गेहूं खरीद (सांकेतिक तस्वीर)हरियाणा के फतेहाबाद जिले में गेहूं खरीद सीजन के बीच व्यवस्था उस समय लड़खड़ा गई, जब कुलां की नन्हेरी अनाज मंडी में नई बायोमेट्रिक प्रणाली ने काम करना बंद कर दिया. तकनीकी गड़बड़ी और मंडी में जगह की कमी ने किसानों की परेशानी को इस कदर बढ़ा दिया कि मामला सीधे सड़क जाम तक पहुंच गया. गुरुवार को सुबह से ही कुलां स्थित नन्हेरी मंडी में गेहूं लेकर पहुंचे किसानों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी. लेकिन गेट पास जारी करने वाली बायोमेट्रिक व्यवस्था बार-बार फेल हो रही थी. इसके चलते खरीद प्रक्रिया रुक गई और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां मंडी में खड़ी-खड़ी जाम का कारण बनने लगीं.
ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, हालात तब और बिगड़ गए जब किसानों को अपनी फसल उतारने के लिए पर्याप्त जगह भी नहीं मिली. घंटों इंतजार और अनिश्चितता से परेशान किसानों का सब्र जवाब दे गया. दोपहर बाद उन्होंने कुलां-रतिया मुख्य मार्ग पर धरना देते हुए सड़क जाम कर दी. प्रदर्शन के दौरान सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई. सड़क जाम होते ही यातायात ठप हो गया और आसपास के गांवों के रास्तों पर दबाव बढ़ गया. मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन किसान तब तक हटने को तैयार नहीं हुए जब तक ठोस समाधान नहीं मिला.
इसके बाद स्थिति बिगड़ने की सूचना पर धारासुल मार्केट कमेटी के सचिव संदीप कसनिया मौके पर पहुंचे, मगर शुरुआती बातचीत बेनतीजा रही. इसके बाद टोहाना के एसडीएम आकाश शर्मा ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला. उन्होंने किसानों से सीधी बातचीत करते हुए माना कि बायोमेट्रिक सिस्टम ऑनलाइन है और शुरुआती चरण में तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं.
प्रशासन ने तत्काल राहत के तौर पर मंडी में अतिरिक्त जगह उपलब्ध कराई और व्यापारियों के साथ मिलकर गेहूं उतारने के लिए वैकल्पिक स्थान तय किए. एसडीएम आकाश शर्मा ने किसानों को भरोसा दिलाया कि अगले दिन से उन्हें सीधे राइस मिलों में फसल उतारने की सुविधा दी जाएगी, जहां कर्मचारियों की तैनाती कर गेट पास जारी किए जाएंगे, ताकि प्रक्रिया बाधित न हो.
करीब तीन घंटे तक चले इस हाई वोल्टेज विरोध के बाद प्रशासनिक आश्वासन पर किसानों ने जाम खोल दिया. इसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका. पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति पर नजर बनाए रखी गई.
इस घटनाक्रम के समानांतर सिरसा जिले की रानिया अनाज मंडी में भी किसानों और व्यापारियों का विरोध जारी रहा, जिसे इंडियन नेशनल लोक दल का खुला समर्थन मिला. पार्टी के जिला अध्यक्ष जसबीर सिंह जस्सा ने मौके पर पहुंचकर केंद्र सरकार की नई खरीद नीतियों पर तीखा हमला बोला.
जस्सा ने आरोप लगाया कि नमी और चमक जैसे आधारों पर गेहूं के दाम घटाना पूरी तरह अव्यवहारिक है और इससे किसानों को नुकसान हो रहा है. उन्होंने बायोमेट्रिक सत्यापन व्यवस्था को भी किसानों के लिए अपमानजनक बताते हुए इसे तुरंत सुधारने की मांग की. उन्होंने ऐलान किया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला 14 अप्रैल को रानिया मंडी पहुंचकर किसानों और व्यापारियों से सीधा संवाद करेंगे.
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