
मिलावटी सामान दिखाते हुए हैदाराबाद पुलिसक्या आपकी रसोई में इस्तेमाल होने वाले मसाले सुरक्षित हैं? रोजाना खाने में इस्तेमाल होने वाले जीरा, अजवाइन, लौंग और सरसों में मिलावट पर बड़ा खुलासा हुआ है. हैदराबाद पुलिस की H-FAST (Hyderabad Food Adulteration Surveillance Team) और GHMC फूड सेफ्टी विभाग ने संयुक्त कार्रवाई में 13 मसाला निर्माण और प्रोसेसिंग यूनिट्स पर छापेमारी कर करीब 25.3 टन मिलावटी मसाले जब्त किए है. इस मामले में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. H-FAST ने गठन के बाद महज 140 दिनों में 659 छापेमारी की हैं. टीम ने इस दौरान 202 एफआईआर दर्ज की और 246 टन मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थ जब्त किए हैं. इसके अलावा 232 मामलों को GHMC फूड सेफ्टी विभाग को भेजा गया है. टीम ने 46 पनीर और 83 घी बिक्री केंद्रों का भी निरीक्षण किया है.
जांच में सामने आया कि लोगों की रसोई तक पहुंचने वाले मसालों में कपड़ों में इस्तेमाल होने वाले रंग (Fabric Dye), सिंथेटिक फूड कलर, इंडस्ट्रियल परमानेंट कलर, टैल्कम पाउडर और राइस ब्रान ऑयल मिलाकर उन्हें चमकदार, भारी और अधिक आकर्षक बनाया जा रहा था, ताकि बाजार में ज्यादा कीमत वसूली जा सके. अधिकारियों के अनुसार जीरा, अजवाइन, लौंग, शाही जीरा, सौंफ और सरसों जैसे रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले मसालों में कथित तौर पर यह मिलावट की जा रही थी.
जांच में यह भी सामने आया कि खराब और रिजेक्ट किए गए सरसों के स्टॉक में फैब्रिक डाई, टैल्कम पाउडर और तेल मिलाकर उसे दोबारा बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी. वहीं, लौंग और शाही जीरे पर सिंथेटिक रंग चढ़ाकर उन्हें अच्छी क्वालिटी का दिखाया जा रहा था. इसके अलावा अजवाइन, शाही जीरा और अन्य मसालों में भी औद्योगिक रंग मिलाने के सबूत मिले.

छापेमारी के दौरान 7,920 किलोग्राम अजवाइन, 6,700 किलोग्राम जीरा, 550 किलोग्राम लौंग, 2,280 किलोग्राम शाही जीरा, 540 किलोग्राम सौंफ, 4,960 किलोग्राम सरसों और 2,350 किलोग्राम जीरे की धूल समेत कुल 25,300 किलोग्राम मिलावटी मसाले जब्त किए गए. इसके अलावा 89 टन से अधिक कच्चा माल, जिसमें सरसों, मेथी और तिल के बीज, सिंथेटिक डाई, शाइनिंग पाउडर, राइस ब्रान ऑयल और प्रोसेसिंग में इस्तेमाल होने वाली तीन रोलिंग मशीनें शामिल हैं, भी जब्त की गईं. फूड सेफ्टी अधिकारियों ने सभी यूनिट्स से नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए हैं.
पुलिस ने कट्टेदान निवासी राहुल भाटी, बेगम बाजार निवासी विशाल पंवार और बेगम बाजार निवासी दुलीचंद कच्छावा को गिरफ्तार किया है. इस मामले में दो केस मैलारदेवपल्ली पुलिस स्टेशन और एक केस बालापुर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है. आरोपियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 और अन्य संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
पिछले कुछ महीनों में H-FAST ने 27 टन से अधिक मिलावटी अदरक-लहसुन पेस्ट, जिसमें टाइटेनियम डाइऑक्साइड और एसिटिक एसिड का इस्तेमाल किया जा रहा था, का खुलासा किया. इसके अलावा 12 टन से ज्यादा सड़ा हुआ मीट, करीब 60 टन गलत तरीके से संग्रहीत पोल्ट्री वेस्ट, केमिकल से पकाए गए फल, मिलावटी अचार, चाय पाउडर, सिंथेटिक पनीर, मिलावटी दही, क्रीम और घी के मामलों का भी भंडाफोड़ किया गया. साथ ही खराब गुणवत्ता वाले आरओ वाटर प्लांट और अस्वच्छ खाद्य निर्माण इकाइयों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई.
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि औद्योगिक रंग, कपड़ों में इस्तेमाल होने वाले डाई और अन्य गैर-खाद्य रसायनों के लगातार सेवन से लीवर और किडनी को नुकसान, कैंसर का खतरा, पाचन संबंधी गंभीर बीमारियां, एलर्जी, त्वचा रोग तथा तंत्रिका और प्रतिरक्षा तंत्र पर दीर्घकालिक दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं.
हैदराबाद सिटी पुलिस ने लोगों से केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खाद्य सामग्री खरीदने, एफएसएसएआई लाइसेंस की जांच करने, असामान्य रूप से चमकीले रंग वाले मसालों से बचने और बेहद सस्ते दाम पर बिकने वाले खुले या बिना ब्रांड वाले खाद्य उत्पाद नहीं खरीदने की अपील की है.
पुलिस ने लोगों से खाद्य मिलावट या अस्वच्छ खाद्य निर्माण की जानकारी डायल 100 या H-FAST हेल्पलाइन पर देने को कहा है और शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने का भरोसा दिया है. यह पूरी कार्रवाई टास्क फोर्स के डीसीपी गायकवाड़ वैभव रघुनाथ की निगरानी में H-FAST टीम और GHMC फूड सेफ्टी विभाग ने संयुक्त रूप से अंजाम दी. (अब्दुल बशीर की रिपोर्ट)
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