रबी सीजन 2026-27 में MSP पर फसल बिक्री के नियम स्पष्ट किए गए हैं. किसान खुद या नामित व्यक्ति के जरिए मंडी में फसल बेच सकेंगे. खरीद प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 24 घंटे मंडी सुविधा और डिजिटल सिस्टम लागू किया गया है.
हरियाणा में गेहूं खरीद के नए नियमों पर विवाद बढ़ गया है. सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली, टाइमिंग और बायोमेट्रिक जैसी शर्तें किसानों के लिए परेशानी बढ़ाएंगी. साथ ही खरीद लक्ष्य घटाने पर भी सवाल उठाए गए हैं.
हरियाणा में रबी खरीद सीजन 2026-27 को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मंडियों में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो. सरसों की खरीद शुरू हो चुकी है और 1 अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू होगी.
हरियाणा में 28 मार्च से सरसों और 1 अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू होगी, लेकिन इस बार मंडी व्यवस्था बदली रहेगी. फसल बिक्री के लिए बायोमेट्रिक पहचान अनिवार्य होगी और गेट पास से लेकर नीलामी तक की प्रक्रिया डिजिटल सिस्टम से जुड़ी रहेगी.
करनाल के किसान सुरजीत सिंह ने खारी जमीन में गेहूं की सॉल्ट टॉलरेंट वैरायटी KRL‑210 की खेती कर रिकॉर्ड 71 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज हासिल की. कम बीज, कम खाद, जीरो टिलेज और पानी की बचत वाली तकनीक से उन्होंने लागत घटाकर अधिक मुनाफा कमाया. आईसीएआर‑सीएसएसआरआई द्वारा विकसित इस किस्म ने खारे खेतों में उपज की नई संभावनाएं खोली हैं.
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