राजस्थान सरकार 400 मीटर रनिंग तारबंदी के लिए लागत का 60 प्रतिशत या 48 हजार रुपये तक सब्सिडी देती है. इसके अलावा सामान्य किसानों के लिए यह राशि 50 प्रतिशत या 40 हजार रुपये तक है.
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किसान तक के पास ऐसे कई मामले आए हैं, जहां किसान खेतों में तारबंदी की जगह झटका करंट या बिजली करंट छोड़ रहे हैं. पिछले दिनों किसान तक ने इस विषय पर एक लाइव प्रोग्राम भी किया था. जिसका शीर्षक था, ‘खेतों में तारबंदी की हकीकत! समाधान या परेशान किसान’.
इसके अलावा किसान तक लगातार इस विषय पर खबरें लिख रहा है कि तारबंदी अब धीरे-धीरे किसानों के साथ-साथ मवेशी और आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है. क्योंकि कई किसान इनमें करंट छोड़ रहे हैं, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं.
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