हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया कि मंडियों में पहुंचे 12 लाख मीट्रिक टन धान में से केवल 30% की खरीद हुई है. उन्होंने दावा किया कि किसान MSP से 400 रुपये प्रति क्विंटल तक कम भाव पर धान बेचने को मजबूर हैं.
अंबाला कैंट की अनाज मंडी में भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) से जुड़े किसानों ने धान खरीद में आ रही दिक्कतों के विरोध में धरना दिया. किसानों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पुतला फूंका और धान खरीद की सीमा 26.26 से बढ़ाकर 32 क्विंटल प्रति एकड़ करने की मांग की.
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में धान खरीद शुरू कराने की मांग को लेकर किसानों का धरना प्रशासन के साथ सहमति बनने के बाद खत्म हो गया. प्रशासन ने 24 सितंबर से धान की तौल शुरू करने और 25 सितंबर से गेट पास जारी करने का फैसला किया है.
हरियाणा में खरीफ 2026 की फसल का MFMB पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाने वाले किसानों को एक और मौका दिया गया है. किसान 21 से 27 सितंबर तक संबंधित SDO(C) के पास आवेदन देकर फसल का रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे.
पूर्व कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीरेन्द्र लाठर ने धान खरीद में किसानों से कथित लूट का मुद्दा उठाते हुए हरियाणा सरकार को पत्र लिखा है. उन्होंने नमी के नाम पर कम भुगतान और शाहजादपुर मंडी के आदेश पर सवाल उठाते हुए किसानों के हित में कार्रवाई की मांग की है.
करनाल में धान की फसल पककर तैयार हो चुकी है और किसान जल्द ही अपनी उपज अनाज मंडियों में लेकर पहुंचेंगे. सरकार और जिला प्रशासन ने धान खरीद की तैयारियां शुरू कर दी हैं.
हरियाणा के करनाल में बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. कटाई के लिए तैयार धान की फसल कई जगह खेतों में गिर गई है. किसानों का दावा है कि इससे 35 से 40 फीसदी तक नुकसान हुआ है और उत्पादन के साथ क्वालिटी पर भी असर पड़ सकता है.
हरियाणा में धान की फसल पर फिर से फिजी (बौना) वायरस का खतरा मंडराने लगा है. कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला और यमुनानगर सहित कई जिलों में इसके लक्षण मिलने के बाद कृषि विभाग और कृषि विश्वविद्यालय की टीमें निगरानी में जुट गई हैं.
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की उन्नत बाजरा किस्में एचएचबी-299 और एचएचबी-67 संशोधित-2 अब अन्य राज्यों में भी उपलब्ध होंगी. ये किस्में अधिक उपज, जोगिया रोग प्रतिरोधक क्षमता, बेहतर पोषण और सूखा सहनशीलता के लिए जानी जाती हैं.
करनाल स्थित सेंट्रल सॉइल सैलिनिटी रिसर्च इंस्टीट्यूट (CSSRI) द्वारा विकसित CSR 30 बासमती चावल की किस्म हरियाणा के किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. यह किस्म खारी और क्षारीय मिट्टी में भी बेहतर उत्पादन देने में सक्षम है और बीमारियों और कीटों के प्रति सहनशील मानी जाती है. हरियाणा में बासमती क्षेत्र के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से में इसकी खेती की जा रही है. किसानों को इससे अधिक पैदावार, बेहतर बाजार मूल्य और निर्यात मांग का लाभ मिल रहा है, जिससे उनकी आय में भारी वृद्धि हुई है.
हरियाणा सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में प्रकृति श्री अन्न प्रेरक किसान कमेटी बनाने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्राकृतिक उपज के लिए मंडियों में अलग स्थान मिलेगा और हैफेड खरीद करेगी. साथ ही हर महीने प्राकृतिक खेती संवाद आयोजित होंगे और पात्र किसानों को गाय खरीद सब्सिडी जल्द जारी की जाएगी.
हरियाणा में मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2410 रुपये प्रति क्विंटल तय होने के बावजूद करनाल मंडी में किसान अपनी उपज 1800 रुपये प्रति क्विंटल तक बेचने को मजबूर हैं. किसानों ने सरकार से MSP पर खरीद की मांग की है, जबकि कृषि मंत्री ने जल्द समाधान का भरोसा दिया है.
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