3 करोड़ रुपये खर्च कर हर विधानसभा क्षेत्र में बनेगा आदर्श पशु चिकित्सालयउत्तर प्रदेश की योगी सरकार पशुपालन और पशु चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है. प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस आदर्श पशु चिकित्सालय स्थापित किए जाएंगे, जहां पशुओं को सामान्य उपचार से लेकर जटिल और सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी. इस पहल से लाखों पशुपालकों को बड़ी राहत मिलेगी. पशुधन और दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने यह जानकारी दी.
मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि इन अस्पतालों में डायलिसिस, एक्स-रे, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आंखों की सर्जरी, हड्डी टूटने पर रॉड डालने जैसी ऑर्थोपेडिक सर्जरी और गंभीर रूप से बीमार पशुओं को भर्ती कर इलाज करने की व्यवस्था होगी. पशुओं के भोजन, देखभाल और रिकवरी तक का पूरा प्रबंध भी अस्पताल परिसर में किया जाएगा। प्रत्येक आदर्श पशु चिकित्सालय पर तीन करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जाएंगे.
पशुधन और दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि प्रदेश में पहली बार इस स्तर की व्यापक योजना तैयार की गई है. उन्होंने बताया कि यह पहल प्रदेश के लाखों पशुपालकों के लिए बड़ी सुविधा साबित होने वाली है. उन्होंने बताया कि अभी तक गंभीर बीमारियों या जटिल सर्जरी के लिए पशुपालकों को बड़े शहरों या चुनिंदा संस्थानों का रुख करना पड़ता था, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद आधुनिक उपचार की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी.
मंत्री धर्मपाल सिंह के मुताबिक, योजना के तहत प्रत्येक आदर्श पशु चिकित्सालय को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा. वहीं, अस्पतालों में डायलिसिस यूनिट, डिजिटल एक्स-रे, ऑपरेशन थिएटर, रिकवरी वार्ड और भर्ती वार्ड बनाए जाएंगे. आंखों की बीमारियों का इलाज और ऑपरेशन भी यहीं होगा, जबकि दुर्घटना या फ्रैक्चर की स्थिति में पशुओं का सफल उपचार किया जा सकेगा. प्रदेशभर के जिलों में यह सुविधा मिलने जा रही है.
पशुपालन मंत्री ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि अस्पतालों में गंभीर पशुओं की भर्ती की भी विशेष व्यवस्था की है. इलाज के दौरान पशुओं के लिए संतुलित भोजन, साफ-सफाई और 24 घंटे चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित की जाएगी. अस्पतालों में पूरे उपचार की प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और पशुपालकों का भरोसा भी मजबूत होगा. उपचार की गुणवत्ता की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी.
पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना का विस्तार जिला स्तर से लेकर विधानसभा क्षेत्र के स्तर तक किया जाएगा. योगी सरकार पशु चिकित्सा सुविधाओं का मजबूत नेटवर्क विकसित करेगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को लंबी दूरी तय न करनी पड़े. उन्होंने बताया कि प्रत्येक आदर्श पशु चिकित्सालय पर तीन करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जाएंगे. इसमें 2.55 करोड़ रुपए से कंस्ट्रक्शन तथा 50 लाख रुपए उपकरण, फर्नीचर, सोलर सिस्टम और अन्य पर खर्च किया जाएगा. इससे प्रदेश में पशु स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत और आधुनिक होगा.
मुकेश मेश्राम ने कहा, योजना का एक महत्वपूर्ण पक्ष मानव संसाधन का विकास भी है. सरकार केवल भवन और उपकरण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बड़ी संख्या में विशेषज्ञ चिकित्सक और पैरा वेटरनरी स्टाफ यहां तैनात होंगे. इन प्रशिक्षित कर्मियों को आधुनिक उपकरणों के संचालन, आपातकालीन उपचार, ऑपरेशन में सहयोग और पशुओं की देखभाल का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. इससे चिकित्सकों को बेहतर सहयोग मिलेगा और इलाज की गुणवत्ता में भी सुधार होगा.
अपर मुख्य सचिव के अनुसार, प्रदेश में पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला है. वहीं, लाखों परिवार दुग्ध उत्पादन, डेयरी, बकरी पालन और अन्य पशुधन गतिविधियों पर निर्भर हैं. समय पर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं मिलने से पशुओं की मृत्यु दर कम होगी, उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और पशुपालकों की आय में भी सकारात्मक वृद्धि होगी. साथ ही प्रदेश के डेयरी और पशुधन क्षेत्र को भी नई मजबूती मिलेगी.
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