Green Fodder: हरे चारे संग मिलाकर खिलाएं ये पत्तियां, बकरियों का दूध-मीट दोनों बढ़ेंगे 

Green Fodder: हरे चारे संग मिलाकर खिलाएं ये पत्तियां, बकरियों का दूध-मीट दोनों बढ़ेंगे 

Green Fodder बकरी पालन में हरा चारा कैसा खि‍लाएं जिससे उनकी तेजी से ग्रोथ हो, ये वो बड़े सवाल हैं, जो हर छोटे-बड़े बकरी पालक के होते हैं. इसी के चलते ही गोट एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि हरे चारे संग बकरियों को कुछ खास पेड़ों की पत्ति‍यां भी खि‍लानी चाहिएं. इनसे बकरे-बकरियों का उत्पादन बढ़ने के साथ ही बीमारी से भी बचे रहते हैं. 

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Green Fodder: हरे चारे संग मिलाकर खिलाएं ये पत्तियां, बकरियों का दूध-मीट दोनों बढ़ेंगे सीआईआरजी, मथुरा परिसर में मोरिंगा उगाया जा रहा है.

पहले नंबर पर मीट और दूसरे नंबर पर दूध उत्पादन के लिए बकरे-बकरियों का पालन किया जाता है. जो बकरी पालता है तो उसकी यही ख्वाहिश होती है कि बकरी ज्यादा दूध दे और सालभर में 5 से 6 बच्चे भी दे. वहीं बकरे पालने वालों की कोशि‍श होती है कि उसकी ग्रोथ तेजी से हो. अगर गोट एक्सपर्ट की मानें तो ये सब करना बहुत आसान है. बस जरूरत है कि एक्सपर्ट के मुताबिक बकरे-बकरियों को हरा चारा खि‍लाया जाए. केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (सीआईआरजी), मथुरा सीनियर साइंटिस्ट नीतिका शर्मा का कहना है कि कई बार कुछ छोटी-बड़ी बीमारियां भी बकरे-बकरियों का उत्पादन नहीं बढ़ने देती हैं. 

इसलिए जरूरी है कि चारा ऐसा हो जो पेट भी भरे और साथ में पेट का इलाज भी करें. बकरे-बकरी की पसंद का और पौष्टि़क चारा खि‍लाने से बकरी पालन की लागत भी कम हो जाती है. साथ ही अलग-अलग तरह का हरा चारा बकरे-बकरियों को कई तरह की बीमारियों से भी बचाता है. लेकिन, हमेशा एक्सपर्ट की सलाह से ही पशुओं को हरा चारा खि‍लाना चाहिए.  

हरे चारे संग खि‍लाएं ये पत्तियां 

  • बकरे-बकरियों को नीम, अमरुद और मोरिंगा की पत्तियां जरूर खि‍लानी चाहिए. 
  • बरसात के दौरान भेड़-बकरियों को पेड़ों की पत्ति‍यां खि‍लाना बहुत फायदेमंद रहता है. 
  • फसली हरे चारे के मुकाबले पेड़ों की पत्तियों में नमी की मात्रा कम होती है. 
  • फसली चारे में ज्यादा नमी के चलते पशु डायरिया जैसी बीमारी के शि‍कार हो जाते हैं. 
  • बरसात में भेड़-बकरी पालक अमरुद, नीम और मोरिंगा की पत्तियां खि‍ला सकते हैं. 
  • पेड़ों की पत्तिकयां पेट भरने के साथ ही दवाई का काम भी करती हैं. 
  • इन पेड़ों की पत्तिपयों में टेनिन कांटेंट और प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है. 
  • बरसात में तीनों पेड़ की पत्तियां खि‍लाने से भेड़-बकरियों के पेट में कीड़े नहीं होंगे. 
  • बरसात के दौरान दूषि‍त पानी पीने से भेड़-बकरियों के पेट में कीड़े होना आम बात है. 
  • पेट में कीड़े होने वाली बीमारी भेड़-बकरियों की ग्रोथ पर असर डालती है. 
  • पेट में कीड़े होने पर भेड़-बकरियां कितना भी खा लें उनकी ग्रोथ नहीं बढ़ती है.

बकरियों को ऐसे खि‍लाएं पत्तियां 

  • बकरी जमीन पर पड़े चारे के मुकाबले डाल से तोड़कर खाना ज्यादा पसंद करती हैं. 
  • डाल से तोड़कर खाए जाने वाले चारे को बकरी बड़े ही चाव से खाती हैं. 
  • डाल से तोड़कर खाए जाने वाले से बकरे-बकरी की ग्रोथ तेजी से होती है. 
  • नीम, अमरुद, मोरिंगा आसानी से न मिले तो गूलर और अरडू के पत्ते खि‍ला सकते हैं. 
  • मोरिंगा का मुलायम तना भी बकरे*बकरियां बड़े आराम से खाती हैं.

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