हरियाणा के शाहाबाद में सूरजमुखी खरीद शुरू नहीं होने पर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा. भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने मंडी के बाहर धरना दिया और सरकार पर झूठा श्रेय लेने का आरोप लगाया.
हरियाणा सरकार ने जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 5 साल तक प्रति एकड़ 10,000 रुपये की सब्सिडी देने की योजना शुरू की है.
हरियाणा में बेमौसम बारिश के बावजूद गेहूं की रिकॉर्ड आवक ने फर्जी खरीद के संदेह को जन्म दिया. करनाल पुलिस ने UP से गेहूं लाकर स्थानीय किसानों के नाम पर बेचने के मामले में 7 आढ़तियों पर FIR दर्ज कर जांच शुरू की है. CCTV, MFMB और e‑Kharid पोर्टल की भूमिका की जांच की जा रही है.
हरियाणा में कपास की खेती घटने पर सरकार ने PCCH पहल शुरू की है. सात जिलों में डेमो फार्म बनाकर किसानों को वैज्ञानिक खेती, कीट प्रबंधन और उर्वरक उपयोग की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि किसान फिर से कपास की ओर लौटें और उत्पादन बढ़ सके.
हरियाणा में रबी खरीद सीजन 2026-27 के तहत गेहूं की खरीद तेजी से जारी है. 1 मई तक 83.87 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज हुई है. वहीं, सरसों की 73 हजार मीट्रिक टन से अधिक आवक दर्ज हुई है.
हरियाणा में गेहूं खरीद मानकों में ढील मिलने से किसानों को राहत मिली है. गुणवत्ता प्रभावित होने के बावजूद फसल अब आसानी से खरीदी जा सकेगी. कृषि मंत्री ने इसे किसानों के हित में बड़ा फैसला बताया और विपक्ष के आरोपों पर भी जवाब दिया.
बेमौसम बारिश से गेहूं की फसल को हुए नुकसान के बाद हरियाणा के किसानों को केंद्र सरकार की ओर से बड़ी राहत मिली है. दरअसल, केंद्र सरकार ने रबी खरीद सत्र 2026-27 के लिए हरियाणा में गेहूं खरीद के नियमों में विशेष छूट देने का फैसला किया है.
बिना छिलका वाले जौ DBWR-244 की बाजार में काफी अच्छी मांग है. किसानों की आय बढ़ाने में भी मददगार साबित होगी. बाजार में हेल्दी फूड की बढ़ती मांग के बीच छिलका रहित जौ किसानों की आमदनी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता हैं.
हरियाणा की मंडियों में अव्यवस्था को लेकर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि किसानों को जटिल प्रक्रियाओं में उलझाया जा रहा है, जिससे फसल खरीद और MSP भुगतान प्रभावित हो रहा है और मंडियों में समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं.
कुरुक्षेत्र की मंडी में सीएम के दौरे के दौरान किसानों ने खरीद व्यवस्था पर संतोष जताया. राज्य सरकार ने दावा किया है कि गेहूं के हर दाने की खरीद सुनिश्चित करने के लिए पूरी मशीनरी सक्रिय है.
फतेहाबाद की मंडी में गेहूं खरीद के दौरान बायोमेट्रिक सिस्टम फेल होने और जगह की कमी से किसानों ने सड़क जाम कर विरोध किया. प्रशासन के आश्वासन के बाद करीब तीन घंटे में स्थिति सामान्य हुई.
Haryana Crop Procurement: हरियाणा में गेहूं और सरसों की खरीद को लेकर सियासत तेज हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर नए नियम थोपने का आरोप लगाते हुए मंडियों में किसानों की बढ़ती परेशानी का मुद्दा उठाया और दौरे का ऐलान किया.
रबी सीजन 2026-27 में MSP पर फसल बिक्री के नियम स्पष्ट किए गए हैं. किसान खुद या नामित व्यक्ति के जरिए मंडी में फसल बेच सकेंगे. खरीद प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 24 घंटे मंडी सुविधा और डिजिटल सिस्टम लागू किया गया है.
हरियाणा में गेहूं खरीद के नए नियमों पर विवाद बढ़ गया है. सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली, टाइमिंग और बायोमेट्रिक जैसी शर्तें किसानों के लिए परेशानी बढ़ाएंगी. साथ ही खरीद लक्ष्य घटाने पर भी सवाल उठाए गए हैं.
हरियाणा में रबी खरीद सीजन 2026-27 को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मंडियों में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो. सरसों की खरीद शुरू हो चुकी है और 1 अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू होगी.
हरियाणा में 28 मार्च से सरसों और 1 अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू होगी, लेकिन इस बार मंडी व्यवस्था बदली रहेगी. फसल बिक्री के लिए बायोमेट्रिक पहचान अनिवार्य होगी और गेट पास से लेकर नीलामी तक की प्रक्रिया डिजिटल सिस्टम से जुड़ी रहेगी.
करनाल के किसान सुरजीत सिंह ने खारी जमीन में गेहूं की सॉल्ट टॉलरेंट वैरायटी KRL‑210 की खेती कर रिकॉर्ड 71 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज हासिल की. कम बीज, कम खाद, जीरो टिलेज और पानी की बचत वाली तकनीक से उन्होंने लागत घटाकर अधिक मुनाफा कमाया. आईसीएआर‑सीएसएसआरआई द्वारा विकसित इस किस्म ने खारे खेतों में उपज की नई संभावनाएं खोली हैं.
गुणीप्रकाश ने कहा कि नए नियमों से किसान खेत और मंडी के बीच उलझ जाएगा और खरीद प्रक्रिया जटिल होगी. उन्होंने सरकार से नियम वापस लेकर किसानों को राहत देने और व्यवस्था सरल करने की मांग की है.
हरियाणा के Ambala में सरसों की कम पैदावार और MSP से कम बाजार भाव मिलने से किसान परेशान हैं. भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने सरकार से 28 मार्च से पहले खरीद शुरू करने और कम दाम पर बेचने वाले किसानों को मुआवजा देने की मांग की है.
हरियाणा में गन्ने की पैदावार और क्षेत्रफल में गिरावट के बीच सरकार ने किसानों को नई तकनीक अपनाने की सलाह दी है. सहकारिता मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि ऑनलाइन टोकन प्रणाली से मिलों में गन्ना आपूर्ति आसान हुई है और अब सरकार खेती को लाभकारी बनाने के लिए सब्सिडी भी बढ़ाने जा रही है.
हरियाणा के यमुनानगर में आलू के दाम मंडियों में 200-400 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गए हैं, जबकि रिटेल में 1,200 रुपये तक बिक रहा है. प्रति एकड़ 30-35 हजार रुपये के नुकसान से जूझ रहे किसान सरकार से दखल और कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी की मांग कर रहे हैं.
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