उत्तर प्रदेश में 38.8 मिलियन मीट्रिक टन दूध उत्पादन से किसानों की बढ़ी आय, देश में बना नंबर-1

उत्तर प्रदेश में 38.8 मिलियन मीट्रिक टन दूध उत्पादन से किसानों की बढ़ी आय, देश में बना नंबर-1

Milk Production: दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने बताया कि डेयरी क्षेत्र में 28,000 करोड़ रुपये से अधिक के 829 एमओयू  किए गए हैं. उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के अंतर्गत 39 लाख लीटर प्रतिदिन दुग्ध प्रसंस्करण एवं अवशीतन क्षमता में वृद्धि हुई है तथा लगभग 10,000 रोजगार दिए गए हैं.

Advertisement
उत्तर प्रदेश में 38.8 मिलियन मीट्रिक टन दूध उत्पादन से किसानों की बढ़ी आय, देश में बना नंबर-1दुग्ध उत्पादन में 16 प्रतिशत योगदान के साथ देश में प्रथम स्थान पर उत्तर प्रदेश

कभी रोजगार के लिए शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर रहने वाले उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अब अपने ही गांव में कमाई का मजबूत जरिया खड़ा कर रहे हैं. क्योंकि खेती के साथ पशुपालन से ग्रामीणों की कमाई में इजाफा हो रहा है.  प्रदेश की दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने बताया कि वर्ष 2024-25 में भारत लगभग 248 मिलियन मीट्रिक टन दुग्ध उत्पादन के साथ विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है, जिसमें उत्तर प्रदेश लगभग 38.8 मिलियन मीट्रिक टन दुग्ध उत्पादन एवं लगभग 16 प्रतिशत योगदान के साथ देश में प्रथम स्थान पर है. वहीं, डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तीकरण, रोजगार सृजन एवं किसानों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम है.

सरकारी योजनाओं से बढ़ी किसानों की आय

उन्होंने बताया कि नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं से कुल 17,994 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है तथा 4,951 प्रारम्भिक दुग्ध सहकारी समितियों के गठन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 2.25 लाख रोजगार सृजित हुए हैं. इस कार्यक्रम में पूरे प्रदेश में 2100 नव चयनित मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-सवंर्धन योजना, 1500 से अधिक मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना तथा 450 से अधिक नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को चयन पत्र वितरित किए गये हैं.

डेयरी क्षेत्र में 28,000 करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू

दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने बताया कि डेयरी क्षेत्र में 28,000 करोड़ रुपये से अधिक के 829 एमओयू  किए गए हैं. उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के अंतर्गत 39 लाख लीटर प्रतिदिन दुग्ध प्रसंस्करण एवं अवशीतन क्षमता में वृद्धि हुई है तथा लगभग 10,000 रोजगार दिए गए हैं. उन्होंने बताया कि निवेशकों को डीबीटी के माध्यम से लगभग 42 करोड़ रुपये का अनुदान भी उपलब्ध कराया गया है. दरअसल, प्रदेश में बड़े पैमाने पर पशुपालन, बेहतर डेयरी ढांचा और किसानों की सक्रिय दूध उत्पादन को बढ़ावा देती है.

ये भी पढ़ें-

UP में 2.45 करोड़ से अधिक किसानों को मिली Farmer ID, देश के टॉप-10 में बनाई जगह 

मसालों से लेकर पनीर तक में जहर! हैदराबाद में 140 दिनों में 246 टन मिलावटी सामान जब्त

POST A COMMENT