प्रतीकात्मक फोटो. यूपी में पशुपालन करने वाले पशुपालकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. खासतौर पर यूपी के 18 शहरों में पशुपालन करने वाले पशुपालकों को जल्द ही एक बड़ी सौगात मिलने वाली है. उनके दूध को एक बड़ा खरीदार मिलने वाला है. क्योंकि बीते 8 साल से लगातार बंद चल रहा एक बड़ा डेयरी प्लांट दोबारा से शुरू हो गया है. इसके शुरू होते ही अब दूध की जरूरत होगी. इस प्लांट की 4 लाख लीटर दूध प्रतिदिन प्रोसेसिंग की क्षमता है. अभी फिलहाल 1.5 लाख लीटर क्षमता के साथ प्लांट को शुरू किया गया है.
नेशनल डेयरी डवलपमेंट बोर्ड (NDDB) ने यूपी सरकार से 10 साल के लिए इस प्लांट को लीज पर लिया है. मदर डेयरी प्लांट का संचालन कर रही है. यूपी सरकार का ये प्लांट कन्नौज में है. खास बात ये है कि शुरू होने के तीन-चार साल बाद ही इस प्लांट पर ताला लग गया था. इसके बाद से ही 18 से ज्यादा शहरों के पशुपालक इस इंतजार में थे कि कब इस प्लांट का ताला खुले और दूध की सप्लाई शुरू हो.
यूपी की पराग डेयरी के लिए साल 2018 में ये डेयरी प्लांट बनकर तैयार हुआ था. कन्नौज में इसकी बुनियाद रखी गई थी. विदेशी मशीनों की मदद से इस डेयरी प्लांट को शुरू किया गया था. प्लांट में यूपी के ही 18 शहर आगरा, मथुरा, कन्नौज, फिरोजाबाद, एटा, हाथरस, अलीगढ़, बुलंदशहर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, औरेया, बरेली, मैनपुरी, हमीरपुर, हरदोई, शाहजहांपुर, बाराबंकी और फर्रखाबाद से प्लांट में दूध आता था. लेकिन फिर अचानक से साल 2022 में प्लांट पर ताला लग गया. बीच में कई बार कोशिश की गई थी कि प्लांट को दोबारा से शुरू किया जा सके, लेकिन ऐसा नहीं हो सका.
फिर एनडीडीबी ने यूपी सरकार से 10 साल की लीज पर इसे ले लिया है. एनडीडीबी की ओर से मदर डेयरी इसे प्लांट को चला रही है. अभी कानपुर नगर, कानपुर देहात, औरेया, कन्नौज, इटावा और फर्रखाबाद से प्लांट में दूध आ रहा है. लेकिन जल्द ही 18 में से बाकी बचे शहरों से भी प्लांट के लिए दूध खरीदा जाएगा. क्योंकि प्लांट की क्षमता 4 लाख लीटर दूध रोजना की है.
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