Milk Production: ये 20 काम करने से बढ़ जाएगा गाय-भैंस का दूध उत्पादन 

Milk Production: ये 20 काम करने से बढ़ जाएगा गाय-भैंस का दूध उत्पादन 

Milk Production दूध उत्पादन में नंबर वन भारत डेयरी एक्सपोर्ट की टॉप 10 की लिस्ट में भी शामिल नहीं है. ये वाकई परेशानी की बात है. इसी को देखते हुए डेयरी एक्सपर्ट पशुपालन और डेयरी में खास 20 काम करने की सलाह दे रहे हैं. इसे देखते हुए मिल्क रेव्युलेशन-2 की शुरुआत भी की गई है. 

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Milk Production: ये 20 काम करने से बढ़ जाएगा गाय-भैंस का दूध उत्पादन 

देश बीते 27 साल से दूध उत्पादन में नंबर वन बना हुआ है. विश्वस्तर पर भी भारत दूध उत्पादन में पहले नंबर पर है. कई बड़े विकसित देश दूध उत्पादन के मामले में भारत से बहुत पीछे हैं. और ये सब मुमकिन होता है दूध देने वाली गाय-भैंसों की संख्या के चलते. डेयरी और पशुपालन एक्सपर्ट की मानें तो देश में दूध देने वो पशुओं की संख्या 30 करोड़ से ज्यादा है. जबकि इसमे से सिर्फ 10 करोड़ पशु ही लगातार दूध दे रहे हैं. बावजूद इसके देश में बीते साल ही 25 करोड़ टन दूध का उत्पादन हुआ था. दूध उत्पादन के मामले में भैंस पहले तो गाय दूसरे नंबर पर हैं. 

लेकिन परेशानी की बात ये है कि लगातार दूध की डिमांड बढ़ रही है, लेकिन उत्पादन में बढ़ोतरी नहीं हो रही है. एक्सपर्ट का तो ये भी कहना है कि हाईटेक डेयरी टेक्नोलॉजी के बावजूद प्रति पशु दूध उत्पादन के मामले में हम बहुत पीछे हैं. विश्व में कई छोटे-बड़े देश प्रति पशु दूध उत्पादन के मामले में हमसे बहुत ज्यादा हैं. डेयरी एक्सपोर्ट के मामले में हमारा देश पीछे हैं. लेकिन हम दोनों ही क्षेत्रों में पीछे हैं. इसी में सुधार लाने के लिए एक्सपर्ट मिल्क रेव्युलेशन-2 पर जोर दे रहे हैं. 

डेयरी में ऐसे बढ़ेगा मुनाफा

अमूल के पूर्व एमडी और इंडियन डेयरी एसोसिएशन के पूर्व प्रेसिडेंट डॉ. आरएस सोढ़ी ने डेयरी और पशुपालन से जुड़े कुछ टिप्स दिए हैं.
  

  • डेयरी की तस्वीर बदलने के लिए छह बिन्दुओं पर मिल्क रेव्युलेशन-2 की तरह से काम करना होगा. 
  • अगर ऐसा होता है तो डेयरी सेक्टर और उससे जुड़े पशुपालकों की तस्वीर एकदम बदल जाएगी. 
  • इसके लिए पहले तो हमे प्रति पशु दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर देना होगा. 
  • आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट बनाने के साथ ही उनकी संख्या भी बढ़ानी होगी. 
  • एक्सपोर्ट और घरेलू दोनों लेवल के बाजार का दायरा बढ़ाना होगा. 
  • इंटरनेशनल मार्केट में डिमांड को देखते हुए घी पर बहुत ज्यादा काम करने की जरूरत है. 
  • सरकार की मदद से कोऑपरेटिव, डेयरी वैल्यू चेन और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा. 
  • मौजूदा वक्त की सबसे बड़ी परेशानी को देखते हुए पशुओं की चारा लागत को कम करना होगा.  

पशुपालक इनकम बढ़ाने को करें ये काम  

  • आज सबसे बड़ी जरूरत ज्यादा से ज्यादा किसानों को पशुपालन में लाने की है. 
  • जो पहले से काम कर रहे हैं उन्हें रोकने पर भी ध्यान देना होगा. 
  • चार-पांच गाय-भैंस पालने वाले पशुपालक को कुछ बचता नहीं है. 
  • क्योंकि दूध की कमाई का एक बड़ा हिस्सा चारे में खर्च हो जाता है. 
  • लगातार बिजली-डीजल महंगी होने से लागत बढ़ गई है. 
  • किसान के बच्चे आज पशुपालन में भविष्य बनाना नहीं चाहते हैं. 
  • जब तक पशुपालन अर्गेनाइज्ड नहीं होगा तो दूध उत्पादन की लागत भी कम नहीं होगी. 

मुनाफे पर असर डालती है पैकिंग 

  • खासतौर पर खाने की चीजों पर अच्छी या खराब पैकेकिंग का असर पड़ता है. 
  • दूध को छोड़कर बाकी सारे डेयरी प्रोडक्ट प्रोसेस होते हैं. 
  • आइसक्रीम में भी पैकिंग का बड़ा रोल है. 
  • पैकिंग के चलते ही डेयरी प्रोडक्ट के रेट बाजार पर भी असर डालते हैं.

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