रोहतक में सुबह-सुबह हुई बारिश से गेहूं किसानों को राहत की उम्मीद जगी है. बढ़वार अवस्था में फसल को इससे लाभ मिलने की संभावना है, हालांकि जलभराव वाले इलाकों में नुकसान का डर भी बना है.
Aloo Ka Mandi Bhav: कुरुक्षेत्र में ताजा आलू की फसल के दाम तेजी से गिरे हैं. मंडियों में बढ़ी आवक और स्थिर मांग के चलते भाव काफी कम रह गए हैं. पिछले साल के मुकाबले इस बार कीमतें आधी से भी कम रह गई हैं. किसान संगठन सरकार से सुरक्षित मूल्य बढ़ाने और समय पर भुगतान की मांग कर रहे हैं.
Karnal Paddy Procurment Scam: करनाल के करोड़ों रुपये के धान खरीद घोटाले में पुलिस ने असंध स्थित दो राइस मिलों के सात बैंक खाते फ्रीज कर 85 लाख रुपये जब्त किए हैं. जांच में 24,431 क्विंटल धान की कमी सामने आई थी. जानें जांच में और क्या-क्या हुआ...
हरियाणा के कई गांवों में गेहूं की खेती पर खतरा मंडरा रहा है, जिससे किसान काफी परेशान हैं. किसानों का कहना है कि वो अपने खेतों में समय से गेहूं की बुवाई नहीं कर पाए हैं, जिससे उन्हें नुकसान हो सकता है.
हरियाणा की नारायनगढ़ शुगर मिल में नए पेराई सीजन से पहले किसानों की बकाया पेमेंट पर चिंता बढ़ी. मिल प्रबंधन ने दावा किया है कि 15 दिसंबर तक पुराना बकाया क्लियर कर दिया जाएगा, जबकि किसानों ने समय पर भुगतान की गारंटी और ब्याज की मांग उठाई है.
रसोई की शान प्याज अब किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रही है. कम दाम मिलने से कई राज्यों के किसान खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलाने को मजबूर हैं. किसानों का कहना है कि कम दाम मिलने से लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है.
ऑल इंडिया किसान सभा (AIKS) की हरियाणा स्टेट कमेटी ने राज्य की BJP सरकार पर किसानों को सजा देने का आरोप लगाया है. किसान सभा का कहना है कि बाढ़ के बाद भी सरकार MSP पर खरीफ फसलों की खरीद नहीं कर रही है. इसको लेकर AIKS ने हरियाणा संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के आह्वान पर 10 नवंबर यानी सोमवार को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है.
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने सरसों की फसल में जड़ गलन, फुलिया और उखेड़ा जैसी बीमारियों को लेकर किसानों को सतर्क किया है. प्रो. बलदेव राज काम्बोज ने कहा कि अधिक नमी और गलत सिंचाई के कारण फसल प्रभावित हो रही है, समय पर छिड़काव से नुकसान रोका जा सकता है.
सोनीपत अनाज मंडी में पीआर धान की खरीद न होने पर किसान धरने पर बैठ गए. किसानों ने कहा कि एमएसपी 2369 रुपये/क्विंटल तय है, लेकिन मंडी में खरीद में मनमानी की जा रही है. किसानों ने भारी कटौती की शिकायत की है.
किसान मंडी कतार से बचने के लिए निजी गोदामों में धान बेच रहे हैं, व्यापारियों द्वारा भारी कटौती और फर्जी तरीके से नमी की जांच की जा रही है. ऐसे में किसानों को फसल का सही दाम नहीं मिल पा रहा है.
Haryana Paddy Procurement: हरियाणा में खरीफ 2025-26 में धान की खरीद जारी है. अब तक किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से अब तक 4214.85 करोड़ रुपये ट्रांसफर की जा चुकी है.
हरियाणा में खरीफ 2025-26 सीजन में MSP पर धान की खरीद जारी है. अब तक हुई खरीद के दौरान किसानों के खातों में 1,945.99 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं. जानिए राज्य में अब तक कितनी धान की खरीद हुई है और कितना उठान हुआ है.
MSP से कम कीमत पर मजबूरन बेच रहे किसान, निजी व्यापारी उठा रहे फायदा. करनाल मंडी में तीन दिन से धान लेकर बैठे हैं किसान, सरकारी एजेंसियों का अता-पता नहीं. मौसम विभाग की चेतावनी के बीच खुले में पड़ा अनाज, किसानों में गहरी चिंता. BKU और विपक्ष का सरकार पर आरोप – मिलर्स को जानबूझकर दूर रखा जा रहा है.
हरियाणा में खरीफ खरीद सीजन में अब तक 543.66 करोड़ रुपये की अदायगी किसानों के बैंक खातों में सीधे स्थानांतरित कर दी गई है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार हरियाणा की मंडियों से अब तक 7,20,025.68 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है. राज्य में अब तक 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल' पर पंजीकृत 63,356 किसानों से धान की खरीद की गई.
सरकारी खरीद एजेंसियों की अनुपस्थिति में हिसार और भिवानी जिलों में बाजरे की कीमतें गिर गई हैं, जिसकी वजह से किसानों को मजबूरी में अपनी फसल बेचनी पड़ रही है, क्योंकि उन्हें रबी सीजन के लिए अपने खेतों को तैयार करने के लिए पैसे की जरूरत है.
'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' (एमएफएमबी) पोर्टल के माध्यम से समय पर अपनी भूमि का विवरण दर्ज कराने के बावजूद, करनाल और आसपास के जिलों के कई किसानों को राजस्व अधिकारियों द्वारा लंबित भूमि सत्यापन और पोर्टल पर डेटा के गलत मिलान के कारण अनाज मंडियों में प्रवेश नहीं मिल रहा है.
बाजरे की खरीद शुरू नहीं होने से किसान परेशान. 2000 रुपये से कम कीमत पर खरीद रहे प्राइवेट आढ़ती. 200 रुपये प्रति क्विंटल बाजरे पर किसानों को नुकसान. किसान बोले- पहले बरसात ने मारा और अब सरकार मार रही.
हरियाणा के सोनीपत में हल्की बारिश ने खोली मंडी में व्यवस्थाओं की पोल, भीग गई छह महीने की मेहनत, गुस्साए किसानों ने अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप. किसानों ने कहा कि अब उनकी उपज का नहीं मिलेगा सही रेट.
हरियाणा के शाहबाद मंडी में नमी की मात्रा कम करने को लेकर भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के साथ हुए विवाद के बाद आढ़ती हड़ताल पर चले गए थे. शनिवार दोपहर शुरू हुई यह हड़ताल रविवार को प्रशासन और पुलिस की मध्यस्थता में हुई बैठक के बाद समाप्त हुई.
धान खरीद पर किसानों की शिकायतों को देखते हुए हरियाणा सरकार ने सख्ती दिखाई है. मंडियों में MSP कटौती और अनियमितताओं पर निगरानी की शिकायतों के बाद सरकार एक्शन मोड में आ गई है. अब हर मंडी मे HCS अधिकारी की तैनाी की जाएगी. राज्य के मुख्य सचिव ने अफसरों को तुरंत कड़े एक्शन लेने के लिए कहा है.
किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने आरोप लगाया कि निर्धारित तारीख से धान की खरीद नहीं हुई जिसकी वजह से किसानों को सड़क पर उतरना पड़ा और जीटी रोड जाम करना पड़ा. इस विरोध प्रदर्शन के बाद शाहबाद में किसानों के धान की खरीद शुरू हो पाई.
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