बरबरी नस्ल की बकरियां. फोटो क्रेडिट-किसान तकगोट एक्सपर्ट की मानें तो बकरा-बकरी पालन अब पुराने तौर-तरीकों से आगे निकल चुका है. अब सिर्फ बकरी पालन करने से काम नहीं चलता है. बकरी पालन में मोटा मुनाफा कमाने के लिए जरूरी है कि बकरी पालन के साथ ही और भी कुछ जरूरी काम किए जाएं. क्योंकि सिर्फ बकरे-बकरी पालने से ही आपकी बिक्री नहीं बढ़ेगी. मुनाफा कमाने के लिए ये भी आना जरूरी है कि बकरे-बकरी बाजार में कैसे बेचे जाएं. एक्सपर्ट का कहना है कि अब बकरे-बकरी सिर्फ हाट या बाजार में ही नहीं बिकते हैं.
आनलाइन प्लेटफार्म पर भी बकरे-बकरियां आ चुके हैं. लेकिन सवाल वही है कि आनलाइन भी बकरे-बकरी कैसे बेचे जाएं. इसी को देखते हुए सेंट्रल गोट रिसर्च इंस्टीट्यूट (CIRG), मथुरा ट्रेनिंग के दौरान बकरे-बकरे बेचने के टिप्स भी दे रही है. ट्रेनिंग सिलेबस में बकरे-बकरियों की मार्केटिंग का टॉपिक भी शामिल किया गया है.
सीआईआरजी के प्रिंसिपल साइंटिस्ट एके दीक्षित का कहना है कि साइंटीफिक तरीके से बकरी पालन करने के साथ ही यह भी जरूरी है कि आप उसके लिए अच्छा बाजार तलाशे. या फिर बकरे-बकरी के ग्राहकों को अपने फार्म तक लेकर आएं. क्योंकि जो ग्राहक आपके गोट फार्म से 100-100 किमी दूर बैठे ग्राहक को नहीं पता कि आपके फार्म की क्या क्वालिटी है. और न ही आपका फार्म सड़क किनारे किसी दुकान-शोरुम की तरह से है कि आते-जाते किसी की निगाह उस पर जाएगी.
एके दीक्षित का कहना है कि आज सोशल मीडिया के जमाने में अपने कारोबार का प्रचार करना बहुत ही आसान और एक तरह से फ्री भी है. जो खर्च है भी तो वो ना के बराबर होता है. इसके लिए सबसे पहले जरूरी है कि आप अपने गोट फार्म का फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप और यूट्यूब पर अकाउंट बनाएं. बकरे और बकरियों की एकशन फोटो और वीडियो अपलोड करते रहें. उनके बारे में भी लिखें.
इतना ही नहीं, बकरे-बकरियों के साथ ही आपको अपने फार्म के बारे में भी बताना है कि आप फार्म का मैनेजमेंट कैसे करते हैं. साफ-सफाई किस तरह से होती है. बीमारियों को दूर रखने के लिए कैसे बयो सिक्योरिटी का इस्तेमाल करते हैं.
एके दीक्षित का कहना है कि अगर आप बकरा बेच रहे हैं तो उसकी खूबियां अलग होंगी और बकरी बेच रहे हैं तो उसकी अलग. जैसे बकरा बेचना है तो उसके बारे में कुछ और ज्यादा बातें बतानी होंगी. खासतौर पर अगर आप बकरीद के लिए बकरा बेच रहे हैं तो काम और ज्यादा बढ़ जाता है. कुर्बानी के बकरे में सबसे पहले उम्र देखी जाती है. आपको उसके दांत दिखाते हुए दांतों की संख्या बताकर उम्र बतानी है.
बकरा किस नस्ल का है. बकरे का वजन कितना है. बकरा चोटिल नहीं है. बकरे के पैर, कान, पूंछ कहीं से कटे नहीं हैं. उसके सींग भी कहीं से नहीं टूटे हैं. चोटिल और बकरे के किसी भी अंग पर कटे का निशान है तो बकरे की कुर्बानी नहीं होगी. प्रोफाइल में बकरों की खूबसूरती के बारे में भी बताना होगा.
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