हरियाणा में धान की फसल पर फिर से फिजी (बौना) वायरस का खतरा मंडराने लगा है. कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला और यमुनानगर सहित कई जिलों में इसके लक्षण मिलने के बाद कृषि विभाग और कृषि विश्वविद्यालय की टीमें निगरानी में जुट गई हैं.
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की उन्नत बाजरा किस्में एचएचबी-299 और एचएचबी-67 संशोधित-2 अब अन्य राज्यों में भी उपलब्ध होंगी. ये किस्में अधिक उपज, जोगिया रोग प्रतिरोधक क्षमता, बेहतर पोषण और सूखा सहनशीलता के लिए जानी जाती हैं.
करनाल स्थित सेंट्रल सॉइल सैलिनिटी रिसर्च इंस्टीट्यूट (CSSRI) द्वारा विकसित CSR 30 बासमती चावल की किस्म हरियाणा के किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. यह किस्म खारी और क्षारीय मिट्टी में भी बेहतर उत्पादन देने में सक्षम है और बीमारियों और कीटों के प्रति सहनशील मानी जाती है. हरियाणा में बासमती क्षेत्र के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से में इसकी खेती की जा रही है. किसानों को इससे अधिक पैदावार, बेहतर बाजार मूल्य और निर्यात मांग का लाभ मिल रहा है, जिससे उनकी आय में भारी वृद्धि हुई है.
हरियाणा सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में प्रकृति श्री अन्न प्रेरक किसान कमेटी बनाने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्राकृतिक उपज के लिए मंडियों में अलग स्थान मिलेगा और हैफेड खरीद करेगी. साथ ही हर महीने प्राकृतिक खेती संवाद आयोजित होंगे और पात्र किसानों को गाय खरीद सब्सिडी जल्द जारी की जाएगी.
हरियाणा में मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2410 रुपये प्रति क्विंटल तय होने के बावजूद करनाल मंडी में किसान अपनी उपज 1800 रुपये प्रति क्विंटल तक बेचने को मजबूर हैं. किसानों ने सरकार से MSP पर खरीद की मांग की है, जबकि कृषि मंत्री ने जल्द समाधान का भरोसा दिया है.
हरियाणा के शाहाबाद में सूरजमुखी खरीद शुरू नहीं होने पर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा. भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने मंडी के बाहर धरना दिया और सरकार पर झूठा श्रेय लेने का आरोप लगाया.
हरियाणा सरकार ने जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 5 साल तक प्रति एकड़ 10,000 रुपये की सब्सिडी देने की योजना शुरू की है.
हरियाणा में बेमौसम बारिश के बावजूद गेहूं की रिकॉर्ड आवक ने फर्जी खरीद के संदेह को जन्म दिया. करनाल पुलिस ने UP से गेहूं लाकर स्थानीय किसानों के नाम पर बेचने के मामले में 7 आढ़तियों पर FIR दर्ज कर जांच शुरू की है. CCTV, MFMB और e‑Kharid पोर्टल की भूमिका की जांच की जा रही है.
हरियाणा में कपास की खेती घटने पर सरकार ने PCCH पहल शुरू की है. सात जिलों में डेमो फार्म बनाकर किसानों को वैज्ञानिक खेती, कीट प्रबंधन और उर्वरक उपयोग की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि किसान फिर से कपास की ओर लौटें और उत्पादन बढ़ सके.
हरियाणा में रबी खरीद सीजन 2026-27 के तहत गेहूं की खरीद तेजी से जारी है. 1 मई तक 83.87 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज हुई है. वहीं, सरसों की 73 हजार मीट्रिक टन से अधिक आवक दर्ज हुई है.
हरियाणा में गेहूं खरीद मानकों में ढील मिलने से किसानों को राहत मिली है. गुणवत्ता प्रभावित होने के बावजूद फसल अब आसानी से खरीदी जा सकेगी. कृषि मंत्री ने इसे किसानों के हित में बड़ा फैसला बताया और विपक्ष के आरोपों पर भी जवाब दिया.
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