‘हर थाली में बिहारी तरकारी’ अभियानबिहार के सब्जी उत्पादक किसानों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है. सहकारिता विभाग के बैनर तले बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी फेडरेशन लिमिटेड (वेजफेड) ने राज्यस्तरीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजित किया जिसमें करीब 100 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए हैं. यह सम्मेलन ‘हर थाली में बिहारी तरकारी’ अभियान को नई राष्ट्रीय पहचान देने वाला साबित हो रहा है.
दीपनारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में आयोजित इस सम्मेलन का उद्घाटन सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने किया. मंत्री ने कहा कि ‘हर थाली में बिहारी तरकारी’ केवल एक अभियान नहीं बल्कि बिहार के किसानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का व्यापक विजन है. उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार के किसान सशक्त और समृद्ध होंगे तभी राज्य विकसित बन सकता है. बाजार आधारित खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि करना सरकार की प्राथमिकता है.
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य बिहार के सब्जी उत्पादक किसानों को प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों (PVCS) के माध्यम से होटल, रिटेल चेन, प्रसंस्करण इकाइयों और बड़े खरीदारों से सीधे जोड़ना था. वर्तमान में वेजफेड वैशाली के लालगंज स्थित हिंदुस्तान यूनिलीवर, मदर डेयरी सहित कई संस्थानों को नियमित सब्जी आपूर्ति कर रहा है. इस मॉडल को और मजबूत करने के लिए सम्मेलन में बड़े पैमाने पर चर्चा हुई.
सचिव, सहकारिता विभाग, धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि हर गांव और प्रखंड तक PVCS पहुंचे और किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके. उन्होंने इस सम्मेलन को किसानों और खरीदारों के बीच विश्वास बढ़ाने वाला मील का पत्थर बताया.
सम्मेलन में HUL, Nature Frost, Technico, Jain Irrigation, Kivisa Agro और Prakashsri Agro Tech जैसी प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. राज्य के आठों सब्जी संघों (हरित, तिरहुत, मिथिला, मगध, भागलपुर, मुंगेर, सारण और शाहाबाद) के पदाधिकारियों और प्रगतिशील किसानों की सक्रिय भागीदारी रही.
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कंपनियों और सब्जी उत्पादक संघों के बीच लगभग 100 करोड़ रुपये के महत्वपूर्ण MoU और वर्क ऑर्डर पर हस्ताक्षर हुए. हरित सब्जी संघ ने Nature Frost और Harilal के साथ समझौता किया, जबकि तिरहुत सब्जी संघ को Nature Frost से ऑर्डर मिला. Mandi Mitra और Sreja Food के साथ भी महत्वपूर्ण समझौते संपन्न हुए.
यह सम्मेलन बिहार के किसानों के लिए संस्थागत बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा. साथ ही सब्जियों के प्रसंस्करण, भंडारण और बेहतर लॉजिस्टिक्स की व्यवस्था मजबूत होने से किसानों की आय में स्थायी वृद्धि होने की उम्मीद है.
सरकार का मानना है कि सहकारिता मॉडल के जरिए किसानों की सामूहिक ताकत बढ़ाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है. इस पहल से ना सिर्फ किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी बल्कि बिहार को कृषि क्षेत्र में नई पहचान भी मिलेगी.
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