Animal Feed: बरसात में दुधारू पशुओं को दलहनी चारा खिलाने से पहले रखें ये ख्याल Animal Feed: बरसात में दुधारू पशुओं को दलहनी चारा खिलाने से पहले रखें ये ख्याल
Animal Feed बरसात के मौसम में चारा और दाना महंगा हो जाता है. ऐसे में पशुओं को उसकी भरपाई के लिए दलहनी चारा खिलाने की सलाह दी जाती है. लेकिन पशुपालक पशुओं को कुछ ज्यादा ही दलहनी चारा खिला देते हैं. जिसके चलते पशुओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसलिए ऐसा करने से बचना चाहिए.
पोषण का खजाना है यह घासनासिर हुसैन - New Delhi,
- Jul 31, 2026,
- Updated Jul 31, 2026, 3:18 PM IST
हर रोज पशुओं को तीन तरह की खुराक देने का नियम है. जैसे हरा चारा, सूखा चारा और दाना-मिनरल्स. लेकिन इसमे भी मौसम के हिसाब से बदलाव होता रहता है. क्योंकि पशुपालक अपने पशुओं को हर वो चीज खिलाता है जिससे दूध उत्पादन बढ़ने के साथ ही दूध में फैट और एसएनएफ की मात्रा भी बढ़े. खासतौर से बरसात के दिनों में इस पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है. क्योंकि एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक बरसात के दिनों में गाय-भैंस का दूध पतला हो जाता है और फैट-एसएनएफ की मात्रा भी घट जाती है. और इसके लिए पशुपालक रोजाना की खुराक में बदलाव करने लगते हैं. हालांकि बदलाव करने के पीछे एक बड़ी वजह खुराक के दाम भी होते हैं.
मौसम के हिसाब से खुराक में शामिल चीजों के दाम घटते-बढ़ते भी रहते हैं. इसी के चलते ही पशुपालकों को चारे और दाने में बदलाव करने की सलाह दी जाती है. अक्सर ऐसा होता है कि बरसात के दिनों में दाना महंगा हो जाता है. लेकिन ज्यादा और क्वालिटी के दूध उत्पादन के लिए दाने वाले पोषण की बहुत जरूरत होती है. और इसी की भरपाई के लिए दाने की जगह पशुपालक दलहनी चारा खिलाना शुरू कर देते हैं. हालांकि ऐसा करते वक्त एक्सपर्ट की सलाह लेना जरूरी हो जाता है.
दलहनी चारा खिलाने के टिप्स
- चारा एक्सपर्ट के मुताबिक हरे चारे में नमी की मात्रा बहुत होती है.
- हरा चारा पशु ज्यादा खा लेता है तो उसे डायरिया संग और बीमारी भी हो जाती हैं.
- चारे में शामिल नमी के चलते दूध की क्वालिटी खराब हो जाती है.
- जब पशु हरा चारा खाए, बाहर चरने जा रहा हो तो उसे सूखा चारा, दाना खिला दें.
- सूखा चारा हरे चारे में मौजूद नमी के लेवल को सामान्य कर देता है.
- दाना खिलाने से दूध में फैट बढ़ने के साथ ही उसकी क्वालिटी और बेहतर हो जाती है.
पेट खराब होने पर ऐसे करें इलाज
- हरा, सूखा चारा, दाना पशु की उम्र, वजन और उसका उत्पादन देखकर दिया जाता है.
- जो पशु उत्पादन नहीं कर रहा है उसे जिंदा और हेल्दी रखने के नियमानुसार डाइट दी जाती है.
- जब दाने की जगह दलहनी हरा चारा खिलाया जाए तो कुछ खास बातों का ख्याल रखें.
- अगर ज्यादा हरा चारा खाने से दस्त हो जाएं तो फौरन डाक्टर से सलाह लें.
- पेट में अफरा हो तो बड़े पशु को 500 ग्राम सरसों के तेल में 50 ग्राम तारपीन का तेल मिलाकर पिलाएं.
- पशुओं को नुकसान से बचाने के लिए दलहनी हरे चारे को थोड़ा सा सुखाकर खिलाएं.
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